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हरियाणा के जाट बोले, 10 प्रतिशत से कम आरक्षण मंजूर नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, भिवानी
Updated Wed, 16 Mar 2016 04:10 PM IST
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हरियाणा जाट आंदोलन
- फोटो : अमर उजाला
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बीसी सी कैटेगरी बनाकर जाट बिरादरी समेत छह बिरादरियों को आरक्षण दिया जाना चाहिए मगर 10 प्रतिशत से कम आरक्षण किसी सूरत में मंजूर नहीं। यह बात अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्श समिति के प्रदेशाध्यक्ष पूर्व कमांडेंट हवा सिंह सांगवान ने कही।
मंगलवार को जाट धर्मशाला में प्रेस वार्ता करते हुए पूर्व कमांडेंट हवा सिंह सांगवान ने बताया कि 13 मार्च को हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव को हमने जाटों को आरक्षण देने के लिए लिखित सुझाव दिए। जिसमें हमें पूरी उम्मीद है कि सरकार एक सुझाव, जिसमें बीसी वर्ग के ए और बी के अलावा सी कैटेगरी का प्रावधान जोड़ने की सिफारिश की है, को मानेगी।
इसमें जाट, सिख जाट, मूला जाट, रोड, त्यागी और बिश्रोई जातियों को 13 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग की है। इस कैटेगरी में दस प्रतिशत से कम आरक्षण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा केंद्र में जाटों को ओबीसी के तहत आरक्षण दिया जाए।
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हमें पूरी उम्मीद है कि राज्य सरकार हमारे लिखित सुझाव के अनुसार जल्दी ही बिल लाकर जाटों को राज्य स्तर पर आरक्षण देकर केंद्र को अपनी सिफारिश भेज देगी। उन्होंने कहा कि जाटों के बच्चों को जेलों में ठूंसा जा रहा है, जो सरासर गलत है।
सरकार न्यायिक जांच के बाद ही केस बनाए। जो जाट आरक्षण आंदोलन में शहीद हुए, उन्हें तत्काल आर्थिक सहायता दी जाए। इस मौके पर सत्यजीत पिलानिया एडवोकेट, रघुबीर सिंह बूरा, जोगेंद्र तालू, राजसिंह घणघस, राजसिंह धनाना, सुरेंद्र ठेकेदार जंगवीर तोशाम आदि मौजूद रहे।
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मंगलवार को जाट धर्मशाला में प्रेस वार्ता करते हुए पूर्व कमांडेंट हवा सिंह सांगवान ने बताया कि 13 मार्च को हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव को हमने जाटों को आरक्षण देने के लिए लिखित सुझाव दिए। जिसमें हमें पूरी उम्मीद है कि सरकार एक सुझाव, जिसमें बीसी वर्ग के ए और बी के अलावा सी कैटेगरी का प्रावधान जोड़ने की सिफारिश की है, को मानेगी।
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इसमें जाट, सिख जाट, मूला जाट, रोड, त्यागी और बिश्रोई जातियों को 13 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग की है। इस कैटेगरी में दस प्रतिशत से कम आरक्षण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा केंद्र में जाटों को ओबीसी के तहत आरक्षण दिया जाए।
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हमें पूरी उम्मीद है कि राज्य सरकार हमारे लिखित सुझाव के अनुसार जल्दी ही बिल लाकर जाटों को राज्य स्तर पर आरक्षण देकर केंद्र को अपनी सिफारिश भेज देगी। उन्होंने कहा कि जाटों के बच्चों को जेलों में ठूंसा जा रहा है, जो सरासर गलत है।
सरकार न्यायिक जांच के बाद ही केस बनाए। जो जाट आरक्षण आंदोलन में शहीद हुए, उन्हें तत्काल आर्थिक सहायता दी जाए। इस मौके पर सत्यजीत पिलानिया एडवोकेट, रघुबीर सिंह बूरा, जोगेंद्र तालू, राजसिंह घणघस, राजसिंह धनाना, सुरेंद्र ठेकेदार जंगवीर तोशाम आदि मौजूद रहे।