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Haryana: IRS धीरज गर्ग ने शेल कंपनियों में लगाए रिश्वत के 200 करोड़, एंटी करप्शन ब्यूरो ने कसा शिकंजा

Sun, 19 Feb 2023 08:24 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sun, 19 Feb 2023 08:24 AM IST
सार

एंटी करप्शन ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि 2022 में दर्ज केस की जांच में सामने आया कि आबकारी एवं कराधान विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का एक समूह ट्रांसपोटरों से अवैध वसूली का एक गिरोह चला रहा था। इसके बदले अधिकारियों को हर माह मोटी रकम का भुगतान किया जाता था।

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Haryana: Officer of Excise and Taxation Department Dheeraj Garg invested 200 crore through shell companies
Corruption - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो ने आबकारी एवं कराधान विभाग के वरिष्ठ अधिकारी धीरज गर्ग पर शिकंजा कस दिया है। ब्यूरो की 22 जगह छापेमारी के बाद पता चला है कि गर्ग ने शेल कंपनियों के माध्यम से करीब 200 करोड़ रुपये का निवेश किया है। जांच के दौरान करीब 46 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति का भी खुलासा हुआ है। यह संपत्ति गुरुग्राम और पंचकूला में है। इन दोनों शहरों में गर्ग ने रिहायशी और कमर्शियल प्रॉपर्टी खरीद रखी है। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम आरोपी धीरज गर्ग से पूछताछ कर रही है। इसमें कई और अहम खुलासे होने की उम्मीद है। कई अन्य अधिकारी भी घेरे में आ सकते हैं।
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ट्रांसपोर्टरों के साथ मिलकर कई अधिकारी चला रहे थे रिश्वत वसूली का गिरोह
एंटी करप्शन ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि 2022 में दर्ज केस की जांच में सामने आया कि आबकारी एवं कराधान विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का एक समूह ट्रांसपोटरों से अवैध वसूली का एक गिरोह चला रहा था। इसके बदले अधिकारियों को हर माह मोटी रकम का भुगतान किया जाता था। जांच में यह भी सामने आया है कि ट्रांसपोर्टरों की ओर से विभाग के अधिकारियों को वाहनों के नंबरों की एक सूची दे दी जाती थी, ताकि ड्यूटी पर तैनात अधिकारी उन वाहनों को बिना चेकिंग और बिना रोक-टोक के जाने दें। इस पूरे मामले में बिचौलियों ने प्रमुख भूमिका निभाई और रिश्वत की रकम अधिकारियों तक पहुंचाई।
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धीरज गर्ग से पूछताछ जारी, अन्य अधिकारियों पर भी लटकी जांच की तलवार
जांच में सामने आया है कि विभाग के अधिकारियों ने रिश्वत की राशि का इस्तेमाल संपत्ति अर्जित करने के लिए किया। जांच आगे बढ़ी तो सामने आया कि पलवल और फरीदाबाद के तत्कालीन अतिरिक्त आबकारी एवं कराधान आयुक्त धीरज गर्ग ने विभिन्न स्थानों पर बेनामी संपत्ति खरीदी हैं। 22 ठिकानों पर की गई छापेमारी में करीब 46 करोड़ रुपये की संपत्ति अवैध रूप से अर्जित करने का आरोप है। ब्यूरो प्रवक्ता का कहना है कि अभी जांच जारी है। आरोपी से पूछताछ चल रही है। पूछताछ में जो भी खुलासे होंगे, उसी आधार पर आगे जांच बढ़ेगी।
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