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तीसरे दिन भी चक्का जाम, सरकार ने दिखाई सख्ती, रोडवेज के 5 कर्मचारी नेता सस्पेंड
ब्यूरो/अमर उजाला, कैथल(हरियाणा)
Updated Wed, 12 Apr 2017 10:10 PM IST
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रोडवेज के 5 कर्मचारी नेता सस्पेंड
- फोटो : अमर उजाला
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प्राइवेट बसों को परमिट दिए जाने के विरोध में हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियनों द्वारा रोडवेज बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले की जा रही हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। सरकार द्वारा उठाए गए सख्त कदम के तहत 5 रोडवेज कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं पूर्ण चक्का जाम के कारण लोग भटकते रहे। हड़ताल से निजी वाहन चालकों की चांदी बनीं रहीं। कर्मचारियों ने आंदोलन को ओर तेज करने का ऐलान किया है।
823 में से 273 रुटों पर परमिट दिए जाने के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों द्वारा सोमवार सांय हड़ताल की गई थी। पूर्ण रुप से चक्का जाम के का मंगलवार को भी पूरी तरह से जाम रहा। लगातार तीसरे दिन बुधवार सुबह भी हड़ताल का असर देखने को मिला। बस अड्डे से कोई भी बस गंतव्य के लिए नहीं निकलीं। सुबह भी लोग मायूस होकर लौटते नजर आए। कर्मचारियों ने बस अड्डा परिसर के निकट ही धरना देकर सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष जताया।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि राज्य प्रधान दलबीर किरमारा और ऑल इंडिया रोडवेज यूनियन के राज्य कमेटी सदस्य रमेश सैनी, सहित कर्मचारी नेता सरबत सिंह पूनिया, पहल सिंह तंवर, जसबीर सिंह, शमशेर सिंह, बलराज सिंह सहित अन्य ने कहा कि निजी बसों को परमिट रद्द न करके सरकार अपने अड़ियल रवैये पर कायम है। इस पर उन्होंने पूरे प्रदेश के जिलों में कर्मचारियों को निलंबित करने की प्रक्रिया को शुरू किया है। लेकिन कर्मचारी सरकार द्वारा कर्मचारियों को दबाने की नीति को यूं ही विरोध करते रहेंगे। अगर सरकार ने उनकी मांगो को न माना तो उनके समर्थन में अन्य विभागों के कर्मचारी भी हड़ताल पर चले जाएंगे। जिसका खामियाजा सरकार को ही भुगतना पड़ेगा।
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823 में से 273 रुटों पर परमिट दिए जाने के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों द्वारा सोमवार सांय हड़ताल की गई थी। पूर्ण रुप से चक्का जाम के का मंगलवार को भी पूरी तरह से जाम रहा। लगातार तीसरे दिन बुधवार सुबह भी हड़ताल का असर देखने को मिला। बस अड्डे से कोई भी बस गंतव्य के लिए नहीं निकलीं। सुबह भी लोग मायूस होकर लौटते नजर आए। कर्मचारियों ने बस अड्डा परिसर के निकट ही धरना देकर सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष जताया।
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कर्मचारी नेताओं ने कहा कि राज्य प्रधान दलबीर किरमारा और ऑल इंडिया रोडवेज यूनियन के राज्य कमेटी सदस्य रमेश सैनी, सहित कर्मचारी नेता सरबत सिंह पूनिया, पहल सिंह तंवर, जसबीर सिंह, शमशेर सिंह, बलराज सिंह सहित अन्य ने कहा कि निजी बसों को परमिट रद्द न करके सरकार अपने अड़ियल रवैये पर कायम है। इस पर उन्होंने पूरे प्रदेश के जिलों में कर्मचारियों को निलंबित करने की प्रक्रिया को शुरू किया है। लेकिन कर्मचारी सरकार द्वारा कर्मचारियों को दबाने की नीति को यूं ही विरोध करते रहेंगे। अगर सरकार ने उनकी मांगो को न माना तो उनके समर्थन में अन्य विभागों के कर्मचारी भी हड़ताल पर चले जाएंगे। जिसका खामियाजा सरकार को ही भुगतना पड़ेगा।
