हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से पूछा शिक्षकों की नियुक्ति पर बड़ा सवाल
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा में कंप्यूटर शिक्षकों की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए हरियाणा सरकार से पूछा है कि सरकार नियमित शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया कब तक पूरा कर लेगी।
साथ ही कोर्ट ने कहा कि जब तक नियमित शिक्षकों की भर्ती नही होती क्यों न वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों को काम करने दिया जाए। हाईकोर्ट ने सरकार को इस मामले में 23 नवंबर तक जवाब देने को कहा है।
इस मामले में याचिका दाखिल करते हुए कैथल निवासी अर्चना ने कहा था कि हरियाणा सरकार की ओर से हटाए गए कंप्यूटर टीचरों को दोबारा रखा जा रहा है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि सरकार ठेके पर जो कंप्यूटर टीचर लगा रही है, उनमें योग्यता को नजरअंदाज कर अयोग्य टीचर को नियुक्त कर रही है।
याचिका के अनुसार सरकार ने हरियाणा के स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा देने के लिए राज्य में तीन प्राइवेट कंपनी को ठेके अलाट किए थे। कंपनी पर स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा से जुड़ी सभी सुविधा व स्टाफ देने की जिम्मेदारी थी।
‘नियमित नियुक्ति तक क्यों न कार्यरत शिक्षकों से काम लिया जाए’
2013 में दिया गया यह ठेका सरकार ने रद कर दिया था क्योंकि कंपनी सरकार की शर्त के अनुसार कंप्यूटर शिक्षा के लिए योग्य टीचर व सुविधा देने में नाकाम रही थी। बाद में यह मामला आर्बिट्रेटर के पास भी गया।
कंपनियों ने ठेके पर लगाए गए टीचरों का वेतन भी कई महीनों से जारी नहीं किया था। वर्तमान सरकार ने इन टीचरों को हटा कर नए तरीके से टीचर रखने का फैसला लिया था। कंपनियों की ओर से जो टीचर नियुक्त किए गए थे वह पूर्ण योग्यता नहीं रखते थे।
याचिका में आरोप लगाया कि सरकार ने पिछले दिनों लगभग 2852 शिक्षकों को मार्च 2016 तक नियुक्ति दे दी। याचिकाकर्ता को योग्यता पूरी करने के बाद भी नियुक्ति नहीं दी गई।
याचिकाकर्ता ने इस भर्ती को रद कर योग्य उम्मीदवारों को नियुक्ति देने की मांग की हैं। इसी मामले में कार्यरत सभी टीचरों ने भी अर्जी दायर कर इस मामले में प्रतिवादी बन अपना पक्ष रखा था।
उन्होने मांग की थी कि नियमित भर्ती तक उनको रखा जाए। उनकी अर्जी पर ही अब हरियाणा सरकार से नियमित भर्ती होने तक शिक्षकों को सेवाओं में रखने पर जवाब मांगा गया है।