{"_id":"5de801608ebc3e548d6f2625","slug":"haryana-s-jawan-amit-martyred-in-avalanche","type":"story","status":"publish","title_hn":"देश सेवा में झज्जर का एक और लाल शहीद, फोन पर आखिरी बार पत्नी से कही थी ये बात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देश सेवा में झज्जर का एक और लाल शहीद, फोन पर आखिरी बार पत्नी से कही थी ये बात
Thu, 05 Dec 2019 12:33 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झज्जर (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झज्जर (हरियाणा)
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 05 Dec 2019 12:33 AM IST
विज्ञापन
शहीद जवान का फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झज्जर के मुंदसा गांव का लाल अमित हिमस्खलन के चलते श्रीनगर में बुधवार को शहीद हो गया। गांव के सरपंच प्रतिनिधि बृजपाल को प्रशासन की ओर से बुधवार की शाम इसकी सूचना दी गई। शहीद का पार्थिव शरीर गुरुवार की शाम करीब तीन बजे झज्जर पहुंचेगा। हिमस्खलन के चलते शहीद होने वाले झज्जर का बेटा अमित आर्मी की जाट रेजिमेंट में दिसंबर 2010 में भर्ती हुआ था।
विज्ञापन
वहीं अमित की शादी सुमित के साथ 11 नवंबर 2017 में हुई। अमित का केवल एक साल का बेटा है। अमित ने अपनी पत्नी के साथ अंतिम समय सोमवार को फोन पर बात की थी। आखिरी क्षणों में हुई इस बातचीत में उसने इसी माह के अंत तक छुट्टी लेकर घर आने की बात की थी। मार्च माह में अमित घर से अपनी यूनिट में गया था। अमित के शहीद होने की खबर घर में महिलाओं को नहीं दी गई है।
विज्ञापन
-भाई भी है सेना का जवान
शहीद अमित का छोटा भाई प्रवीन भी सेना का जवान है। 2015 में प्रवीन सेना की मीडियम रेजिमेंट में भर्ती हुए थे। जो कि वर्तमान में छुट्टी पर घर आए हुए हैं। वहीं इनके पिता जयबीर पशुपालन विभाग में वीएलडीए के पद पर कार्यरत हैं। शहीद अमित की दो बहनें भी हैं, जो कि शादीशुदा हैं।
विज्ञापन
फोन पर मिली है सरपंच को सूचना
मुंदसा गांव के सरपंच प्रतिनिधि बृज सिंह ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारियों ने अमित के शहीद होने की सूचना दी है। पार्थिव शरीर गुरुवार को गांव में करीब तीन बजे पहुंचेगा। शहीद की अंतिम यात्रा की तैयारी ग्रामीणों के साथ विचार विमर्श के बाद की जाएगी। देश के लिए शहादत देकरअमित ने गांव व जिले का मान बढ़ाया है।