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रेलवे स्टेशनों पर बढ़ी भीड़
रोडवेज का चक्का जाम
- फोटो : अमर उजाला
पांच कर्मचारियों को किया गया सस्पेंड
सरकार ने हड़ताल के कारण डिपो से सर्व कर्मचारी संघ के राज्य उप प्रधान जसबीर सिंह, रामपाल नैना, सूबे सिंह, हाकम सिंह, राजबीर भाणा को निलंबित किया गया है।
रेलवे स्टेशनों पर बढ़ी भीड़
रोडवेज बसों के बंद होने के बाद से रेलवे स्टेशन पर भी भीड़ दोगुनी हुई है। दिल्ली और चंडीगढ़ के लिए कोई निजी वाहन व बस न मिलने के कारण यात्री ट्रेन से कुरुक्षेत्र होकर अंबाला, चंडीगढ़ व दिल्ली की ओर जा रहे है।
145 बसों में से नहीं चली एक भीनहीं
डिपो में कुल 145 बसें रूट पर तैनात है। लेकिन बुधवार किसी भी रूट पर एक भी बस नहीं चली है। जिसके चलते रोडवेज विभाग को करीब 35 लाख रुपये का फटका लगा है।
इन गांवों में पूरी तरह से बंद हुई बस सर्विस
बसों के बंद होने के बाद जिला के कई गांवों का शहर का बसों के माध्यम से लिंक पूरी तरह से टूट चुका है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार चीका के बिच्छियां, अरनौली, बुढाखेड़ा, चंदाना, खुराना, डोहर, मलिकपुर, नौच, मटौर, बड़सीकरी, दाबन खेड़ी सहित कई गांवों में निजी बसों की कोई सुविधा न होने के कारण यहां के ग्रामीणों को शहर तक आने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
सरकार ने हड़ताल के कारण डिपो से सर्व कर्मचारी संघ के राज्य उप प्रधान जसबीर सिंह, रामपाल नैना, सूबे सिंह, हाकम सिंह, राजबीर भाणा को निलंबित किया गया है।
रेलवे स्टेशनों पर बढ़ी भीड़
रोडवेज बसों के बंद होने के बाद से रेलवे स्टेशन पर भी भीड़ दोगुनी हुई है। दिल्ली और चंडीगढ़ के लिए कोई निजी वाहन व बस न मिलने के कारण यात्री ट्रेन से कुरुक्षेत्र होकर अंबाला, चंडीगढ़ व दिल्ली की ओर जा रहे है।
145 बसों में से नहीं चली एक भीनहीं
डिपो में कुल 145 बसें रूट पर तैनात है। लेकिन बुधवार किसी भी रूट पर एक भी बस नहीं चली है। जिसके चलते रोडवेज विभाग को करीब 35 लाख रुपये का फटका लगा है।
इन गांवों में पूरी तरह से बंद हुई बस सर्विस
बसों के बंद होने के बाद जिला के कई गांवों का शहर का बसों के माध्यम से लिंक पूरी तरह से टूट चुका है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार चीका के बिच्छियां, अरनौली, बुढाखेड़ा, चंदाना, खुराना, डोहर, मलिकपुर, नौच, मटौर, बड़सीकरी, दाबन खेड़ी सहित कई गांवों में निजी बसों की कोई सुविधा न होने के कारण यहां के ग्रामीणों को शहर तक आने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
बिजली कर्मचारियों ने किया हड़ताल का समर्थन
हरियाणा रोडवेज की सेवाएं ठप
- फोटो : अमर उजाला
यात्री परेशान:-
जींद निवासी सोनू व रोबिन शर्मा ने बताया कि वह किसी काम से कैथल निजी वाहन से आए थे। जो कैथल का था। बसों के बंद होने से दिनभर सफर करने वाले यात्रियों की दिनचर्या पर गहरा असर हुआ है। अब उन्हें दो घंटे के बाद आने वाली ट्रेन पर जाना पड़ेगा जिसमें बस से अधिक समय लगेगा।
