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IAS खेमका के खिलाफ चार्जशीट ड्रॉप, पत्र लिखकर सरकार को सुनाई खरी खोटी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 11 Aug 2017 10:16 AM IST
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आईएएस अशोक खेमका
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हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक खेमका के खिलाफ चार्जशीट जांच के बाद ड्रॉप कर दी गई, जिसके बाद उन्होंने सरकार को पत्र लिखकर खरी खरी सुनाई। चार्जशीट ड्रॉप होने के साथ ही खेमका ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखकर उनका 22 जनवरी को दिया गया जवाब भी सार्वजनिक करने के लिए कहा है जो उन्होंने सरकार को चार्जशीट होने पर दिया है।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि अकारण चार्जशीट करना ईमानदारी का गला घोटना है। पत्र के मार्फत खेमका ने कृषि विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव को आड़े हाथों लते हुए फिर से सिस्टम पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा है कि भाजपा सरकार ने जिस शिकायत पर मुझे चार्जशीट किया है, उसे करने वाले अधिकारियों का भी ट्रैक रिकार्ड देखना चाहिए। उक्त अधिकारी ने वैट रिफंड घोटाले में लोकायुक्त की सिफारिश के बावजूद विभाग में रहते हुए दस हजार करोड़ की रकम की रिकवरी का कोई प्रयास नहीं किया।
मेरे खिलाफ हुड्डा सरकार में वाड्रा डीएलएफ डील को लेकर जारी की गई चार्जशीट भी लंबित की गई और वर्तमान सरकार में जारी की गई चार्जशीट भी लंबित हुई। साथ ही उन्होंने हवाला दिया है कि पिछले 10 वर्षों में हुए घोटालों में, किसी भी अधिकारी को चार्जशीट नहीं किया गया।
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यह है मामला
हरियाणा में भाजपा सरकार ने 1 जुलाई 2016 को खेमका को चार्जशीट किया। इसमें कारण यह बताया गया कि बीज विकास निगम में खेमका की गलती से 87 हजार क्विंटल बीज बिना बिके रह गया। इसके बाद 22 फरवरी 2016 को खेमका ने जवाब दिया। जांच पूरी होने के बाद सरकार ने यह चार्जशीट ड्रॉप कर दी। अब खेमका ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है कि उनका जवाब भी प्रदर्शित किया जाए।
अकारण चार्जशीट करना और उसे अकारण लंबित करना ईमानदारी का गला घोटना है।
- अशोक खेमका, प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
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इसके अलावा उन्होंने कहा कि अकारण चार्जशीट करना ईमानदारी का गला घोटना है। पत्र के मार्फत खेमका ने कृषि विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव को आड़े हाथों लते हुए फिर से सिस्टम पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा है कि भाजपा सरकार ने जिस शिकायत पर मुझे चार्जशीट किया है, उसे करने वाले अधिकारियों का भी ट्रैक रिकार्ड देखना चाहिए। उक्त अधिकारी ने वैट रिफंड घोटाले में लोकायुक्त की सिफारिश के बावजूद विभाग में रहते हुए दस हजार करोड़ की रकम की रिकवरी का कोई प्रयास नहीं किया।
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मेरे खिलाफ हुड्डा सरकार में वाड्रा डीएलएफ डील को लेकर जारी की गई चार्जशीट भी लंबित की गई और वर्तमान सरकार में जारी की गई चार्जशीट भी लंबित हुई। साथ ही उन्होंने हवाला दिया है कि पिछले 10 वर्षों में हुए घोटालों में, किसी भी अधिकारी को चार्जशीट नहीं किया गया।
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यह है मामला
हरियाणा में भाजपा सरकार ने 1 जुलाई 2016 को खेमका को चार्जशीट किया। इसमें कारण यह बताया गया कि बीज विकास निगम में खेमका की गलती से 87 हजार क्विंटल बीज बिना बिके रह गया। इसके बाद 22 फरवरी 2016 को खेमका ने जवाब दिया। जांच पूरी होने के बाद सरकार ने यह चार्जशीट ड्रॉप कर दी। अब खेमका ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है कि उनका जवाब भी प्रदर्शित किया जाए।
अकारण चार्जशीट करना और उसे अकारण लंबित करना ईमानदारी का गला घोटना है।
- अशोक खेमका, प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी