हरियाणाः उग्र हुआ जाट आंदोलन, सरकार ने बंद की इंटरनेट सेवाएं
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हरियाणा सरकार जाट आरक्षण को लेकर सुलग रही चिंगारी को शांत करने के लिए प्रदेश में इंटरनेट सेवाएं ठप कर दी गई हैं। प्रदेश सरकार ने इस संबंध में पुलिस प्रमुख से रिपोर्ट तलब कर ली है। पुलिस प्रमुख से पूछा गया है कि गुजरात में पाटीदार आंदोलन के दौरान किस कानून के तहत इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी लगाई गई थी।
हरियाणा में जाट आंदोलन को लेकर सरकार पहले ही धारा 144 लागू कर चुकी है। सोशल मीडिया पर शिकंजा कसने के लिए इंटरनेट सेवाओं को 24 से 48 घंटे तक बंद किया गया है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने हजारों ऐसे नंबर ट्रेस किए हैं, जो वाट्स ऐप और अन्य सोशल मीडिया पर मैसेज का आदान-प्रदान कर रहे हैं।
जाट नेताओं पर बुधवार की बातचीत का असर होता न देख मुख्यमंत्री ने वीरवार दोपहर सचिवालय में बैठक बुलाकर अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया। इसमें वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, एडीजीपी सीआईडी शत्रुजीत कपूर, गृह सचिव पीके दास सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। इस दौरान चर्चा हुई कि पिछले चार दिनों से प्रदेश के रोहतक से शुरू हुए आंदोलन की चिंगारी अब जाटलैंड के लगभग सभी हिस्सों में फैल चुकी है। इस पर काबू पाने के लिए जरूरी कदम उठाने होंगे।
कई जिलों में धारा 144 लागू, पुलिस व सुरक्षा बल अलर्ट
हरियाणा में जाट आंदोलन उग्र हो चुका है। आधे से ज्यादा प्रदेश में हालात बेकाबू बने हुए हैं। धारा 144 लग गई है, कर्फ्यू जैसी स्थिति है। रोहतक, झज्जर, सोनीपत, जींद, हिसार और भिवानी में आंदोलन का सबसे ज्यादा असर पड़ा है। कैथल, कुरुक्षेत्र, सिरसा, फतेहाबाद, रेवाड़ी और करनाल में भी यह तेजी से फैल रहा है। अलग-अलग क्षेत्र की जाट और खाप संस्थाएं भी आंदोलन में कूद गई हैं।
आंदोलन के चलते प्रभावित जिलों का आपस में संपर्क कट गया है। इससे कारोबार पर जबर्दस्त असर पड़ा है। खाद्य पदार्थों, फल-सब्जियों के अलावा अन्य किसी भी उत्पादों का परिवहन नहीं हो रहा है। इससे पिछले पांच दिनों में ही कारोबारियों को 30 करोड़ से अधिक का नुकसान उठाना पड़ा है। रोडवेज की 1100 से अधिक बसों के पहिए थमे हैं।
इससे रोजाना 35 लाख से अधिक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक तिहाई से अधिक पेट्रोल पंप रीत चुके हैं और अन्य में एक-दो दिन का स्टॉक बचा है। कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कई जिलों में धारा 144 लागू कर दी गई है। पुलिस व अन्य सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है।
रोहतक में जाट वकील और व्यापारी भिड़े, बाइके फूंकी
आंदोलन का केंद्र बने रोहतक में कर्फ्यू जैसे हालात हैं। यहां जाट वकील भी आंदोलन के समर्थन में उतर आए। आंदोलनकारियों के विरोध में व्यापारी लामबंद हुए तो उनकी लघु सचिवालय के पास वकीलों से भिड़ंत हो गई। इससे दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए हैं। पुलिस पर भी पत्थरबाजी हुई।
इसके बाद उग्र हुए आंदोलनकारियों ने शहर में अलग-अलग जगह छह बाइक फूंक दी। हुड़दंग कर रहे प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ी। आंसू गैस के गोले छोड़कर उन्हें तितर-बितर किया गया। तनाव के मद्देनजर शहर में आरएएफ और सीआरपीएफ की तैनाती की गई है।
सांसद सैनी पर गु्स्सा
आंदोलनकारी जाट आरक्षण के विरोध में बयानबाजी करने वाले कुरुक्षेत्र सांसद राजकुमार सैनी पर गुस्साए हुए हैं। सरकार में जाट मंत्री और कांग्रेस-इनेलो के नेता भी आरक्षण आंदोलन के पीछे सैनी की बयानबाजी को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। रोहतक सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भी सैनी की जाट समाज के खिलाफ की गई टिप्पणियों को आंदोलन का जिम्मेदार ठहराया है।
जातीय संघर्ष की आशंका
जाट आरक्षण आंदोलन के विरोध में गैरजाट जातियों के नेता भी बयानबाजी करने लगे हैं। ओबीसी में शामिल खासकर सैनी समाज और जाट पहले से एक-दूसरे के धुर विरोधी हैं। इससे प्रदेश में जातीय संघर्ष की आशंका बन गई है।
जाट आंदोलन पर असमंजस में खट्टर सरकार
हरियाणा में आरक्षण के लिए जाट बिरादरी के आंदोलन पर राज्य की खट्टर सरकार असमंजस में है। इस मामले में पार्टी और सरकार को बड़े कद के जाट नेताओं की बेहद कमी खल रही है। सरकार की ओर से इस बिरादरी को मनाने के लिए मोर्चे पर उतारे गए केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, राज्य सरकार में मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के बाद वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु असफल साबित हुए हैं।
राज्य सरकार के लिए मुश्किल यह है कि वह इस बिरादरी को आरक्षण देने संबंधी प्रस्ताव विधानसभा में पारित कर गैर जाट बिरादरी को नाराज नहीं कर सकती। पार्टी के ही सांसद राजकुमार सैनी पहले से ही जाट आरक्षण के खिलाफ न केवल मोर्चा खोले हुए हैं, बल्कि उन्होंने पिछड़ा वर्ग को सड़क पर उतारने की धमकी भी दी है।
बताते हैं कि मदद के लिए राज्य सरकार ने केंद्र और भाजपा नेतृत्व से गुहार लगाई है। मगर मुश्किल यह है कि फिलहाल पार्टी नेतृत्व और केंद्र सरकार जेएनयू मामले में उलझी है।