सीआईडी विवादः हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज बोले- अभी मैं हूं कल रहूं या न रहूं, नहीं कह सकता
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अभी मैं हूं कल रहूं या न रहूं, नहीं कह सकता। हमारे विभागों में पांच साल में कई फैसले हो गए। जिनका हमें पता नहीं लगा। सीएम किसी भी अधिकारी से कोई भी जानकारी ले सकते हैं। उसके लिए किसी को कोई आदेश देने की जरूरत नहीं है और वे लगातार ऐसी जानकारी ले भी रहे हैं। मुख्यमंत्री ही सर्वेसर्वा हैं, मेरी हैसियत ही क्या है कि मैं उनसे टकराऊं।
बहरहाल जो भी हुआ उसकी पल पल की जानकारी आलाकमान को दी जा रही है। यह खुलासा सीआईडी विवाद को लेकर चल रही कश्मकश के बीच गृह मंत्री अनिल विज ने किया है। यहां पत्रकारों के सामने विज ने अपने कार्यालय में अपनी वेदना भी उजागर की। उन्होंने कहा है कि सीआईडी के बगैर गृह विभाग पूरी तरह से मूक बधिर है। यह वही बात हो गई कि किसी व्यक्ति के आंख और नाक न हों।
इसी विवाद में प्रदेश के मुखिया सीएम मनोहर लाल भी ये संकेत दे चुके हैं कि सीआईडी पर अधिकार को लेकर जो वैधानिक औपचारिकताएं हैं, उसे पूरा कर लिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार सीएम के अतिरिक्त प्रधान सचिव सीआईडी को गृह विभाग से अलग विभाग के रूप में स्थापित करने के लिए एक ड्राफ्ट तैयार कर रहे हैं। इसे कैबिनेट मंजूरी के बाद विधानसभा में पास करवाकर सीआईडी को गृह विभाग से अलग कर दिया जाएगा।
इसी सुगबुगाहट के बाद गृहमंत्री विज खासे नाराज नजर आ रहे हैं। गत दिवस विज ने कहा था कि सीआईडी को लेकर जो भागमभाग चल रही है, उसके पीछे मंशा कुछ और ही लग रही है। लेकिन आज विज ने फिर से इस विवाद को हवा देते हुए कहा कि यह भागमभाग क्यों है समय आने पर उजागर करूंगा।
सीआईडी गृह विभाग से अलग होने पर क्या वे गृहमंत्री का पद छोड़ देंगे, इस सवाल पर विज ने कहा कि मैंने अपनी बात से हाईकमान को अवगत करवा दिया है। हाईकमान जैसा कहेंगे, वैसा ही करूंगा। उनके अनुसार हाईकमान को भी सभी चीजों का मालूम हैं। मैंने जो हाईकमान को कहना था, कह चुका हूं।
समय पर जवाब नहीं आया तो, पुलिस अधीक्षकों के खिलाफ होगी कार्रवाई
हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने कहा एक हजार से अधिक लंबित मामलों वाले 13 जिलों के पुलिस अधीक्षकों द्वारा निर्धारित समयावधि में जवाब नही देने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। विज ने कहा कि इस संबंध में 13 जिलों के पुलिस अधीक्षकों से लंबित मामलों का कारण बताने को कहा गया था।
उन्होंने कहा कि वह राज्य की जनता को पुलिस की लापरवाही और असभ्यता का शिकार नहीं होने देंगे, इसके लिए अधिकारियों को समय रहते शिकायतों का निपटान करना होगा। गृहमंत्री ने कहा कि सीआईडी में सुधार के लिए कमेटी का गठन किया गया है, जोकि आधुनिक तकनीकों तथा तरीकों को अपनाने पर अपनी रिपोर्ट देगी। उन्होंने कहा कि गैर पुलिसिंग कार्यों में लगे पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की वापसी पर मंथन किया जा रहा है, जिस पर शीघ्र उचित कारवाई होगी।
न्यूनतम साझा कार्यक्रम की अगली बैठक 23 को
हरियाणा के गृहमंत्री विज ने कहा कि सरकार के न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर भारतीय जनता पाटी व जननायक जनता पार्टी की अगली बैठक 23 जनवरी को उनके कार्यालय में होगी। विज ने कहा कि इस बैठक में दोनों पार्टियों के वादों पर कानूनी और आर्थिक प्रभाव की रिपोर्ट मांगी गई है, जिसका बैठक में विश्लेषण होगा।
बैठक में दोनों पक्षों के नेता एवं अधिकारी मौजूद रहेंगे। दोनों दलों के घोषणा पत्र में 32 के करीब वादे ऐसे हैं, जिन्हें पूरा किया जा सकता है। जबकि 16 वादे ऐसे हैं, जिस पर एजी और वित्त विभाग से रिपोर्ट तलब की है। एजी कार्यालय को बताना है कि इन वादों को पूरा करने मे क्या होई कानूनी पेचदगी है? साथ ही इन वादों को पूरा करने के लिए सरकारी खजाने में कितना पैसा है। इस बैठक में दोनों विभाग अपनी रिपोर्ट दे सकते हैं।