फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana's scholarship scam hugged on PU

पीयू के गले पड़ा हरियाणा का छात्रवृत्ति घोटाला

Tue, 06 Jul 2021 01:57 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 06 Jul 2021 01:57 AM IST
विज्ञापन
Haryana's scholarship scam hugged on PU
चंडीगढ़। दो साल पहले हरियाणा में हुआ छात्रवृत्ति घोटाला पंजाब विश्वविद्यालय के गले पड़ गया। ईडी ने पीयू से हरियाणा के सभी छात्रों का रिकॉर्ड मांगा है। तीन माह से पीयू इसमें जुटी हुई है, लेकिन डाटा नहीं मिल पा रहा। अब 78 विभागाध्यक्षों को इस कार्य में लगाया गया है। सूत्रों का कहना है कि ईडी की ओर से जो जानकारी मांगी गई है, वह पीयू के पास पूरी नहीं है। ऐसे में पीयू पर भी इसकी आंच आ सकती है।
विज्ञापन

जानकारी के अनुसार हरियाणा में अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग कल्याण विभाग के रैकेट ने छात्र-छात्राओं के आधार नंबर बदलकर छात्रवृत्ति घोटाले को अंजाम दिया था। विभाग की चार सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग कल्याण विभाग के महानिदेशक संजीव वर्मा ने पांच कर्मचारियों को निलंबित करते हुए दो अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पूरे मामले की विजिलेंस जांच की सिफारिश की थी। इस बारे में जांच भी चल रही है। बताया जाता है कि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में हरियाणा में पिछले तीन साल में 236 करोड़ रुपये जारी हुए हैं।
विज्ञापन

केंद्र की है योजना, इसलिए ईडी कर रहा जांच
सूत्रों के मुताबिक पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति केंद्र की योजना है। ऐसे में हरियाणा में जैसे ही घोटाला सामने आया, तो उसके बाद इस प्रकरण को ईडी को सौंपा गया। उसी के आधार पर ईडी छात्रों का डाटा जुटा रहा है। पीयू में हरियाणा के हजारों छात्र पढ़ते हैं। इनमें एससी-एसटी, ओबीसी के छात्र काफी संख्या में हैं। ईडी ने पीयू से पिछले तीन साल का रिकॉर्ड मांगा है। कहा है कि किन-किन छात्रों ने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया और कितना भुगतान हुआ। इसके अलावा छात्रों की अंकतालिका का रिकॉर्ड भी दें। पास या फेल हुए हैं, यह भी बताना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

पीयू में हड़कंप, विभागाध्यक्षों को लगाया गया
पीयू को ईडी का पत्र लगभग तीन माह पहले मिला है, लेकिन अब तक यह रिकॉर्ड नहीं जुटाया जा सका। अब वीसी ने इसके लिए सभी विभागाध्यक्षों के साथ बैठक की। सभी से कहा है कि वे रिकॉर्ड जल्द से जल्द उपलब्ध कराएं। सूत्रों का कहना है कि पीयू के पास पूरा डाटा मिलना मुश्किल है, क्योंकि ईडी को दस्तावेजों की फोटोकॉपी भी देनी होगी।

क्या कहते हैं अधिकारी
ईडी की ओर से मांगी गई जानकारियां जुटाई जा रही हैं। सभी विभागाध्यक्षों से रिकॉर्ड मांगा गया है। साथ ही एससी-एसटी सेल को भी इस कार्य में लगाया गया है। -प्रो. वीआर सिन्हा, डीयूआई पीयू
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed