हरियाणा: क्वारंटीन अवधि में कर्मचारियों का नहीं कटेगा वेतन, ई-संजीवनी पर लोगों को मुफ्त इलाज
- मोबाइल, प्रिंटर व कंप्यूटर इस्तेमाल न करने की सलाह
- सरकारी विभागों में ड्यूटी को साप्ताहिक रोस्टर होगा लागू
- गर्भवती महिलाएं घर से ही करती रहेंगी कार्यालय का काम
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हरियाणा सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकारी विभागों में विशेष एहतियात बरतने का निर्णय लिया है। इस संबंध में सभी विभागों को निर्देशिका जारी कर दी गई है। मुख्य सचिव कार्यालय की तरफ से जारी निर्देश का विभागाध्यक्षों को कड़ाई से पालन कराना होगा। सरकारी कर्मचारियों का क्वारंटीन अवधि का वेतन नहीं कटेगा। उन्हें ड्यूटी पर माना जाएगा।
सरकार ने कर्मचारियों को मोबाइल, प्रिंटर व कंप्यूटर का इस्तेमाल न करने की सलाह दी है। गर्भवती महिलाएं घर से ही काम करेंगी। दिव्यांग कर्मियों को भी घर से काम करने की सुविधा रहेगी। सरकार ने 50 साल से ऊपर के कर्मचारियों के अलावा बीपी, उच्च रक्तचाप, कैंसर, फेफड़ों की बीमारी व हृदय रोग व अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित कर्मियों को अग्रिम पंक्ति के किसी भी काम में न लगाने के निर्देश दिए हैं।
सरकारी कार्यालयों व सचिवालय में आकस्मिक स्थिति में ही लोग आ सकेंगे। रूटीन कार्य के लिए आने पर रोक जारी रहेगी। अस्थायी पास रद्द कर दिए गए हैं। ई सचिवालय, वीडियो मीटिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकारी दफ्तर व सचिवालय में आने वाले हर व्यक्ति की थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य कर दी गई है। उन्हें सैनिटाइजर भी मुहैया कराना होगा। ए व बी श्रेणी के कर्मचारी सौ फीसदी आएंगे। सी व डी श्रेणी कर्मियों पर पचास फीसदी रोस्टर लागू होगा। यह रोस्टर साप्ताहिक रहेगा। दफ्तर में दो कर्मचारियों की कुर्सी के बीच छह फीट का अंतर जरूरी है।
इन बिंदुओं का भी करना होगा पालन
- भौतिक रूप से फाइल नहीं चलेगी। ई ऑफिस प्रोजेक्ट से ही फाइल जाएंगी।
- बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से ही करनी होंगी।
- दफ्तरों में मास्क व सैनिटाइजर की आपूर्ति सूची रखनी होगी
- हाइजीन का दफ्तरों में पूरा ख्याल रखना होगा। साबुन व पानी की कमी नहीं होनी चाहिए
- पानी के टैंक, कूलर व एसी की नियमित सफाई करनी जरूरी है
- अगर स्वास्थ्य कारणों से छुट्टी की जरूरत है तो आवेदन मिलने पर तुरंत दें।
- कर्मचारियों की कोरोना जांच के लिए नियमित शिविर सरकारी कार्यालयों में लगाएं।
स्टे होम ओपीडी से मिलेगा मुफ्त चिकित्सक परामर्श
हरियाणा में लोगों को घर पर ही चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए ‘ई-संजीवनी ओपीडी’ के नाम से स्टे होम ओपीडी की शुरुआत की गई है। इससे राज्य के मरीज स्वयं को ई-संजीवनी पर पंजीकृत कर नि:शुल्क ऑनलाइन चिकित्सक परामर्श ले सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि कोरोना से उत्पन्न परिस्थितियों के फलस्वरूप अन्य बीमारियों के मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके दृष्टिगत केंद्र ने ई-संजीवनी ओपीडी की शुरुआत की है। इसी सेवा को हरियाणा में भी शुरू कर दिया गया है, जिसके तहत अभी तक करीब एक हजार से अधिक मरीजों ने इसका लाभ उठाया है।
राज्य के सभी मरीजों को यह सुविधा पूरी तरह से मुफ्त दी जा रही है। मरीजों को ई-संजीवनी ओपीडी एप को अपने मोबाइल में डाउनलोड करना होगा, जिसके बाद टोकन नंबर मिलेगा। विज ने बताया कि सरकार प्रत्येक मरीज को उनके घर पर ही चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए कृतसंकल्प है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोरोना के कारण लोगों को कई प्रकार की शारीरिक एवं मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए इन दिक्कतों से संबंधित यदि समय पर काउंसलिंग व उपचार न किया जाए तो बीमारी बढ़ने की संभावना बनी रहती है, जिनको दूर करने में स्टे होम ओपीडी की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होंने कहा कि मरीजों के लिए यह सुविधा प्रत्येक सोमवार से शनिवार को सुबह 10 से 1 बजे व शाम 3 से 5 बजे तक रहेगी।