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हरियाणा की नई आईटी पॉलिसी अगले दो महीने में, पढ़िए क्या होगा खास?
सर्वेश कुमार/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Mon, 08 May 2017 09:39 AM IST
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Haryana CM Manohar lal khattar
- फोटो : अमर उजाला
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सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास को नई रफ्तार देने के लिए अगले दो महीने में नई आईटी पॉलिसी लागू की जाएगी। नई पॉलिसी में कंपनियों को इन्सेटिव देने सहित निवेश को खास तवज्जो दी गई है। इसके तहत कंपनियों को लीज पर जगह देने सहित प्लॉट साइज छोटे करने को भी शामिल किया गया है। इससे प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। नई नीति में शामिल किए जाने वाले प्रावधानों से पंचकूला के सेक्टर-22 स्थित आईटी पार्क को नई उड़ान भरने का मौका मिलेगा।
पंचकूला स्थित आईटी पार्क में फिलहाल महज पांच-छह बड़ी कंपनियां ही काम कर रही हैं। जबकि यहां 28 में से अब भी 10 प्लॉट खाली हैं। उद्योग एवं वाणिज्य, आईटी विभाग के प्रधान सचिव देवेंद्र सिंह ने अमर उजाला से खास बातचीत में कहा कि अगले दो महीने में प्रदेश में नई आईटी पॉलिसी आएगी। इसमें निवेश को बढ़ावा देने के लिहाज से कंपनियों को लीज पर जगह मुहैया कराने सहित कई तरह के इन्सेटिव देने का प्रावधान होगा। इससे कंपनियाें को पंचकूला जैसे टीयर थ्री शहरों में संचालन का बेहतर विकल्प मिलेगा तो दूसरी आईटी कंपनियों में सैकड़ों नए रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
प्रधान सचिव ने बताया कि आईटी पार्क का विस्तार अब बड़े शहरों की अपेक्षा छोटे शहरों की तरफ अधिक हो रहा है। इनमें टीयर टू और टीयर थ्री कंपनियां हैं। कंपनियों के रुझान को देखते हुए मौजूदा इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी को और बेहतर किया जा रहा है, ताकि उन्हें अधिक सुविधाएं मुहैया हो सके। एयरपोर्ट, नेशनल हाईवे और ट्रांसपोर्टेशन के अलावा शिवालिक की पहाड़ियों के नजदीक होने से मौसम के लिहाज से भी पंचकूला देश के अन्य शहरों से बेहतर है। कंपनियों को जिन शहरों में ये सुविधाएं उपलब्ध होंगी, वहां निवेश के विकल्प भी बढ़ेंगे।
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पंचकूला स्थित आईटी पार्क में फिलहाल महज पांच-छह बड़ी कंपनियां ही काम कर रही हैं। जबकि यहां 28 में से अब भी 10 प्लॉट खाली हैं। उद्योग एवं वाणिज्य, आईटी विभाग के प्रधान सचिव देवेंद्र सिंह ने अमर उजाला से खास बातचीत में कहा कि अगले दो महीने में प्रदेश में नई आईटी पॉलिसी आएगी। इसमें निवेश को बढ़ावा देने के लिहाज से कंपनियों को लीज पर जगह मुहैया कराने सहित कई तरह के इन्सेटिव देने का प्रावधान होगा। इससे कंपनियाें को पंचकूला जैसे टीयर थ्री शहरों में संचालन का बेहतर विकल्प मिलेगा तो दूसरी आईटी कंपनियों में सैकड़ों नए रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
