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हरियाणा: स्कूलों में रोस्टर प्रणाली खत्म, सभी कर्मचारियों को आना होगा, दिव्यांग व गर्भवती महिलाओं को भी मोहलत नहीं
Tue, 22 Jun 2021 02:49 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 22 Jun 2021 02:49 AM IST
सार
कोरोना के घटते मामलों के बीच हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग ने स्कूलों में रोस्टर सिस्टम खत्म कर दिया है। अब सभी कर्मचारियों को स्कूल आना होगा। कोरोना की वजह से यह सिस्टम स्कूलों में लागू किया गया था। नए आदेश के मुताबिक दिव्यांग, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारी से पीड़ित कर्मचारियों को भी छूट नहीं दी गई है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग ने स्कूलों में स्टाफ के लिए लागू रोस्टर प्रणाली खत्म कर दी है। अब सभी शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को स्कूल आना होगा। दिव्यांग, गर्भवती महिला व गंभीर बीमारियों से पीड़ित स्टाफ को भी कोई छूट नहीं मिलेगी। उन्हें भी स्कूलों में उपस्थित होने का निर्देश जारी कर दिया गया है।
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निदेशक सेकेंडरी शिक्षा ने सोमवार को इस संबंध में सभी जिला शिक्षा, मौलिक शिक्षा, खंड शिक्षा, खंड मौलिक शिक्षा अधिकारियों, स्कूल मुखिया व प्रभारियों को पत्र जारी कर दिया है। इन्हें सुनिश्चित करना होगा कि पूरा स्टाफ स्कूल आए। शिक्षकों को ऑनलाइन पढ़ाई के अलावा स्कूलों में बच्चों का दाखिला प्रतिशत भी बढ़ाना होगा।
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शिक्षक अपने-अपने क्षेत्र के गण्यमान्य लोगों व बच्चों के अभिभावकों से संपर्क करेंगे। उनसे आग्रह किया जाएगा कि अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिल करवाएं। इसके साथ ही सरकारी स्कूल छोड़ने वाले बच्चों के अभिभावकों से भी संपर्क कर यह जानेंगे कि उन्होंने दूसरी जगह दाखिला लिया है या पढ़ाई ही छोड़ दी।
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शिक्षक स्कूल छोड़ने वाले बच्चों व उनके अभिभावकों को दोबारा दाखिला लेने के लिए भी प्रेरित करेंगे। इस कार्य की रोजाना रिपोर्ट स्कूल मुखिया को सौंपनी होगी। स्कूल मुखिया इसे जिला शिक्षा व मौलिक शिक्षा अधिकारियों को भेजेंगे। जिसमें पूरी जानकारी रहेगी कि कितने दाखिला करवाए, कितने अभिभावकों से संपर्क किया। बच्चों के स्कूल छोड़ने का कारण क्या रहा। सरकारी स्कूलों में एक साल में चार लाख से अधिक बच्चे कम हुए हैं। जिसका सरकार ने कड़ा संज्ञान लिया है। अब पता लगाया जा रहा है कि ये बच्चे स्कूल छोड़कर कहां गए।