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सीएम का फैसला: घग्गर पार के सेक्टर नहीं होंगे निगम के अधीन
दीपक शाही/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Thu, 05 May 2016 06:46 PM IST
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पंचकूला में सीएम मनोहर लाल खट्टर की रैली
- फोटो : amar ujala
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हरियाणा सरकार ने एक फरमान जारी करके घग्गर पार के सेक्टर नगर निगम से छीन कर किसी और को देने का ऐलान किया है। घग्गर पार के पांच सेक्टर अधूरे विकास कार्य की वजह से नगर निगम के अधीन नहीं होंगे। यह आदेश प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने दिया है। अब इन सेक्टरों को विकास कार्य पूरे होने के बाद ही हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण नगर निगम को हैंडओवर करेगा। जिन सेक्टरों पर सीएम ने रोक लगाई है उन सेक्टरों में मात्र 15 से 25 प्रतिशत तक ही मकान बन पाए हैं।
जब तक ये सेक्टर पूरी तरह से डेवलपमेंट नहीं हो जाते इन सेक्टरों की जिम्मेदारी हुडा की होगी। बता दे कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के आदेश पर ही एक मई को हुडा के आठ सेक्टर नगर निगम के हवाले किए जाने थे, लेकिन दो मई की मीटिंग के बाद हुडा के चेयरमैन मनोहर लाल खट्टर ने आठ में से पांच सेक्टरों पर अधूरे विकास की वजह से रोक लगा दिया है। वहीं सेक्टर-20, 21 और 26 की जिम्मेदारी अब नगर निगम की होगी। क्योंकि इन सेक्टरों विकास कार्य पूरा हो चुका है।
78 सेक्टर भी अर्बन लोकल बाडी के हवाले नहीं होंगे
पंचकूला के अलावा प्रदेश के 17 स्टेशनों के 78 सेक्टरों को भी अधूरे विकास की वजह से लोकल अर्बन बाडी के हवाले नहीं किया गया है। इन सेक्टरों में भी 15, 20 से 25 प्रतिशत तक ही मकान बन पाए हैं। जिसकी वजह से प्रदेश मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इन पर भी रोक लगा दी है।
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सेक्टरों की लिस्ट रिव्यू करने के आदेश
हुडा के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर को लिखे गए पत्र के अनुसार हुडा के कुल 188 सेक्टर हैं। जिनको मुख्यमंत्री ने अर्बन लोकल बाडी को ट्रांसफर करने के आदेश दिए थे। लेकिन इन सेक्टरों में से करीब 78 सेक्टरों में मूलभूत सुविधाओं की कमी के साथ ही कम आक्यूपेंसी है। इसमें 25 से 30 फीसदी ही निर्माण हो सके हैं। चीफ एडमिनिस्ट्रेटर को लिखे गए इस लेटर में ट्रांसफर किए जाने वाले सेक्टरों की लिस्ट को दोबारा से रिव्यू करने को कहा है।
यह सेक्टर अर्बन लोकल बाडी के हवाले नहीं होंगे
क्रम संख्या----------स्टेशन का नाम----------सेक्टरों के नाम
1--------------------पंचकूला------------27, 28, 25ए, 23 व 24
2---------------------अंबाला------------32, 33, 34, 26, 27 व नरायणगढ़ में 3 व 4
3---------------------कैथल-------------18, 20, 21 व ट्रांसपोर्ट नगर
4-------------------- कुरूक्षेत्र----------------4, 8, 29 व ट्रांसपोर्ट नगर
5--------------------जगाधरी--------------13, 22, 29, 24, 15, 17 पार्ट-2 व 18 पार्ट टू
6--------------------करनाल----------------4, 5, 16
7-------------------पानीपत----------------6, 7, 8, 25 पार्ट टू, 2, 24, 40, 18 व 19
8-------------------सोनीपत-------------------23, 7, 13
9-------------------फरीदाबाद----------------2, 26, 64, 65, 56ए , 20ए व 20 बी
10-------------------पलवल--------------------2
11-------------------गुरूग्राम------------------ 27, 28, 33, 38, 42, 47, 51, 52
