चुनावी मोड में आई कांग्रेस, पास किए कई बिल
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विधानसभा के मानसून सत्र के आगाज के साथ ही हरियाणा सरकार चुनावी मोड में आ गई है। सरकार ने हरियाणा के विभिन्न वर्गों के वोटों पर नजरें गड़ा दी हैं।
विपक्ष के तमाम एतराज के बीच सरकार ने महत्वपूर्ण बिल पारित कर दिए हैं। सोनीपत के राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, हरियाणा के नाम की जगह विश्वविद्यालय का नाम डॉ. बीआर अंबेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, सोनीपत कर दिया गया है। अंबेडकर के नाम पर रखे गए विश्वविद्यालय के इस नाम पर विपक्ष भी ऐतराज नहीं जता सका है।
एचएसजीपीसी पास करके सिखों को लुभाने की कोशिश
इसके अलावा सरकार ने अलग एचएसजीपीसी के गठन का बिल पास कर हरियाणा के करीब 18 लाख सिख मतदाताओं के मतों पर नजरें गड़ा दी हैं।
सदन में बिल पर हुई बहस के दौरान विपक्ष ने कहा कि कांग्रेस ने पिछले दस साल के अपने कार्यकाल में अलग कमेटी के गठन के लिए बिल क्यों नहीं पेश किया।
इनेलो नेताओं ने कहा कि अभी तक कांग्रेस ने इस मामले में कुछ नहीं किया। इसके बाद सिख नेताओं ने बयान दिया कि कांग्रेस ने झांसा देकर उनसे वोट बटोरे हैं।
इनेलो नेताओं के बार-बार कहने पर मुख्यमंत्री हुड्डा ने सदन में कहा कि हम बयानबाजी से इनकार नहीं करते, लेकिन जब सिख नेता फिर से उनके पास आए, तब हमने कार्रवाई की। हुड्डा ने चुटकी लेते हुए कहा कि हमने इतने साल अलग कमेटी नहीं बनाई, तो सजा भुगत ली। अब हम आगे सजा नहीं भुगतना चाहते।
राज्यपाल पहाड़िया भी कांग्रेस से जुड़ने जा रहे
विधानसभा की मोहर लग जाने के बाद एचएसजीपीसी विधेयक पर अब राज्यपाल की मोहर लगने में भी मुश्किल नहीं होगी, क्योंकि राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया कांग्रेस से जुड़े रहे हैं। अभी उनका कार्यकाल भी बाकी है।
इसलिए हुड्डा सरकार भी आश्वस्त दिख रही है। यदि नरेंद्र मोदी सरकार हरियाणा में किसी भाजपा नेता को अब तक राज्यपाल बना देती, तो राजनिवास में इस बिल पर अड़ंगा लगने की आशंका थी। जैसा कि गुजरात समेत कई राज्यों में होता रहा है।
विपक्ष ने किया विवि के नाम का स्वागत
इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला और अशोक अरोड़ा ने कहा कि डॉ. अंबेडकर के नाम पर विवि का नाम करने का हम स्वागत करते हैं, लेकिन हरियाणा के स्कूलों में शिक्षा सुधरनी चाहिए। पिछले दो वर्ष से हरियाणा के स्कूलों का रिजल्ट खराब आ रहा है। स्कूल में ही जब सही पढ़ाई नहीं होगी, तो बच्चे यूनिवर्सिटी में क्या करेंगे।