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हरियाणा पुलिस भर्ती मामले में एचएसएससी याचिकाकर्ता को दिखाई वीडियो रिकार्डिंग
ब्यूरो/अमर उजाला/चंडीगढ़
Updated Wed, 24 Aug 2016 08:37 PM IST
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हरियाणा में 5000 पुलिसकर्मियों की भर्ती को लेकर दायर याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (एचएसएससी) को आदेश दिए हैं कि वह फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट के अंतर्गत पांच किलोमीटर की दौड़ और उसके बाद आवेदकों की ओर से अंगूठा लगाए जाने को लेकर की गई वीडियोग्राफी याचिकाकर्ता और उनके वकील को वीरवार को अपने कार्यालय में बुलाकर दिखाई।
जस्टिस तजिंदर सिंह ढींढसा ने दो याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह भी कहा कि वीडियोग्राफी में अगर याचिकाकर्ता का यह दावा कि उसने दौड़ के बाद अंगूठा लगाया था, सही नहीं निकला तो याचिकाकर्ता पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही मामले की सुनवाई 26 अगस्त तक स्थगित कर दी गई।
बुधवार को इस मामले में सुनवाई के दौरान एचएसएससी की ओर से बताया गया कि फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट के तहत आयोजित दौड़ का आंकलन पांच चरणों में किया गया था। उम्मीदवारों को दौड़ शुरू होने से पहले, मध्य और अंत में अंगूठा लगाकर दौड़ समाप्त करनी थी। जिन उम्मीदवारों ने दौड़ समाप्त करने के बाद अंगूठा नहीं लगाया, उनकी दौड़ पूरी नहीं मानी गई। इस पर याचिकाकर्ता ने दावा किया कि उन्होंने दौड़ के अंत में अंगूठा लगाया था।
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उल्लेखनीय है कि दो अलग-अलग याचिकाओं में कहा गया कि हरियाणा सरकार ने 19 जुलाई को विज्ञापन के जरिए 5000 पुरुष सिपाहियों को भर्ती की घोषणा की थी। इसके लिए आए आवेदनों की छंटनी के बाद याचिकाकर्ताओं को फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट के लिए बुलाया गया। इस दौरान याचिकाकर्ताओं को तय नियमों के अनुसार पांच किलोमीटर की दौड़ 25 मिनट में पूरी करनी थी, लेकिन याचिकाकर्ताओं ने यह दूरी 20 मिनट से भी कम समय में ही दौड़ पूरी कर ली।
याचिका में आरोप लगाया गया कि 8 अगस्त को फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट का रिजल्ट घोषित किया गया तो उसमें पास हुए उम्मीदवारों में याचिकाकर्ताओं का नाम नहीं था। याचिका में कहा गया है कि यह हैरानी की बात है कि जो उम्मीदवार दौड़ में उनसे पीछे रह गए थे, उनके नाम टेस्ट पास करने वालों की सूची में थे।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि अब 28 अगस्त को भर्ती प्रक्रिया के तहत ही लिखित परीक्षा आयोजित की जा रही है, ऐसे में याचिका लंबित रहते हुए उन्हें इस परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाए। इसके साथ ही हरियाणा सरकार की ओर से जारी फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट का रिजल्ट रद किया जाए। इस पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार और एचएसएससी को नोटिस जारी किया था।
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जस्टिस तजिंदर सिंह ढींढसा ने दो याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह भी कहा कि वीडियोग्राफी में अगर याचिकाकर्ता का यह दावा कि उसने दौड़ के बाद अंगूठा लगाया था, सही नहीं निकला तो याचिकाकर्ता पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही मामले की सुनवाई 26 अगस्त तक स्थगित कर दी गई।
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बुधवार को इस मामले में सुनवाई के दौरान एचएसएससी की ओर से बताया गया कि फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट के तहत आयोजित दौड़ का आंकलन पांच चरणों में किया गया था। उम्मीदवारों को दौड़ शुरू होने से पहले, मध्य और अंत में अंगूठा लगाकर दौड़ समाप्त करनी थी। जिन उम्मीदवारों ने दौड़ समाप्त करने के बाद अंगूठा नहीं लगाया, उनकी दौड़ पूरी नहीं मानी गई। इस पर याचिकाकर्ता ने दावा किया कि उन्होंने दौड़ के अंत में अंगूठा लगाया था।
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उल्लेखनीय है कि दो अलग-अलग याचिकाओं में कहा गया कि हरियाणा सरकार ने 19 जुलाई को विज्ञापन के जरिए 5000 पुरुष सिपाहियों को भर्ती की घोषणा की थी। इसके लिए आए आवेदनों की छंटनी के बाद याचिकाकर्ताओं को फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट के लिए बुलाया गया। इस दौरान याचिकाकर्ताओं को तय नियमों के अनुसार पांच किलोमीटर की दौड़ 25 मिनट में पूरी करनी थी, लेकिन याचिकाकर्ताओं ने यह दूरी 20 मिनट से भी कम समय में ही दौड़ पूरी कर ली।
याचिका में आरोप लगाया गया कि 8 अगस्त को फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट का रिजल्ट घोषित किया गया तो उसमें पास हुए उम्मीदवारों में याचिकाकर्ताओं का नाम नहीं था। याचिका में कहा गया है कि यह हैरानी की बात है कि जो उम्मीदवार दौड़ में उनसे पीछे रह गए थे, उनके नाम टेस्ट पास करने वालों की सूची में थे।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि अब 28 अगस्त को भर्ती प्रक्रिया के तहत ही लिखित परीक्षा आयोजित की जा रही है, ऐसे में याचिका लंबित रहते हुए उन्हें इस परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाए। इसके साथ ही हरियाणा सरकार की ओर से जारी फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट का रिजल्ट रद किया जाए। इस पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार और एचएसएससी को नोटिस जारी किया था।