दिल्ली बॉर्डर पर ढील के लिए दबाव पर सख्ती रहेगी बरकरार, विज बोले- हालात के मुताबिक लेंगे फैसला

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 07 May 2020 01:04 AM IST
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गृह मंत्री अनिल विज
गृह मंत्री अनिल विज - फोटो : फाइल फोटो

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सार

  • कोरोना का कहर कम न होने तक कोई रिरायत नहीं : विज
  • 5 दिन में हरियाणा में 200 केस, अधिकांश दिल्ली से आए

विस्तार

हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा है कि दिल्ली बॉर्डर पर की गई सख्ती में ढील देने को लेकर हरियाणा सरकार पर कई तरह के दबाव आ रहे हैं। जब तक दिल्ली में कोरोना का कहर कम नहीं होता बॉर्डर पर सख्ती बरकरार रहेगी। ढील देने को लेकर लोगों की बातें वे सुन लेते हैं पर फैसला हालात के मुताबिक ही लिया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि पंजाब बॉर्डर पर भी दिल्ली सीमा की तरह ही सख्ती है। दिल्ली के कच्चे रास्ते सील किए गए हैं। भविष्य में किसी को भी दिल्ली से हरियाणा में प्रवेश करने नहीं दिया जायगा। दिल्ली में 100 से ज्यादा हॉटस्पॉट बन चुके हैं। दिल्ली पुलिस के कर्मचारियों में भी कोरोना का संक्रमण पाया गया है, उससे साफ है कि यदि बॉर्डर पर ढील दी जाती है तो हरियाणा में  स्थिति भयावह हो जाएगी। पिछले 5 दिनों में प्रदेश में करीब 200 नए केस आए हैं, इनमें से अधिकांश दिल्ली से ही आए हैं। ऐसे में जब तक एनसीआर के जिलों में कोरोना का कहर कम नहीं होता तब तक बॉर्डर पर ढील देने का कोई मतलब नहीं है।
सांस लेने में दिक्कत, फ्लू जैसे लक्षण वाले 11 हजार लोग चिह्नित, होगी जांच
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि आशा वर्कर्स ने घर-घर जाकर सर्वे कर लगभग 11 हजार ऐसे लोगों को चिह्नित किया है, जिन्हें सांस लेने में दिक्कत या फ्लू जैसे लक्षण हैं। ऐसे लोगों की टेस्टिंग की जाएगी। विज ने कहा कि अब कोरोना का नया स्वरूप बिना लक्षण का हो गया है। जहां पर किसी को लक्षण दिखाई दे रहे हैं, उनका टेस्ट होना बेहद जरूरी है। 

प्रदेश की लगभग ढाई करोड़ जनता की कोरोना जांच करना बड़ी चुनौती है। इसलिए सबसे पहले ऐसे लोगों की कैटेगरी बनाकर जांच की जाएगी जिनका जनता से सीधे और सबसे ज्यादा संपर्क होता है। इनमें सब्जी, दूध विक्रेताओं और डाकिया जैसे लोग शामिल हैं। अभी हम रोजाना लगभग 3500 टेस्ट कर सकते हैं। 

हम टेस्टिंग का दायरा बढ़ाने में लगे हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग कोरोना के अलावा सामान्य बीमारियों से ग्रसित मरीजों पर भी फोकस करेगा। इसके लिए सभी अस्पतालों की ओपीडी आरंभ कर दी जाएगी, ताकि मरीज इलाज के लिए परेशान न हों।
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