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भूकंप के खतरे को लेकर वैज्ञानिकों ने किया बड़ा खुलासा, पढ़कर हिल जाएंगे
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 21 Dec 2017 09:32 AM IST
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भूकंप के खतरे से लोग महफूज नहीं हैं। इसे लेकर वैज्ञानिकों ने कई बड़े खुलासे किए हैं, जिनकी रिपोर्ट पढ़कर ही आप हिल जाएंगे। हरियाणा में लगातार बढ़ती जा रही घनी आबादी और बहुमंजिली इमारतों की वजह से खतरा भी बढ़ रहा है।
हरियाणा के दस जिले भूकंप के हाई डैमेज रिस्क जोन में शामिल हो गए हैं। जबकि दस जिले मध्यम डैमेज और दो जिले लो डैमेज रिस्क जोन में लिए गए हैं। प्रदेश में भूकंप के खतरों को देखते हुए हरियाणा सरकार ने अपनी तैयारी क्षमता को बढ़ाने का फैसला लिया है। इसके लिए आर्मी, एयरफोर्स, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, एसएसजी और एनडीआरएफ हरियाणा सरकार की मदद करेगी।
इस दौरान प्रदेश के हर जिले में ज्यादा से ज्यादा लोगों को कार्यशालाओं के जरिये न केवल भूकंप आपदा के प्रति जागरूक किया जाएगा। बल्कि उक्त सैन्य व अर्ध सैन्य बलों की मदद से हरियाणा सरकार अपनी तैयारियों को भी मजबूत करेगा। इसी के चलते हर जिले में इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर बनाए जाएंगे।
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हरियाणा के दस जिले भूकंप के हाई डैमेज रिस्क जोन में शामिल हो गए हैं। जबकि दस जिले मध्यम डैमेज और दो जिले लो डैमेज रिस्क जोन में लिए गए हैं। प्रदेश में भूकंप के खतरों को देखते हुए हरियाणा सरकार ने अपनी तैयारी क्षमता को बढ़ाने का फैसला लिया है। इसके लिए आर्मी, एयरफोर्स, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, एसएसजी और एनडीआरएफ हरियाणा सरकार की मदद करेगी।
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इस दौरान प्रदेश के हर जिले में ज्यादा से ज्यादा लोगों को कार्यशालाओं के जरिये न केवल भूकंप आपदा के प्रति जागरूक किया जाएगा। बल्कि उक्त सैन्य व अर्ध सैन्य बलों की मदद से हरियाणा सरकार अपनी तैयारियों को भी मजबूत करेगा। इसी के चलते हर जिले में इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर बनाए जाएंगे।
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इसलिए हरियाणा में रहता है भूकंप का खतरा
भूकंप
- फोटो : ANI
दरअसल हरियाणा कई राज्यों की सीमा से सटा है और इन राज्यों में कुछ क्षेत्र ऐसे हैं, जो भूकंप केंद्रित एरिया है। हरियाणा का उत्तर-पूर्वी इलाका शिवालिक की पहाड़ियों से घिरा है, जबकि सूबे का बड़ा हिस्सा घग्गर-यमुना का मैदानी इलाका है।
दक्षिणी-पश्चिमी में कुछ एरिया सेमी-डेजर्ट है और दक्षिण हरियाणा का हिस्सा अरावली हिल्स से घिरा है। विभिन्न राज्यों से सटे इस हरियाणा को भूकंप के हिमालयन फुट हिल्स, दि हिडन मुरादाबाद फाल्ट, दि सोहाना फाल्ट, दिल्ली के नजदीक जक्शन ऑफ अरावली एंड एलुवियम, मथुरा फाल्ट व दिल्ली-हरिद्वारा फाल्ट क्षेत्रों से लगातार खतरा बना रहता है।
