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हरियाणा: ऊर्जा दक्षता में देश में तीसरे स्थान पर प्रदेश, बीईई की वार्षिक रिपोर्ट में भवन क्षेत्र में 30 में से मिले 22 अंक
Thu, 18 Nov 2021 12:42 AM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Thu, 18 Nov 2021 12:42 AM IST
सार
बिजली निगम के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि इस क्षेत्र में अच्छे प्रदर्शन करने वालों में पंजाब, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश भी शामिल हैं। संयुक्त प्रयासों से यह संभव हो पाया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
‘राज्य ऊर्जा दक्षता सूचकांक (एसईईआई), 2020’ में हरियाणा का प्रदर्शन बेहतर रहा है। ऊर्जा दक्षता ब्यूरो(बीईई) की वार्षिक रिपोर्ट में हरियाणा ने 30 के मुकाबले 22 स्कोर के साथ बेहतर प्रदर्शन कर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा भवन-क्षेत्र में जारी ऊर्जा दक्षता में कर्नाटक पहले और राजस्थान दूसरे स्थान पर रहे। ‘राज्य ऊर्जा दक्षता सूचकांक-2019’ के शुरू में हरियाणा ग्रुप-2 में था और फिर शीर्ष पर आ गया।
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बिजली निगम के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने बताया कि ऊर्जा दक्षता के क्षेत्र में अच्छे प्रदर्शन करने वालों में पंजाब, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश भी शामिल हैं। ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के सहयोग से हरेडा द्वारा किए गए लगातार प्रयासों और मुख्यमंत्री मनोहर लाल के ऊर्जा संरक्षण और ऊर्जा दक्षता पर जोर के चलते यह संभव हो पाया है।
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भवन क्षेत्र में होती है सबसे अधिक उर्जा खपत
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के महानिदेशक डॉ. हनीफ कुरैशी ने बताया कि देश में कुल अंतिम ऊर्जा खपत (टीएफईसी) के मामले में भवन क्षेत्र में सबसे अधिक ऊर्जा की खपत होती है। वर्ष 2017 की तुलना में वर्ष 2027 तक 45 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है। डॉ. कुरैशी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा सरकारी भवनों की पारंपरिक लाइटों को एलईडी में बदलने की पहल, ऊर्जा ऑडिट, ईसीबीसी को अपनाना और ऊर्जा संरक्षण से संबंधित शुरू की गई विभिन्न अन्य योजनाएं भी इस उपलब्धि में सहायक बनी हैं।
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सूचकांक में 16 संकेत परिभाषित
डॉ. कुरैशी ने बताया कि ‘राज्य ऊर्जा दक्षता सूचकांक-2020’ में 16 संकेतकों को परिभाषित किया है। ये डेटा एनर्जी कंजर्वेशन बिल्डिंग कोड (ईसीबीसी-2017), भवनों के अनिवार्य ऊर्जा ऑडिट, ऊर्जा ऑडिट के लिए वित्तीय प्रोत्साहन, निर्माण/रिट्रोफिट, प्रमाणित हरित भवनों को अपनाने से संबंधित हैं। संस्थागत क्षमता का भारत सरकार की ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिसिएंसी द्वारा विश्लेषण किया गया था, जिसके तहत हरियाणा में 300 से अधिक हरित प्रमाणित भवन स्थित हैं।