हरियाणा: गृह मंत्री अनिल विज की तबीयत ठीक नहीं, सांस लेने में दिक्कत, पहली बार विस सत्र में नहीं लेंगे हिस्सा
हरियाणा विधानसभा को गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने जानकारी दी कि स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण डॉक्टरों ने आराम करने की सलाह दी है। ऑक्सीजन का स्तर गिरा है। जिससे सांस लेने में दिक्कत हो रही है। गुरुवार को भी उन्होंने ऑक्सीजन सिलिंडर के साथ सचिवालय में काम किया। बीते कुछ दिनों से उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दो भाजपा विधायक मानसून सत्र में हिस्सा नहीं लेंगे। इनमें स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज व विधायक विशंभर वाल्मीकि शामिल हैं। दोनों ने स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता को उपस्थित न होने पाने के लिए पत्र लिखा है। ऐसा पहली बार हो रहा है कि अनिल विज विधायक बनने के बाद विधानसभा सत्र में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।
विज का विधायक के नाते अब तक सभी सत्र में पूरी हाजिरी का रिकॉर्ड है। इसकी जानकारी उन्होंने शुक्रवार को खुद दी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण डॉक्टरों ने आराम करने की सलाह दी है। उनका ऑक्सीजन का स्तर गिरा है। जिससे सांस लेने में दिक्कत हो रही है। गुरुवार को भी उन्होंने ऑक्सीजन सिलिंडर के साथ सचिवालय में काम किया था।
बीते कुछ दिनों से उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा है, बावजूद इसके वह रोजाना दफ्तर में काम कर रहे हैं। शुक्रवार सुबह उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने बताया कि बवानीखेड़ा से भाजपा विधायक विशंभर वाल्मीकि पूरे मानसून सत्र में उपस्थित नहीं हो पाएंगे। वह दुर्घटना में घायल हुए हैं। उन्होंने पत्र भेजकर अनुपस्थिति की जानकारी दी है। स्वास्थ्य मंत्री का पत्र भी उन्हें मिला है। उनकी तबीयत ठीक नहीं है।
इको ग्रीन कंपनी पर फिर सदन में घिरी सरकार
फरीदाबाद-गुरुग्राम कलस्टर में एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की खामियों को लेकर इको ग्रीन कंपनी फिर सुर्खियों में है। शुक्रवार को बड़खल से भाजपा विधायक सीमा त्रिखा ने कंपनी की कार्यप्रणाली पर विधानसभा में सवाल उठाए। उन्होंने सरकार से कंपनी को लेकर प्रश्नकाल में चार सवाल पूछे और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर खामियां गिनाईं।
कांग्रेस विधायक नीरज शर्मा ने भी अनुपूरक सवाल पूछे और कंपनी के कार्यों पर असंतोष जताया। स्वास्थ्य मंत्री विज की अनुपस्थिति में परिवहन मंत्री मूल चंद शर्मा ने विधायकों के सवालों का जवाब दिया। साथ ही कंपनी को समझौते की शर्तों का उल्लंघन करने पर लगाए गए जुर्माना की जानकारी दी।
मूल चंद शर्मा ने बताया कि इकोग्रीन कंपनी को वर्ष 2017 में 22 वर्षों के लिए काम आवंटित किया गया है। नगर निगम फरीदाबाद ने कंपनी को वित्त वर्ष 2017-18 में 53085000 रुपये, 2018-19 में 224765000 रुपये, 2019-20 में 191896000 रुपये, 2020-21 में 240125901 रुपये और 2021-22 में अप्रैल 21 से मई 21 तक 37203701 रुपये जारी किए हैं।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2017 में नगर निगम फरीदाबाद 88वें स्थान पद था जबकि 2020 के स्वच्छ सर्वेक्षण में नगर निगम फरीदाबाद ने 8वां स्थान प्राप्त किया है। अब तक नगर निगम फरीदाबाद ने कंसेसनेयर पर 21433515 रुपये का जुर्माना लगाया है। फरीदाबाद की गोंछि ड्रेन के दोनों ओर सड़क बना दी गई है और साफ सफाई की जा रही है।