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लॉरेंस ने मुठभेड़ का जताया अंदेशा, हरियाणा सरकार बोली- संपत को लाए थे, उसका तो नहीं हुआ

Fri, 11 Dec 2020 01:13 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 11 Dec 2020 01:13 AM IST
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Haryana Govt presented its stand in High Court On the petition of Lawrence Bishnoi
Lawrence Bishnoi - फोटो : फाइल फोटो

हरियाणा पुलिस द्वारा राजस्थान के भरतपुर जेल से सिरसा प्रोडक्शन वारंट पर लाए जाने को एनकाउंटर (मुठभेड़) का प्लान बताते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में दाखिल लॉरेंस बिश्नोई की याचिका को हरियाणा सरकार ने जांच से बचने का तरीका बताया है। गुरुवार को हाईकोर्ट में हरियाणा सरकार ने कहा कि लॉरेंस बिश्नोई को प्रोडक्शन वारंट पर लाना और हिरासत में पूछताछ करना बेहद जरूरी है।

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बिश्नोई से पहले उसके साथी संपत नेहरा को भी पुलिस लेकर आई थी और उसका कोई एनकाउंटर नहीं हुआ। ऐसे में प्रोडक्शन वारंट मंजूर किया जाए। अभिनेता सलमान खान को धमकी देकर सुर्खियों में आए गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई द्वारा हरियाणा पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा गया था कि कानपुर के विकास दुबे की तरह हरियाणा पुलिस उसका एनकाउंटर करना चाहती है। 
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याचिकाकर्ता ने कहा था कि उसे हरियाणा पुलिस पर विश्वास नहीं है, ऐसे में जब उसे सिरसा में प्रोडक्शन वारंट पर लाया जाए तो उसे उचित सुरक्षा मुहैया करवाई जाए। इसके साथ ही याची ने कहा था कि पुलिस की कहानी होती है कि कैदी को ले जाते वक्त उसने भागने की कोशिश की तब उसका एनकाउंटर कर दिया गया, ऐसे में जब उसे लाया जाए तो उसके हाथ और पांव को बांधकर रखा जाए ताकि ऐसी कहानी बनाकर उसके एनकाउंटर को सच्चा साबित न किया जा सके। 
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सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार की ओर से कहा गया कि इससे पहले भी लॉरेंस के एक साथी को लाया गया था, जिसका कोई एनकाउंटर नहीं हुआ था। बिश्नोई यह सब कहानी इस मामले की जांच से बचने और इसे लंबा खींचने के लिए गढ़ रहा है। उसे प्रोडक्शन वारंट पर सिरसा में पेश करने के लिए हरियाणा सरकार ने अनुमति मांगी। इस पर याचिकाकर्ता के वकील ने कहा उसे याचिकाकर्ता से बात करने का मौका दिया जाए। हाईकोर्ट ने उसकी अपील स्वीकार करते हुए फिलहाल सुनाई स्थगित कर दी।

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