हरियाणा: दावे सभी के, 16 को दिखेगा 10 का दम
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हरियाणा में 10 अप्रैल को हुए भारी मतदान के बाद सभी दलों के नेता अब आकलन में जुट गए हैं। पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से फीडबैक ली जा रही है। कांग्रेस, इनेलो, भाजपा-हजकां गठबंधन नेता मतदान के बाद उत्साह में हैं।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर खुद सिरसा से उम्मीदवार थे। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में कांग्रेस अकेली सबसे ज्यादा सीट लेने वाली पार्टी रहेगी। उन्होंने सीधे सीटों की संख्या न बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी को सबसे ज्यादा सीटें मिलेंगी। उन्होंने इसका कारण बताया कि सूबे में केंद्र और राज्य सरकार ने खूब विकास कार्य करवाया है। उन्होंने अपनी सिरसा सीट पर भी जीत का दावा किया है।
इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने दावा किया कि प्रदेश में इनेलो अधिकतम सीटें जीतेगी। सब दस सीटों का दावा न करते हुए अरोड़ा ने कहा कि देश में कांग्रेस के खिलाफ लहर है। हरियाणा में तो कांग्रेस की सरकार के खिलाफ भी लहर है। हरियाणा के लोग सूबे में कांग्रेस के विकल्प के तौर पर इनेलो को मानते हैं इसलिए लोगों ने इनेलो के पक्ष में भारी मतदान किया है।
भाजपा विधायक दल के नेता अनिल विज ने दावा किया कि सूबे की सब 10 सीटें भाजपा-हजकां गठबंधन जीतेगा। उन्होंने दलील दी कि जिस तरह लोकसभा चुनाव में भारी मतदान हुआ है और देश में नरेंद्र मोदी की लहर है, उससे साफ है कि कांग्रेस से छुटकारा पाने के लिए लोगों ने भाजपा-हजकां गठबंधन को वोट दिया है।
तीनों दलों के खुल सकते हैं खाते
हरियाणा में हुए मतदान के बाद जो रुझान सामने आ रहे हैं उनके अनुसार हरियाणा की तीनों महत्वपूर्ण पार्टियों इनेलो, भाजपा और कांग्रेस को सीटें मिल सकती हैं। भाजपा की गठबंधन सहयोगी हजकां भी हिसार में कड़े मुकाबले में है।
हिसार पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। वैसे हिसार में इनेलो-हजकां, सिरसा में इनेलो-कांग्रेस, गुड़गांव में भाजपा-इनेलो के बीच कड़ी टक्कर का अनुमान लगाया जा रहा है। रोहतक में कांग्रेस की जीत पक्की मानी जा रही है।
अंबाला और फरीदाबाद में भाजपा के साथ इनेलो और कांग्रेस का मुकाबला होने की संभावना बन रही है। कुरुक्षेत्र, सोनीपत और भिवानी-महेंद्रगढ़ में कांग्रेस, भाजपा-इनेलो के बीच तिकोना मुकाबला होने की संभावना जताई जा रही है। करनाल में कुछ भी हो सकता है।
रिकार्ड नहीं बना पाए हरियाणावासी
हरियाणा में 16वीं लोकसभा के लिए हुए मतदान में हरियाणावासी रिकार्ड नहीं बना सके। चुनाव आयोग की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार, इस बार 71.86 फीसदी मतदान हुआ, जो हरियाणा में अब तक का तीसरा सर्वाधिक मतदान है।
इमरजेंसी के बाद 1977 में हुए आम चुनाव में हरियाणा में 73.26 फीसदी रिकार्ड मतदान हुआ था जबकि हरियाणा बनने के बाद 1967 में लोकसभा चुनाव के दौरान हरियाणा में 72.61 फीसदी मतदान हुआ था। अब 2014 में 71.86 फीसदी मतदान हुआ है।ं
27 विस क्षेत्रों में 75 फीसदी से ज्यादा मतदान
हरियाणा के 90 विधानसभा क्षेत्रों में से 27 पर 75 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ। नारायणगढ़ में 75.57, साढौरा में 78.74, जगाधरी में 80.29, रादौर में 79.99, लाडवा में 79.60, शाहबाद में 79.32, पेहोवा में 77.65, नरवाना में 76.27, टोहाना में 77.05, रतिया में 77.89, कालांवाली में 80.88, डबवाली में 79.63, रनियां में 80.51, ऐलनाबाद में 80.76, उचाना कलां में 79.31, आदमपुर में 78.86, उकलाना में 78.77, नारनौंद में 78.17, हांसी में 75.98, बरवाला में 77.19, नलवा में 75.62, बवानीखेड़ा में 75.02, इंद्री में 75.07, लोहारू में 75.34, सोहना में 75.88, नूंह में 77.81, फिरोजपुर झिरका में 76.20 फीसदी मतदान हुआ है।