हरियाणा: पूरे साल रही भर्ती घोटालों और पेपर लीक की गूंज, सिकुड़ा रोडवेज बसों का बेड़ा
शिक्षा महकमे में लगभग 40 हजार पद खाली चल रहे हैं। इन्हें भरने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को मांग तो भेजी हुई है, लेकिन पेपर लीक, नकल व अन्य पेचीदगियों के चलते भर्तियां सिरे नहीं चढ़ पा रहीं।
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हरियाणा में इस साल भर्ती घोटालों और पेपर लीक की गूंज रही। अफसरों ने आपदा में अवसर ढूंढ निकाला और करोड़ों रुपये के भर्ती घोटालों को अंजाम दिया। हरियाणा लोक सेवा आयोग का डेंटल सर्जन भर्ती घोटाला 2021 का सबसे चर्चित मामला रहा। इसमें 90 लाख रुपये के साथ रंगे हाथ पकड़े जाने पर आयोग के उपसचिव व एचसीएस अनिल नागर को नौकरी गंवानी पड़ा। रतिया के एसडीएम, उनकी पत्नी पर भी भ्रष्टाचार का केस दर्ज हो चुका है।
रोडवेज
रोडवेज के बेड़े में पहले 4500 बसें हुआ करती थीं, जो कम होकर 3000 रह गई हैं। सरकार ने 2021 में रोडवेज बेड़े में 809 नई बसें शामिल करने का दावा किया था, जो पूरा नहीं हो पाया। बसों की चेसिज तो खरीद ली गई, लेकिन अभी बसें बनकर तैयार नहीं हुई हैं। हरियाणा रोडवेज इंजीनियरिंग कारपोरेशन में इन्हें मूर्तरूप देने का काम चल रहा है। ये बसें आधुनिक होंगी और इनमें डिग्गी के साथ और भी बदलाव किए गए हैं। 20 वॉल्वो भी बेड़े में अब 2022 में ही शामिल हो पाएंगी। रोडवेज में कर्मचारी यूनियनें मांगें पूरी न होने पर परिवहन विभाग के खिलाफ लामबंद हैं। विभाग के उच्च अधिकारियों से टकराव जारी है।
शिक्षा विभाग
शिक्षा महकमे में लगभग 40 हजार पद खाली चल रहे हैं। इन्हें भरने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को मांग तो भेजी हुई है, लेकिन पेपर लीक, नकल व अन्य पेचीदगियों के चलते भर्तियां सिरे नहीं चढ़ पा रहीं। जेबीटी सरप्लस हैं, इसलिए उनकी भर्ती इस साल नहीं हुई। टीजीटी, पीजीटी के पदों पर बड़े पैमाने पर भर्तियां अटकी रहीं। आर्ट एंड क्राफ्ट शिक्षकों के अलावा पीटीआई को नौकरी गंवानी पड़ी।
पेपर लीक
भर्तियों में धांधली व पेपर लीक पर सरकार, विपक्ष आमने-सामने रहे। कांग्रेस ने भाजपा सरकार के सात साल के कार्यकाल में 27 पेपर लीक को लेकर घेरा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पूर्व कांग्रेस सरकार पर पलटवार कर हुड्डा शासन में रद्द हुईं 12 भर्तियों के तार छेड़ दिए। भाजपा सरकार अपने कार्यकाल में सिर्फ चार पेपर को ही रद्द मानती है। 2021 में एचपीएससी और एचएसएससी के कारण सरकार की खूब किरकिरी हुई। डेंटल सर्जन भर्ती घोटाले के मास्टर माइंड तक तो विजिलेंस अब तक नहीं पहुंच पाई है। पूर्व सीएम हुड्डा एचपीएससी भर्ती घोटाले में नागर और आयोग के चेयरमैन के बीच हुई व्हाट्सएप चैट तक को उजागर कर चुके हैं। इस पर सरकार विधानसभा में घिरी रही।