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हजारों गेस्ट टीचर्स की नौकरी पर लटकी तलवार, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

Fri, 24 Nov 2017 10:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 24 Nov 2017 10:01 AM IST
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haryana guest teachers job in problem, punjab haryana highcourt big decision
lathi charge on guest teacher - फोटो : AmarUjala
रेगुलर जेबीटी टीचरों की याचिका पर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है, जिससे हजारों गेस्ट टीचर्स की नौकरी पर तलवार लटक गई है। गेस्ट टीचर्स के मामले में हरियाणा सरकार और शिक्षा विभाग को हाईकोर्ट में एक बार फिर से फजीहत झेलनी पड़ी है। बेंच ने हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के बार-बार आदेश देने के बावजूद गेस्ट टीचर्स को न हटाए पर सख्त नाराजगी जताई है।
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विभिन्न जिलों में कार्यरत रेगुलर जेबीटी टीचर्स की 30 अलग-अलग याचिकाओं का निपटारा करते हुए हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता जगबीर मलिक के तर्कों से सहमति जताते हुए कहा कि गेस्ट टीचर्स की वजह से ही रेगुलर टीचर्स अपने गृह जिलों में नियुक्ति पाने में सफल नहीं हो पा रहे हैं। शिक्षा विभाग का रेगुलर टीचर्स की बजाय गेस्ट टीचर्स को वरीयता देना न्यायसंगत नहीं है।
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अपने नौ पेज के फैसले में हाईकोर्ट के जस्टिस जीएस संधावालिया की बेंच ने गेस्ट टीचर्स को हटाने के हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट द्वारा बार-बार दिए आदेशों का विस्तृत हवाला देते हुए शिक्षा विभाग व सरकार द्वारा दिनांक 31 मार्च 2010 का वो निर्देश/हिदायत पत्र ही रद्द कर दिया है, जिसमें गेस्ट टीचर्स की पोस्ट को खाली/रिक्त न मानने का निर्देश विभाग द्वारा जारी किया गया था।
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ट्रांसफर पालिसी का क्लाज 8 अमान्य घोषित

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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo
हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए अंतर-जिला ट्रांसफर पॉलिसी का क्लॉज 8 भी अमान्य करार दिया है। जिसमें गेस्ट टीचर्स की सीट को अंतर-जिला ट्रांसफर ड्राइव में रिक्त नहीं माना जाता था। अब अंतर-जिला ट्रांसफर पॉलिसी में गेस्ट टीचर्स की पोस्ट भी रिक्त मानी जाएगी।

हाईकोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि गेस्ट टीचर्स वाले सभी पदों को रिक्त मान कर नए सिरे से याचिकाकर्ताओं का अंतर-जिला ट्रांसफर क्लेम कंसीडर किया जाए तथा हाईकोर्ट के फैसले की सर्टिफाइड कॉपी मिलने की 3 महीने की अवधि में यह प्रक्रिया पूरी की जाए।

फैसले का प्रभाव
हाईकोर्ट के इस फैसले से अब जिस पद पर गेस्ट टीचर्स काबिज है उन सभी पदों को रिक्त माना जायेगा और रेगुलर टीचर्स उन पदों के समक्ष भी ट्रांसफर के लिए पसंद भर सकेंगे। भविष्य में नई नियुक्ति, पदोन्नति व ट्रांसफर में रेगुलर टीचर अब अपने नजदीकी व पसंद के स्कूलों में नियुक्त हो सकेंगे और वर्षों से एक जगह जमे गेस्ट टीचर्स को दरबदर होना होगा।

जेबीटी शिक्षकों ने दायर की थी याचिका

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कोर्ट - फोटो : सांकेतिक चित्र
दरअसल अपने गृह जिलों की बजाय मेवात व अन्य जिलों में 8-10 वर्षों से नौकरी कर रहे सैकड़ों नियमित जेबीटी शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर कर यह मुद्दा उठाया कि सरकार व शिक्षा विभाग गेस्ट टीचर्स को संरक्षण दे रहे हैं और उनके पदों को रिक्त नहीं मानते, जिससे उनको अपने गृह जिलों में नियुक्ति से वंचित होना पड़ रहा है।

ये शिक्षक वर्ष 2004, 2008 और 2011 से ही सैकड़ों किलोमीटर दूर मेवात व अन्य जिलों में सेवाएं दे रहे है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता जगबीर मलिक ने सुनवाई के दौरान बेंच को बताया कि तिलकराज केस में 30 मार्च 2011 को हाईकोर्ट ने सभी पदों पर रेगुलर टीचर्स की भर्ती करने व गेस्ट टीचर्स को हटाने के आदेश दिए थे जिसको सुप्रीम कोर्ट ने भी मान्य किया था।

लेकिन सरकार गेस्ट टीचर्स को हटाने की बजाय उनके पदों को ही रिक्त नहीं मान रही और अंतर-जिला ट्रांसफर पॉलिसी में भी स्पेशल क्लॉज 8 बना दिया जिसके अनुसार गेस्ट टीचर्स वाले पद पर किसी रेगुलर टीचर्स का ट्रांसफर नही हो सकता जिससे रेगुलर टीचर्स के हित प्रभावित हो रहे है।
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