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प्रधान सचिव ने बताया कि आईटी पार्क का विस्तार अब बड़े शहरों की अपेक्षा छोटे शहरों की तरफ अधिक हो रहा है। इनमें टीयर टू और टीयर थ्री कंपनियां हैं। कंपनियों के रुझान को देखते हुए मौजूदा इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी को और बेहतर किया जा रहा है, ताकि उन्हें अधिक सुविधाएं मुहैया हो सके। एयरपोर्ट, नेशनल हाईवे और ट्रांसपोर्टेशन के अलावा शिवालिक की पहाड़ियों के नजदीक होने से मौसम के लिहाज से भी पंचकूला देश के अन्य शहरों से बेहतर है। कंपनियों को जिन शहरों में ये सुविधाएं उपलब्ध होंगी, वहां निवेश के विकल्प भी बढ़ेंगे।
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टीयर टू-थ्री शहरों में हैं बेहतर विकल्प
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- फोटो : File Photo
छोटे प्लॉट्स में आएंगी अधिक कंपनियां
आईटी पार्क में कुल 28 प्लॉट हैं, जिनमें से 18 अलॉट हो चुके हैं। इनमें पांच-छह बड़ी कंपनियां भी संचालित हैं, जहां सैकड़ों युवाओं को रोजगार का भी मौका मिला है। हाल ही में आइडिया व एक अन्य आईटी कंपनी ने भी यहां निवेश किया है। एचएसआईआईडीसी (हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन) भी कोशिश कर रहा है कि बड़े प्लॉट जिन्हें कंपनियां लेने से गुरेज कर रही हैं, उन्हें छोटे प्लॉट्स में परिवर्तित कर दिया जाए। इससे अधिक कंपनियों को अपेक्षाकृत कम खर्च में आईटी एवं आईटी इनेबल्ड सर्विसेज के क्षेत्र में काम करने का मौका मिलेगा। लीज पर कंपनियों को जगह देने की बात सिरे चढ़ने से निवेश को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
टीयर टू-थ्री शहरों में हैं बेहतर विकल्प
टीयर वन शहरों में देश के अधिकतर मेट्रो शहर शामिल हैं जो आईटी और आईटी इनेबल्ड कंपनियों के लिहाज से मुफीद होते हैं। इनमें बंगलूरू, हैदराबाद सरीखे शहर हैं, जबकि टीयर टू में देहरादून, चंडीगढ़, पुणे जैसे शहर आते हैं। इससे छोटे शहर जहां बिजनेस, रीयल एस्टेट के विकास की रफ्तार अपेक्षाकृत कम हो वह टीयर थ्री शहरों में शामिल हैं। पंचकूला की भी गिनती भी टीयर थ्री शहरों में होती है।
आईटी पार्क में कुल 28 प्लॉट हैं, जिनमें से 18 अलॉट हो चुके हैं। इनमें पांच-छह बड़ी कंपनियां भी संचालित हैं, जहां सैकड़ों युवाओं को रोजगार का भी मौका मिला है। हाल ही में आइडिया व एक अन्य आईटी कंपनी ने भी यहां निवेश किया है। एचएसआईआईडीसी (हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन) भी कोशिश कर रहा है कि बड़े प्लॉट जिन्हें कंपनियां लेने से गुरेज कर रही हैं, उन्हें छोटे प्लॉट्स में परिवर्तित कर दिया जाए। इससे अधिक कंपनियों को अपेक्षाकृत कम खर्च में आईटी एवं आईटी इनेबल्ड सर्विसेज के क्षेत्र में काम करने का मौका मिलेगा। लीज पर कंपनियों को जगह देने की बात सिरे चढ़ने से निवेश को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
टीयर टू-थ्री शहरों में हैं बेहतर विकल्प
टीयर वन शहरों में देश के अधिकतर मेट्रो शहर शामिल हैं जो आईटी और आईटी इनेबल्ड कंपनियों के लिहाज से मुफीद होते हैं। इनमें बंगलूरू, हैदराबाद सरीखे शहर हैं, जबकि टीयर टू में देहरादून, चंडीगढ़, पुणे जैसे शहर आते हैं। इससे छोटे शहर जहां बिजनेस, रीयल एस्टेट के विकास की रफ्तार अपेक्षाकृत कम हो वह टीयर थ्री शहरों में शामिल हैं। पंचकूला की भी गिनती भी टीयर थ्री शहरों में होती है।