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2 करोड़ तक पहुंचा रोडवेज का फर्जी बिल घोटाला, रिपोर्ट जारी, अब होगी जांच

Sun, 03 Sep 2017 12:46 AM IST
यशपाल शर्मा, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, चंडीगढ़ Updated Sun, 03 Sep 2017 12:46 AM IST
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haryana roadways fake bills scam reaches two million rupees was investigated
haryana roadways

रोडवेज के चंडीगढ़ डिपो का फर्जी बिल घोटाला दो करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। विभाग के लेखा अधिकारियों और महाप्रबंधक कार्यालय की शुरूआत जांच में लगभग एक करोड़ दस लाख रुपये का घोटाला सामने आया था।

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तत्कालीन परिवहन निदेशक अनीता यादव चंडीगढ़ डिपो के महाप्रबंधक की रिपोर्ट पर घोटाले को अंजाम देने वाले लेखा विभाग के क्लर्क को पहले ही निलंबित कर चुकी है। घोटाला सामने आने के बाद से ही क्लर्क भूमिगत है।
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पहले परिवहन विभाग ने मामले की जांच चंडीगढ़ पुलिस को सौंपी थी, लेकिन परिवहन निदेशक की ओर से गठित समिति की जांच रिपोर्ट के बाद इसे आर्थिक अपराध शाखा को स्थानांतरित कर दिया गया है। अब घोटाले की छानबीन चंडीगढ़ पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा करने जा रही है।

शाखा ने रोडवेज के चंडीगढ़ डिपो से घोटाले से जुड़ा रिकार्ड अपने कब्जे में ले लिया है। लेखा विभाग के उच्च अधिकारियों को आर्थिक अपराधा शाखा ने बीते दिनों रिकार्ड के साथ तलब किया था। अगले सप्ताह शाखा घोटाले की जांच में तेजी लाएगी। आरोपी क्लर्क और विभाग के अन्य अधिकारियों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजे जा चुके हैं।


जांच कमेटी की रिपोर्ट चौंकाने वाली
परिवहन निदेशक की ओर से गठित जांच समिति की रिपोर्ट चौंकाने वाली है। इसमें फर्जी बिल घोटाले की राशि और बढ़ने की संभावना के साथ ही सिस्टम की खामियों को भी उजागर किया गया है।


जांच रिपोर्ट अभी परिवहन निदेशक ने सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन सूत्रों के अनुसार इसमें और अधिकारियों की भी संलिप्तता जाहिर की गई है। रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि फर्जी बिल बनाकर विभाग को राजस्व चपत लगाने का खेल कई सालों से चला आ रहा है।

इसमें कई अधिकारी भी संलिप्त हो सकते हैं। चूंकि, अकेले व्यक्ति के लिए फर्जी बिलों को पास कराना आसान नहीं है। बिल कईचैनल से पास होते हैं।

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अभी प्रारंभिक स्तर पर जांच : पवन
चंडीगढ़ आर्थिक अपराध शाखा के डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि अभी जांच शुरूआती स्तर पर है। रिकार्ड को कब्जे में लेकर पूछताछ के लिए आरोपियों को नोटिस भेजे हैं।

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