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मांगें पूरी न होने पर खफा रोडवेज कर्मचारी, आज से बड़े आंदोलन की तैयारी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 02 Dec 2017 12:22 AM IST
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- फोटो : File Photo
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हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति 2 दिसंबर को रोहतक में सरकार व परिवहन विभाग के खिलाफ निर्णायक आंदोलन का बिगुल बजाएगी। शनिवार को होने वाले राज्य स्तरीय अधिवेशन में रोडवेज के सभी डिपो, सब-डिपो के निर्वाचित पदाधिकारियों के अलावा रोडवेज के अनेक कर्मचारी भाग लेंगे।
समिति के वरिष्ठ नेता वीरेंद्र सिंह धनखड़, जगमोहन आंतिल, इंद्र सिंह बधाना, सरबत सिंह पूनिया ने सरकार के साथ विभाग के उच्च अधिकारियों पर रोडवेज को निजी हाथों में धकेलने का आरोप लगाया है। उन्होंने सरकार को आगाह किया कि विभाग के उच्च अधिकारी रोडवेज जैसे जन विभाग की वास्तविक स्थिति से अवगत नहीं करा रहे हैं। बीते दिनों लंबी दूरी के मार्गों पर चलने वाली बसों को घाटे में बताकर बंद करने का असफल प्रयास किया गया।
रोडवेज की लंबी बसें ही आमदनी का मुख्य साधन हैं। सरकार परिवहन बेड़े में बसों की संख्या बढ़ाने की बजाए विभाग के उच्च अधिकारी विभाग को खत्म करना चाहते हैं, चूंकि लोकल रूट पर तो जनता की लगभग 82 श्रेणियों को मुफ्त परिवहन सुविधा प्रदान की जाती है। परिवहन विभाग में कर्मशाला और कार्यालय स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया, चालक-परिचालकों की भर्ती व अन्य सभी श्रेणियों में खाली पड़े पद वर्षों से नहीं भरे गए। रोडवेज संयुक्त संघर्ष समिति किसी भी कीमत पर विभाग को निगम नहीं बनने देगी।
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समिति के वरिष्ठ नेता वीरेंद्र सिंह धनखड़, जगमोहन आंतिल, इंद्र सिंह बधाना, सरबत सिंह पूनिया ने सरकार के साथ विभाग के उच्च अधिकारियों पर रोडवेज को निजी हाथों में धकेलने का आरोप लगाया है। उन्होंने सरकार को आगाह किया कि विभाग के उच्च अधिकारी रोडवेज जैसे जन विभाग की वास्तविक स्थिति से अवगत नहीं करा रहे हैं। बीते दिनों लंबी दूरी के मार्गों पर चलने वाली बसों को घाटे में बताकर बंद करने का असफल प्रयास किया गया।
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रोडवेज की लंबी बसें ही आमदनी का मुख्य साधन हैं। सरकार परिवहन बेड़े में बसों की संख्या बढ़ाने की बजाए विभाग के उच्च अधिकारी विभाग को खत्म करना चाहते हैं, चूंकि लोकल रूट पर तो जनता की लगभग 82 श्रेणियों को मुफ्त परिवहन सुविधा प्रदान की जाती है। परिवहन विभाग में कर्मशाला और कार्यालय स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया, चालक-परिचालकों की भर्ती व अन्य सभी श्रेणियों में खाली पड़े पद वर्षों से नहीं भरे गए। रोडवेज संयुक्त संघर्ष समिति किसी भी कीमत पर विभाग को निगम नहीं बनने देगी।
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