छात्रा विशाखा ने कहा कि पिछले दो दिनों से कॉलेज में आने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। निजी बसों में काफी अधिक भीड़ होती है। जिस कारण उन्हें सीट तक नहीं मिल पाती।
गांवों से शहर में ड्यूटी पर तैनात लोगों को भी समस्या बसे बंद होने से कम नहीं हो रही है। गांव सेरधा निवासी रमन ने बताया कि उनके गांव में निजी बस नहीं चलती। केवल दो बसे रोडवेज की जाती है। लेकिन हड़ताल के कारण वह भी बंद है। काफी परेशानी हो रही है।
बिजली कर्मचारियों ने किया हड़ताल का समर्थन
हरियाणा बिजली कर्मचारी महासंघ यूनिट ने रोडवेज कर्मचारियों का समर्थन किया गया। यूनिट प्रधान इकबाल ने कहा कि अगर सरकार ने रोडवेज के कर्मचारियों के साथ किसी भी तरह का उत्पीड़न और दमनकारी नीति का उपयोग किया तो बिजली कर्मचारी रोडवेज के कर्मचारियों के साथ आंदोलन करने को बाध्य होगी। इस अवसर पर यूनिट सचिव दिलबाग सिंह, वरिष्ठ उपप्रधान ओमप्रकाश, भारत भूषण सहसचिव, कुलदीप नैन, भीम सिंह, अनिल कुमार, होशियार सिंह प्रधान सब यूनिट सब अरबन, तारिफ कुमार, सौरभ, रोहताश, करण, रमेश कुमार व दलबीर सिंह मौजूद रहे।
रागनियों से हो रहा है टाइम पास:-
बस स्टैंड पर धरने पर बैठे रोडवेज कर्मचारी अपने समय बिताने के लिए हरियाणवीं रागनियों का भरपूर आंनद उठा रहे है। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने के साथ ही कर्मचारी हरियाणावीं रागनियों को गाकर व सुनकर अपना समय व्यतीत कर रहे है।
जींद निवासी सोनू व रोबिन शर्मा ने बताया कि वह किसी काम से कैथल निजी वाहन से आए थे। जो कैथल का था। बसों के बंद होने से दिनभर सफर करने वाले यात्रियों की दिनचर्या पर गहरा असर हुआ है। अब उन्हें दो घंटे के बाद आने वाली ट्रेन पर जाना पड़ेगा जिसमें बस से अधिक समय लगेगा।
छात्रा विशाखा ने कहा कि पिछले दो दिनों से कॉलेज में आने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। निजी बसों में काफी अधिक भीड़ होती है। जिस कारण उन्हें सीट तक नहीं मिल पाती।
गांवों से शहर में ड्यूटी पर तैनात लोगों को भी समस्या बसे बंद होने से कम नहीं हो रही है। गांव सेरधा निवासी रमन ने बताया कि उनके गांव में निजी बस नहीं चलती। केवल दो बसे रोडवेज की जाती है। लेकिन हड़ताल के कारण वह भी बंद है। काफी परेशानी हो रही है।
बिजली कर्मचारियों ने किया हड़ताल का समर्थन
हरियाणा बिजली कर्मचारी महासंघ यूनिट ने रोडवेज कर्मचारियों का समर्थन किया गया। यूनिट प्रधान इकबाल ने कहा कि अगर सरकार ने रोडवेज के कर्मचारियों के साथ किसी भी तरह का उत्पीड़न और दमनकारी नीति का उपयोग किया तो बिजली कर्मचारी रोडवेज के कर्मचारियों के साथ आंदोलन करने को बाध्य होगी। इस अवसर पर यूनिट सचिव दिलबाग सिंह, वरिष्ठ उपप्रधान ओमप्रकाश, भारत भूषण सहसचिव, कुलदीप नैन, भीम सिंह, अनिल कुमार, होशियार सिंह प्रधान सब यूनिट सब अरबन, तारिफ कुमार, सौरभ, रोहताश, करण, रमेश कुमार व दलबीर सिंह मौजूद रहे।
रागनियों से हो रहा है टाइम पास:-
बस स्टैंड पर धरने पर बैठे रोडवेज कर्मचारी अपने समय बिताने के लिए हरियाणवीं रागनियों का भरपूर आंनद उठा रहे है। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने के साथ ही कर्मचारी हरियाणावीं रागनियों को गाकर व सुनकर अपना समय व्यतीत कर रहे है।