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Haryana News: बिहार के शिक्षा मंत्री पर बरसे अनिल विज, कहा- जो राम का नहीं वो किसी काम का नहीं

Thu, 12 Jan 2023 08:59 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 12 Jan 2023 08:59 PM IST
सार

अनिल विज ने कहा कि इस देश की जनता सुबह उठते ही राम-राम करती है। शाम को राम-राम करती है, गांव-शहर में राम-राम करती है। राम रोम-रोम में बसे हैं। कोई भी प्रश्न चिह्न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने रामचरितमानस पर विवादित टिप्पणी की थी और इसे नफरत फैलाने का ग्रंथ कहा था।

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Haryana minister Anil Vij attacked Bihar education minister over controversial statement
बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर व हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज। - फोटो : फाइल

विस्तार

बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर की रामचरित मानस पर की गई विवादित टिप्पणी पर हरियाणा के गृह व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने पलटवार किया है। विज ने कहा कि यह देश राम का है, जो राम का नहीं वो किसी काम का नहीं। गृहमंत्री ने बिहार के शिक्षा मंत्री पर कटाक्ष किया और कहा कि मुझे नहीं लगता कि मंत्री ने रामचरित मानस को पढ़ा है, अगर पढ़ा है तो उनके बयान से ऐसा मालूम होता है कि उनकी इतनी समझ नहीं कि वह रामचरित मानस को समझ सकें। 

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अनिल विज ने कहा कि इस देश की जनता सुबह उठते ही राम-राम करती है। शाम को राम-राम करती है, गांव-शहर में राम-राम करती है। राम रोम-रोम में बसे हैं। कोई भी प्रश्न चिह्न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने रामचरितमानस पर विवादित टिप्पणी की थी और इसे नफरत फैलाने का ग्रंथ कहा था।
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सभी को मिल-जुलकर रहना चाहिए, क्यों उछल-कूद करते हो
गृहमंत्री अनिल विज ने असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर पलटवार किया और कहा कि भारत में रहने से किसी को कौन मना कर रहा है? यहां मिल-जुलकर सभी को रहना चाहिए, क्यों उछल-कूद करते हो? विज ने कहा कि मोहन भागवत ने यही कहा कि भारत में सभी को रहने का अधिकार है। हम कहते हैं कि कॉमन सिविल कोड जल्द लाना चाहिए। 
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वह कॉमन सिविल कोड का समर्थन करने के लिए कहेंगे क्योंकि सब बराबर होने चाहिए और किसी को कोई विशेष अधिकार नहीं होना चाहिए। गौरतलब है कि ओवैसी ने एक बयान में कहा था कि भारत में रहने के लिए मुसलमानों को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है। 

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