हरियाणा : डीजीपी मनोज यादव को सेवा विस्तार मिलने से बिगड़ा अनिल विज का मिजाज, गृह सचिव को फिर लिखी चिट्ठी
हरियाणा के डीजीपी मनोज यादव को सेवा विस्तार के बाद गृह मंत्री अनिल विज का मिजाज फिर बिगड़ गया है। डीजीपी मनोज यादव के एक्सटेंशन की जानकारी मिलने के बाद विज ने देर शाम गृह सचिव राजीव अरोड़ा को एक और पत्र लिख दिया है।
उन्होंने लिखा है कि डीजीपी का महकमे में अधिकारियों के ऊपर नियंत्रण नहीं है, वे अपने कार्य में अक्षम हैं। यहां तक कि उनसे किसान आंदोलन भी नहीं संभला। इसके अलावा अनिल विज ने पत्र में हरियाणा की कानून व्यवस्था का भी हवाला दिया है।
विज के इस पत्र के बाद विपक्ष के निशाने पर प्रदेश की कानून व्यवस्था आनी लाजमी है, क्योंकि पांच मार्च से हरियाणा विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है। ऐसे में विपक्ष कानून व्यवस्था और किसान आंदोलन पर गृह मंत्री की इस टिप्पणी को निशाना बना सकता है।
अब इस मामले में गृह मंत्री ने यह पत्र लिखकर साफ कर दिया है कि डीजीपी द्वारा भविष्य में लिए जाने वाले फैसलों से उनका सरोकार नहीं होगा। उधर, इस मामले में हरियाणा प्रभारी तावड़े की भी अनिल विज के साथ लंबी मंत्रणा हो चुकी है।
मंगलवार को मुख्यमंत्री की प्रेस कान्फ्रेंस में सीएम द्वारा डीजीपी की सेवा विस्तार की सूचना दिए जाने के बाद वैसे तो इस मामले का पटाक्षेप हो गया था, लेकिन विज के पत्र के बाद मामला एक बार फिर से गर्मा गया है। लिहाजा यह विवाद अब लंबा चलने वाला है।
विवाद के बीच डीजीपी की कुर्सी पक्की
इस सारे विवाद के बीच डीजीपी मनोज यादव की कुर्सी पक्की हो गई है। अब केंद्र सरकार के ऊपर है कि वे उन्हें यहां से बुलाना चाहती है या नहीं। फिलहाल जिस तरह से सेवा विस्तार दिया गया है। उसे देखकर नहीं लगता कि डीजीपी साल भर से पहले यहां से जाएंगे।