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ढाई लाख कर्मियों को सरकार का आदेश, कैशलेस ट्रांजेक्शन का सबूत दो
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 15 Dec 2016 10:18 PM IST
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर
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हरियाणा सरकार ने अपने अढ़ाई लाख अफसरों और कर्मचारियों को कैशलेस ट्रांजेक्शन का फरमान जारी करते हुए सबूत भी मांगा है। फरमान के मुताबिक अफसरों और कर्मचारियों को सप्ताह में कम से कम एक कैशलेस ट्रांजेक्शन करनी होगी। साथ ही, इसका सबूत भी जमा करना होगा। कर्मचारी यूनियनों ने इस सरकारी आदेश की आलोचना की और कहा कि सरकार ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए उनपर दबाव नहीं बना सकती।
गौरतलब है कि मोदी सरकार के नोटबंदी के आदेश के बाद से लोगों को कैश के लिए परेशान होना पड़ रहा हैं। एक महीने से अधिक गुजर जाने पर भी बैंकों में उचित मात्रा में कैश उपलब्ध नहीं है। समस्या के समाधान में पीएम मोदी कैशलेस ट्रांजेक्शन पर अधिक ज़ोर दे रहे है। बिजली-पानी की बुनियादी सुविधाओं से वंचित लोग अभी कैशलेस इकानमी में दिलचस्पी लेते नहीं दिख रहे है? लेकिन हरियाणा सरकार ने इस परेशानी का हल भी खोज निकाला है।
हरियाणा सरकार ने पीएम मोदी के कैशलेस ट्रांजेक्शन के सुझाव को अपने कर्मचारियों पर थोप दिया है। हरियाणा सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए अपने मोबाइल से हफ्ते में कम से कम एक दिन डिजिटल ट्रांजैक्शन करना अनिवार्य कर दिया है।
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गौरतलब है कि मोदी सरकार के नोटबंदी के आदेश के बाद से लोगों को कैश के लिए परेशान होना पड़ रहा हैं। एक महीने से अधिक गुजर जाने पर भी बैंकों में उचित मात्रा में कैश उपलब्ध नहीं है। समस्या के समाधान में पीएम मोदी कैशलेस ट्रांजेक्शन पर अधिक ज़ोर दे रहे है। बिजली-पानी की बुनियादी सुविधाओं से वंचित लोग अभी कैशलेस इकानमी में दिलचस्पी लेते नहीं दिख रहे है? लेकिन हरियाणा सरकार ने इस परेशानी का हल भी खोज निकाला है।
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हरियाणा सरकार ने पीएम मोदी के कैशलेस ट्रांजेक्शन के सुझाव को अपने कर्मचारियों पर थोप दिया है। हरियाणा सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए अपने मोबाइल से हफ्ते में कम से कम एक दिन डिजिटल ट्रांजैक्शन करना अनिवार्य कर दिया है।
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अगले 7 दिनों में एक बार ट्रांजेक्शन करने के आदेश
Manohar Lal Khattar
आदेश के मुताबिक, कर्मचारियों को अगले सात दिनों में एक बार मोबाइल फोन से डिजिटल ट्रांजेक्शन करनी होगी और इसका सबूत भी जमा करना होगा। अधिकारियों और प्रबंधकों को यह निर्देश दिया जाता है कि वह स्वयं सात दिन के भीतर कम से कम एक ट्रांजैक्शन ऐप अपने मोबाइल में डाउनलोड करें। कर्मचारी संघों ने हालांकि इस आदेश की आलोचना की और कहा कि सरकार ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए उनपर दबाव नहीं बना सकती।
जनसत्ता की खबर के अनुसार, सरकार के आदेश में लिखा है, “राज्य सरकार डिजिटल इकॉनमी के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर देती है और लोगों व साथ में सरकारी अधिकारियों को SBI Buddy, USSD और UPI जैसी बैंकिंग ऐप्स का इस्तेमाल करने की अपील करती है।” आदेश में आगे लिखा गया है, “अफिसर्स/इंचार्जों को अपने मोबाइल में ऐप डाउनलोड करनी होगी।
सरकार ने दो नोडल ऑफिसर भी नियुक्त किए हैं, जिनके पास हर विभाग को अपने कर्मचारियों द्वारा दिए गए सबूतों को जमा कराना होगा। सरकार ने आदेश तो जारी कर दिया लेकिन प्रश्न उठता है कि क्या सरकार के पास ऐसा कोई आंकड़ा भी है जिससे ये पता चल सके कि राज्य के कितने कर्मचारी स्मार्ट फोन का प्रयोग कर रहे है और जिनके पास स्मार्ट फोन और इंटरनेट की सुविधा नहीं है क्या उनके लिए सरकार ने कोई योजना बनाई है?
जनसत्ता की खबर के अनुसार, सरकार के आदेश में लिखा है, “राज्य सरकार डिजिटल इकॉनमी के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर देती है और लोगों व साथ में सरकारी अधिकारियों को SBI Buddy, USSD और UPI जैसी बैंकिंग ऐप्स का इस्तेमाल करने की अपील करती है।” आदेश में आगे लिखा गया है, “अफिसर्स/इंचार्जों को अपने मोबाइल में ऐप डाउनलोड करनी होगी।
सरकार ने दो नोडल ऑफिसर भी नियुक्त किए हैं, जिनके पास हर विभाग को अपने कर्मचारियों द्वारा दिए गए सबूतों को जमा कराना होगा। सरकार ने आदेश तो जारी कर दिया लेकिन प्रश्न उठता है कि क्या सरकार के पास ऐसा कोई आंकड़ा भी है जिससे ये पता चल सके कि राज्य के कितने कर्मचारी स्मार्ट फोन का प्रयोग कर रहे है और जिनके पास स्मार्ट फोन और इंटरनेट की सुविधा नहीं है क्या उनके लिए सरकार ने कोई योजना बनाई है?