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जाट आरक्षण आंदोलन के घायलों को मुआवजा देगी सरकार
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 19 Feb 2017 09:07 AM IST
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मनोहर लाल खट्टर
- फोटो : अमर उजाला
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पिछले साल जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में घायल हुए लोगों को मुआवजा देने का ऐलान हरियाणा की बीजेपी सरकार ने किया है। सरकार के मीडिया सलाहकार अमित आर्य ने इसकी पुष्टि की।
उन्होंने बताया कि पिछली बार किए गए समझौतों की सभी मांगों को लागू करवाने के लिए 20 दिन से चल रहे जाटों के अनिश्चितकालीन धरनों के चलते सीएम मनोहर लाल खट्टर ने यह फैसला लिया है।
इसके तहत गोली से घायलों को 1 लाख, लाठीचार्ज में फ्रेक्चर आने से घायलों को 50 हजार और मामूली रूप से घायलों को 25 हजार रुपए की मुआवजा राशि दी जाएगी। मीडिया सलाहकार ने बताया कि आंदोलन के दौरान मारे गए सभी 31 लोगों के आश्रितों को मुआवजा पहले ही दिया जा चुका है।
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उनके परिवार में एक-एक आश्रित को नौकरी देने की बात भी सरकार सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर चुकी है। जहां तक, आरक्षण का मसला है तो यह मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट से फैसला होने के साथ ही सरकार इस आरक्षण को संविधान की 9वीं अनुसूची में डालने को भी तैयार है।
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उन्होंने बताया कि पिछली बार किए गए समझौतों की सभी मांगों को लागू करवाने के लिए 20 दिन से चल रहे जाटों के अनिश्चितकालीन धरनों के चलते सीएम मनोहर लाल खट्टर ने यह फैसला लिया है।
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इसके तहत गोली से घायलों को 1 लाख, लाठीचार्ज में फ्रेक्चर आने से घायलों को 50 हजार और मामूली रूप से घायलों को 25 हजार रुपए की मुआवजा राशि दी जाएगी। मीडिया सलाहकार ने बताया कि आंदोलन के दौरान मारे गए सभी 31 लोगों के आश्रितों को मुआवजा पहले ही दिया जा चुका है।
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उनके परिवार में एक-एक आश्रित को नौकरी देने की बात भी सरकार सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर चुकी है। जहां तक, आरक्षण का मसला है तो यह मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट से फैसला होने के साथ ही सरकार इस आरक्षण को संविधान की 9वीं अनुसूची में डालने को भी तैयार है।