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Haryana: रणजीत चौटाला और जजपा ने एक दूसरे को दिया समर्थन, दिग्विजय का नामांकन भरवाने पहुंचे रणजीत के पौत्र
Wed, 11 Sep 2024 12:05 AM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़/सिरसा
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़/सिरसा
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Wed, 11 Sep 2024 12:05 AM IST
सार
रणजीत के पौत्र सूर्यप्रकाश दिग्विजय का नामांकन भरवाने पहुंचे। रणजीत के जजपा के पक्ष में आने व इनेलो से आदित्य के आने पर समीकरण बदल गए।
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दिग्विजय सिंह, रणजीत सिंह चौटाला।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
हरियाणा के सिरसा के रानियां से निर्दलीय उम्मीदवार प्रदेश के पूर्व बिजली मंत्री रणजीत चौटाला का जजपा समर्थन करेगी। जजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय चौटाला ने इसका एलान किया है। उन्होंने कहा कि इसके बदले में डबवाली में रणजीत सिंह चौटाला जजपा प्रत्याशी दिग्विजय चौटाला का समर्थन करेंगे।
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डबवाली से कांग्रेस के अमित सिहाग और इनेलो-बसपा के आदित्य चौटाला उम्मीदवार हैं। वहीं, रानियां से अभय चौटाला के बेेेटे अर्जुन चौटाला इनेलो-बसपा के उम्मीदवार हैं। मंगलवार को रणजीत चौटाला के पौत्र सूर्यप्रकाश को डबवाली में दिग्विजय चौटाला के नामांकन के दौरान उनके साथ नजर आए।
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बदले समीकरणों से अब डबवाली सीट पर मुकाबला रोचक हो गया है। कांग्रेस से अमित सिहाग, इनेलो से आदित्य और जजपा से दिग्विजय चौटाला मैदान में उतर चुके हैं। आप से कुलदीप गदराना, भाजपा से सरदार बलदेव सिंह मांगेआना मैदान में हैं। रणजीत सिंह के जजपा के पक्ष में आने और इनेलो से आदित्य चौटाला के आने पर उनको कड़ा संघर्ष करना पड़ेगा।
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पूर्व मंत्री रणजीत चौटाला देवीलाल के बेटे हैं और इस परिवार की दो दो क्षेत्रीय पार्टियां हैं। बावजूद इसके वह निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। रणजीत चौटाला और पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला के बीच देवीलाल की विरासत को लेकर विवाद हो गया था, इसके बाद से रणजीत सिंह ने अलग राह पकड़ ली थी। वह कांग्रेस में भी रहे हैं। पिछली बार टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय चुनाव जीते थे।