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हरियाणा भूमि सौदे : ढींगरा रिपोर्ट में नौकरशाही के कामकाज का जिक्र

Mon, 12 Jun 2017 05:10 AM IST
एजेंसी/ नई दिल्ली
एजेंसी/ नई दिल्ली Updated Mon, 12 Jun 2017 05:10 AM IST
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haryana land deals the work of bureaucracy underlined in dhingra report

हरियाणा में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में रॉबर्ट वाड्रा से जुड़े भूमि सौदे सहित कई भूमि सौदों में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच करने वाले आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एसएन ढींगरा ने कहा है कि उनकी रिपोर्ट ‘महत्वपूर्ण व तथ्यों से भरी है’ और इसमें नौकरशाही के कामकाज का उल्लेख किया गया है।

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उन्होंने कहा कि रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन ‘एक बार इसके प्रकाश में आने पर लोग जान जाएंगे कि नौकरशाही किस तरह काम करती है।’ हालांकि दिल्ली उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश ने तीन नौकरशाहों कृष्ण मोहन, केके जालान और राजन गुप्ता की समिति के निष्कर्षों को लेकर शुरू हुए विवाद में पड़ने से इनकार कर दिया। तत्कालीन भूपिंदर सिंह हुड्डा सरकार ने 19 अक्तूबर, 2012 को इस समिति का गठन किया था, जिसने वाड्रा से संबंधित भूमि सौदे को लेकर क्लीनचिट दे दी थी।
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तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभागों के वित्त आयुक्त कृष्ण मोहन सेवानिवृत्त हो चुके हैं। जालान इस समय केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय में सचिव है और तत्कालीन राज्य उत्पाद शुल्क एवं कराधान विभाग के प्रधान सचिव गुप्ता इस समय प्रदेश कैडर में हैं। ऐसी खबर है कि जालान उस समय शहरी एवं ग्राम नियोजन विभाग के प्रधान सचिव थे, जिसने जनवरी, 2011 में वाड्रा के लाइसेंस का नवीकरण किया था और भूमि सौदों में कथित गड़बड़ियों का पता लगाने वाले आईएएस अधिकारी अशोक खेमका ने तब कृष्ण मोहन सहित समिति में उनकी नियुक्ति पर आपत्ति जताई थी।
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सीबीआई पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के शासनकाल में हुए कुछ भूमि सौदे की भी जांच कर रही है और उच्चतम न्यायालय ने संबंधित मामलों की एक श्रंखला पर अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए 12 अप्रैल को कहा था कि ‘सीबीआई चार महीने के अंदर लंबित जांच पूरी कर सकती है।’ हरियाणा सरकार ने भी अप्रैल में 12 अप्रैल के उच्चतम न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए एक सीलबंद लिफाफे में वहां ढींगरा आयोग की रिपोर्ट दायर की थी।

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