Haryana News: यहां बनेगी हरियाणा की नई विधानसभा, सीएम व विस अध्यक्ष ने किया जमीन का मुआयना
स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि दस एकड़ जमीन चंडीगढ़ प्रशासन देने को तैयार है। इसके बदले में जमीन के कलेक्टर रेट अनुसार या तो 550 करोड़ रुपये देने होंगे या फिर चंडीगढ़ के साथ लगते क्षेत्र में समान मूल्य की दस एकड़ जमीन देनी होगी।
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हरियाणा सरकार ने नई विधानसभा के लिए रेलवे चौक से आईटी पार्क की तरफ मुख्य सड़क के दाईं ओर जमीन चुन ली है। शनिवार सुबह मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने चंडीगढ़ में हरियाणा विधानसभा के नए भवन का निर्माण करने के लिए प्रस्तावित जमीन का मुआयना किया। उन्होंने मौके पर जमीन के बारे में यूटी प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत की।
यूटी प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल साथ में मौजूद रहे। उन्होंने धर्मपाल के साथ जमीन के नक्शे को लेकर बातचीत की। मध्य मार्ग पर कलाग्राम के सामने मनीमाजरा की ओर व राजीव गांधी आईटी पार्क के पास चिन्हित जमीन के बारे में भी उन्होंने अधिकारियों से जाना। उनके साथ हरियाणा विधानसभा के स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता भी थे। उन्होंने भी प्रस्तावित जमीन के बारे में चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने शहरी योजना विभाग चंडीगढ़ के अधिकारियों से भी जमीन के नक्शे के बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने करीब 10 एकड़ जमीन की लंबाई-चौड़ाई व अन्य पैमाइश के बारे में पूछा। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जमीन के मालिकाना हक व अन्य औपचारिकताओं के बारे में बताया। इस मौके पर चंडीगढ़ प्रशासन के गृह सचिव नितिन कुमार यादव, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक अजीत बालाजी जोशी, चंडीगढ़ प्रशासन के डीसी विनय प्रताप सिंह के अलावा अनेक अधिकारी उपस्थित रहे।
550 करोड़ रुपये दो या जमीन के बदले जमीन
स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि दस एकड़ जमीन चंडीगढ़ प्रशासन देने को तैयार है। इसके बदले में जमीन के कलेक्टर रेट अनुसार या तो 550 करोड़ रुपये देने होंगे या फिर चंडीगढ़ के साथ लगते क्षेत्र में समान मूल्य की दस एकड़ जमीन देनी होगी। दोनों ही विकल्पों पर सरकार विचार कर रही है। भूमि आंवटन के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से चंडीगढ़ के प्रशासक को एक-दो दिन में पत्र लिखा जाएगा। इस बारे में शनिवार शाम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ भी बातचीत करेंगे। जमीन आवंटन पर अंतिम मुहर गृह मंत्रालय से ही लगनी है।
हेरिटेज होगी नई विधानसभा
नई विधानसभा पूरी तरह से हेरिटेज होगी। यूनेस्को से नए भवन निर्माण पर हम कोई आपत्ति नहीं चाहते। जमीन आवंटन के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए नया विधान भवन अत्याधुनिक, तकनीकी रूप से सक्षम होगा। 2026 में परिसीमन के बाद बढ़ने वाली विधानसभा सीटों के मद्देनजर विधायकों के बैठने की व्यवस्था होगी।
वर्तमान विधानसभा में अनेक कमियां हैं, जिन्हें देखते हुए नया भवन बनाना जरूरी है। कोरोना के दौरान 90 विधायकों को सोशल डिस्टेंसिंग अनुसार बिठाने में अनेक दिक्कतें आई और सिटिंग प्लान में बदलाव करने पड़े। नया भवन बनने पर पुराने में नव सचिवालय के दफ्तर व सचिवालय के कुछ कार्यालयों को शिफ्ट किया जा सकता है। नए भवन के निर्माण के लिए बजट कोई मुद्दा नहीं रहेगा।