हरियाणा के फरीदाबाद और गुरुग्राम में चूंकि पिछले एक दशक में बहुत ज्यादा बहुमंजिला इमारतें बनी है, इसलिए इस इलाके में नुकसान का खतरा ज्यादा हो गया है।
दक्षिणी-पश्चिमी में कुछ एरिया सेमी-डेजर्ट है और दक्षिण हरियाणा का हिस्सा अरावली हिल्स से घिरा है। विभिन्न राज्यों से सटे इस हरियाणा को भूकंप के हिमालयन फुट हिल्स, दि हिडन मुरादाबाद फाल्ट, दि सोहाना फाल्ट, दिल्ली के नजदीक जक्शन ऑफ अरावली एंड एलुवियम, मथुरा फाल्ट व दिल्ली-हरिद्वारा फाल्ट क्षेत्रों से लगातार खतरा बना रहता है।
हरियाणा के फरीदाबाद और गुरुग्राम में चूंकि पिछले एक दशक में बहुत ज्यादा बहुमंजिला इमारतें बनी है, इसलिए इस इलाके में नुकसान का खतरा ज्यादा हो गया है।
खतरों की श्रेणी में सूबे के जिले
Earthquake
- हरियाणा को भूकंपीय क्षेत्र के दूसरे, तीसरे, चौथे व पांचवें (कम) क्षेत्र में रखा गया है।
- पंचूकला, अंबाला, यमुनानगर, फरीदाबाद, गुरुग्राम, रेवाड़ी, झज्जर पूरा शहर व पानीपत, करनाल, सोनीपत, महेंद्रगढ़ व कुरुक्षेत्र के कुछ हिस्से को भूकंप के हाई डैमेज रिस्क जोन में रखा गया है।
- कैथल, जींद पूरा और कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, महेंद्रगढ़, भिवानी, हिसार, फतेहाबाद का अधिकतर हिस्सा भूकंप के मोडरेट डैमेज रिस्क जोन में रखा गया है।
- सिरसा पूरा शहर व फतेहाबाद, हिसार व भिवानी का आधा शहर भूकंप के लो डैमेज रिस्क जोन में रखा गया है।
हरियाणा में भूकंप के खतरे को देखते हुए प्रदेश सरकार अपनी तैयारी क्षमता को बहुत अच्छे ढंग से बढ़ा रही है। भूकंप से अर्लट तो नहीं मिल सकता। लेकिन ऐसे संकट से कैसे निपटना है, उसकी तैयारी जरूर पुख्ता होनी चाहिए। इस ओर हरियाणा बड़े स्तर पर तैयारी कर रही है।
- कैप्टन अभिमन्यु, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री, हरियाणा
- पंचूकला, अंबाला, यमुनानगर, फरीदाबाद, गुरुग्राम, रेवाड़ी, झज्जर पूरा शहर व पानीपत, करनाल, सोनीपत, महेंद्रगढ़ व कुरुक्षेत्र के कुछ हिस्से को भूकंप के हाई डैमेज रिस्क जोन में रखा गया है।
- कैथल, जींद पूरा और कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, महेंद्रगढ़, भिवानी, हिसार, फतेहाबाद का अधिकतर हिस्सा भूकंप के मोडरेट डैमेज रिस्क जोन में रखा गया है।
- सिरसा पूरा शहर व फतेहाबाद, हिसार व भिवानी का आधा शहर भूकंप के लो डैमेज रिस्क जोन में रखा गया है।
हरियाणा में भूकंप के खतरे को देखते हुए प्रदेश सरकार अपनी तैयारी क्षमता को बहुत अच्छे ढंग से बढ़ा रही है। भूकंप से अर्लट तो नहीं मिल सकता। लेकिन ऐसे संकट से कैसे निपटना है, उसकी तैयारी जरूर पुख्ता होनी चाहिए। इस ओर हरियाणा बड़े स्तर पर तैयारी कर रही है।
- कैप्टन अभिमन्यु, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री, हरियाणा