12-------------------रोहतक-------------------4 एक्शटेंशन
13-------------------बहादुरगढ़------------------2, 9 व 9ए
14---------------------झज्जर----------------------6 व 9
15---------------------जींद---------------------- 6, 7, 8 व 9
16---------------------हिसार-------------------1, 3, 4, 5, 14 पार्ट टू व 33
17-------------------भिवानी----------------------23 पार्ट टू व 31
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जब तक ये सेक्टर पूरी तरह से डेवलपमेंट नहीं हो जाते इन सेक्टरों की जिम्मेदारी हुडा की होगी। बता दे कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के आदेश पर ही एक मई को हुडा के आठ सेक्टर नगर निगम के हवाले किए जाने थे, लेकिन दो मई की मीटिंग के बाद हुडा के चेयरमैन मनोहर लाल खट्टर ने आठ में से पांच सेक्टरों पर अधूरे विकास की वजह से रोक लगा दिया है। वहीं सेक्टर-20, 21 और 26 की जिम्मेदारी अब नगर निगम की होगी। क्योंकि इन सेक्टरों विकास कार्य पूरा हो चुका है।
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78 सेक्टर भी अर्बन लोकल बाडी के हवाले नहीं होंगे
पंचकूला के अलावा प्रदेश के 17 स्टेशनों के 78 सेक्टरों को भी अधूरे विकास की वजह से लोकल अर्बन बाडी के हवाले नहीं किया गया है। इन सेक्टरों में भी 15, 20 से 25 प्रतिशत तक ही मकान बन पाए हैं। जिसकी वजह से प्रदेश मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इन पर भी रोक लगा दी है।
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सेक्टरों की लिस्ट रिव्यू करने के आदेश
हुडा के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर को लिखे गए पत्र के अनुसार हुडा के कुल 188 सेक्टर हैं। जिनको मुख्यमंत्री ने अर्बन लोकल बाडी को ट्रांसफर करने के आदेश दिए थे। लेकिन इन सेक्टरों में से करीब 78 सेक्टरों में मूलभूत सुविधाओं की कमी के साथ ही कम आक्यूपेंसी है। इसमें 25 से 30 फीसदी ही निर्माण हो सके हैं। चीफ एडमिनिस्ट्रेटर को लिखे गए इस लेटर में ट्रांसफर किए जाने वाले सेक्टरों की लिस्ट को दोबारा से रिव्यू करने को कहा है।
यह सेक्टर अर्बन लोकल बाडी के हवाले नहीं होंगे
क्रम संख्या----------स्टेशन का नाम----------सेक्टरों के नाम
1--------------------पंचकूला------------27, 28, 25ए, 23 व 24
2---------------------अंबाला------------32, 33, 34, 26, 27 व नरायणगढ़ में 3 व 4
3---------------------कैथल-------------18, 20, 21 व ट्रांसपोर्ट नगर
4-------------------- कुरूक्षेत्र----------------4, 8, 29 व ट्रांसपोर्ट नगर
5--------------------जगाधरी--------------13, 22, 29, 24, 15, 17 पार्ट-2 व 18 पार्ट टू
6--------------------करनाल----------------4, 5, 16
7-------------------पानीपत----------------6, 7, 8, 25 पार्ट टू, 2, 24, 40, 18 व 19
8-------------------सोनीपत-------------------23, 7, 13
9-------------------फरीदाबाद----------------2, 26, 64, 65, 56ए , 20ए व 20 बी
10-------------------पलवल--------------------2
11-------------------गुरूग्राम------------------ 27, 28, 33, 38, 42, 47, 51, 52
12-------------------रोहतक-------------------4 एक्शटेंशन
13-------------------बहादुरगढ़------------------2, 9 व 9ए
14---------------------झज्जर----------------------6 व 9
15---------------------जींद---------------------- 6, 7, 8 व 9
16---------------------हिसार-------------------1, 3, 4, 5, 14 पार्ट टू व 33
17-------------------भिवानी----------------------23 पार्ट टू व 31