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हरियाणा रोडवेज की बनेगी समय सारिणी, सीटीयू ने मांगा ब्योरा
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चंडीगढ़। परिवहन विभाग कई साल में आईएसबीटी-17 से हरियाणा, यूपी, उत्तराखंड, राजस्थान की ओर जाने वाली बसों की समय-सारिणी नहीं बना पाया है। इसकी वजह से आम जनता को तो परेशानी होती ही है, सीटीयू को भी नुकसान हो रहा है। अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया तो विभाग हरकत में आया है और समय सारिणी बनाने के लिए बैठकें शुरू कर दी हैं।
अमर उजाला ने 24 जनवरी के अंक में जिम्मेदारी से भाग रहे दोनों विभाग, बसों की समय-सारिणी कौन बनाएगा जनाब शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद विभाग के अधिकारियों ने मुद्दे को गंभीरता से लिया और तुरंत विभिन्न राज्यों के साथ बैठक करने का फैसला लिया। परिवहन विभाग के निदेशक प्रद्युमन सिंह ने बताया कि आईएसबीटी-17 से बसों का समय तय करने के लिए उन्होंने हरियाणा रोडवेज के अधिकारियों के साथ बैठक की है। उन्हें कहा गया है कि वह बसों की संख्या और समय बताएं, जिसके बाद बाद समझौते के आधार पर समय सारिणी बनाई जाएगी। इसे ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) की ओर से मंजूरी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल हरियाणा रोडवेज के साथ समझौता होगा, इसके बाद अन्य राज्यों के रोडवेज के साथ भी बैठक कर बसों का समय तय किया जाएगा।
आईएसबीटी-17से वर्तमान में आपसी समझौते से चल रही हैं बसें
आईएसबीटी-17 से वर्तमान में जो बसें चलाई जा रही हैं, वह आपसी समझौते के आधार पर चल रही हैं। वर्तमान समय सारिणी को एसटीए ने मंजूरी नहीं दी है। इसकी वजह से अन्य रोडवेज की बसों पर भी कोई चंडीगढ़ का नियंत्रण नहीं है। कई राज्य मनमर्जी से आईएसबीटी-17 से बसें चला रहे हैं। आईएसबीटी-17 से हरियाणा रोडवेज की उन जिलों के लिए भी बसें चल रही हैं, जिनकी मंजूरी नहीं दी गई है। इसका खामियाजा सीटीयू को भुगतना पड़ रहा है। इससे राजस्व में भी नुकसान हो रहा है। दूसरी तरफ, आईएसबीटी-43 से पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर के लिए चलने वाली बसों की समय सारिणी एसटीए की ओर से बनाई गई है।
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अमर उजाला ने 24 जनवरी के अंक में जिम्मेदारी से भाग रहे दोनों विभाग, बसों की समय-सारिणी कौन बनाएगा जनाब शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद विभाग के अधिकारियों ने मुद्दे को गंभीरता से लिया और तुरंत विभिन्न राज्यों के साथ बैठक करने का फैसला लिया। परिवहन विभाग के निदेशक प्रद्युमन सिंह ने बताया कि आईएसबीटी-17 से बसों का समय तय करने के लिए उन्होंने हरियाणा रोडवेज के अधिकारियों के साथ बैठक की है। उन्हें कहा गया है कि वह बसों की संख्या और समय बताएं, जिसके बाद बाद समझौते के आधार पर समय सारिणी बनाई जाएगी। इसे ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) की ओर से मंजूरी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल हरियाणा रोडवेज के साथ समझौता होगा, इसके बाद अन्य राज्यों के रोडवेज के साथ भी बैठक कर बसों का समय तय किया जाएगा।
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आईएसबीटी-17से वर्तमान में आपसी समझौते से चल रही हैं बसें
आईएसबीटी-17 से वर्तमान में जो बसें चलाई जा रही हैं, वह आपसी समझौते के आधार पर चल रही हैं। वर्तमान समय सारिणी को एसटीए ने मंजूरी नहीं दी है। इसकी वजह से अन्य रोडवेज की बसों पर भी कोई चंडीगढ़ का नियंत्रण नहीं है। कई राज्य मनमर्जी से आईएसबीटी-17 से बसें चला रहे हैं। आईएसबीटी-17 से हरियाणा रोडवेज की उन जिलों के लिए भी बसें चल रही हैं, जिनकी मंजूरी नहीं दी गई है। इसका खामियाजा सीटीयू को भुगतना पड़ रहा है। इससे राजस्व में भी नुकसान हो रहा है। दूसरी तरफ, आईएसबीटी-43 से पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर के लिए चलने वाली बसों की समय सारिणी एसटीए की ओर से बनाई गई है।
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