अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने की फीस वृद्धि वापसी की मांग, पंचकूला में जोरदार प्रदर्शन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विभिन्न शिक्षा संस्थाओं द्वारा शुल्क में की गई वृद्धि व तालाबंदी के दौरान लिए शुल्क वापस को करने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने गुरुवार को रोष प्रकट किया। अखिल भारतीय विधार्थी परिषद ने हरियाणा शिक्षा विभाग के समक्ष और सेक्टर- 5 स्थित प्रदर्शन स्थल पर धरना दिया। प्रदेश मंत्री सुमित जागलान के नेतृत्व में आयोजित इस धरना प्रदर्शन में प्रदेशभर से आए छात्र प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों की मांगों की हो रही अनदेखी पर अपना रोष व्यक्त किया ।
परिषद के प्रदेश मंत्री सुमित जागलान ने कहा वर्तमान कोरोना काल में विभिन्न स्तरों पर लोक गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं परंतु ज्यादातर महाविद्यालय सरकार के निर्णय की अनदेखी कर रहे हैं। गत वर्ष दाखिले के समय सरकार द्वारा शुल्क कर दी गई थी। इस फीस वृद्धि को लेकर विद्यार्थी परिषद ने प्रदर्शन किया, अतः सरकार ने यह वृद्धि को वापस लेने का निर्णय किया, परंतु संस्थानों में फीस वापस नहीं दी गई।
परिषद की मांग है इस विषय पर ध्यान दें और जिन संस्थानों में फीस वापस नहीं की गई वहां दिशा निर्देश दें ताकि विद्यार्थियों को उनकी फीस वापस मिल सके। इसके अतिरिक्त परिषद की मांग है कि आगामी अकादमिक स्तर में जिन सुविधाओं का उपयोग छात्र नहीं कर रहे उनके लिए शुल्क बिल्कुल नहीं लिया जाना चाहिए। इसके साथ साथ अभिभावकों को किस्तों में शिक्षा शुल्क जमा करवाने की सुविधा दी जाए।
रिअपीयर के विद्यार्थियों के लिए किसी भी प्रकार की स्थिति स्पष्ट नहीं की गई इसलिए स्थिति को स्पष्ट करते हुए निर्णय लिया जाए, जिससे विद्यार्थियों का वर्ष खराब ना हो। कंटेनमेंट या रेड जोन से आने वाले छात्रों के लिए अलग से परीक्षा देने की व्यवस्था की जाए, जिससे उनका वर्ष बचाया जा सके। बीते मार्च में कुछ विद्यार्थी शिक्षा परिसरों से अपने घर चले गए थे इसलिए उनके छात्रावास निशुल्क आदि वापस किए जाएं।
परीक्षा से पहले ही परिवहन की व्यवस्था सुचारू रूप से शुरू की जाए ताकि परीक्षार्थियों को आने जाने की कोई समस्या ना हो। सबसे जरूरी बात प्रदेश के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की परीक्षा से संबंधित समस्याओं को दूर किया जाए पर्याप्त समय देकर परीक्षा तिथि की जानकारी दी जाए। अगर परीक्षा ऑनलाइन है तो मॉक टेस्ट पहले आयोजित किए जाएं।
परीक्षाओं के समय विद्यार्थियों को आने वाली समस्याओं के समाधान हेतु उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रत्येक जिला केंद्र पर एक जिला कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया जाए। परीक्षाओं या अन्य किसी भी विषय में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा नोटिफिकेशन जानकारी अंग्रेजी माध्यम के साथ-साथ राष्ट्रभाषा हिंदी में भी प्रसारित की जाए।