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हरियाणाः नए बजट में सरकारी महकमों पर नापतौल कर होगी धनवर्षा, पुराने खर्च पर रहेगी नजर

Tue, 10 Dec 2019 12:49 PM IST
खुशबू गोयल यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 10 Dec 2019 12:49 PM IST
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Haryana Government Working on Budget 2020
प्रतीकात्मक तस्वीर
हरियाणा सरकार आगामी वित्तीय वर्ष के लिए सरकारी महकमों को बजट आवंटन पूरी तरह नापतौल कर ही करेगी। बजट खर्च में फिसड्डी रहने वाले महकमों के बजट में कटौती तय मानी जा रही है। जनहित से जुड़े विभागों के बजट में अच्छी-खासी बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं। बजट आवंटन के समय वित्त विभाग सभी महकमों के 2019-20 के कुल बजट और उसमें से खर्च की गई राशि का भी पूरा ध्यान रखेगा। कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाने वाला नई सरकार का पहला बजट बीते वर्षों की तुलना अनेक मायनों में अलग होने वाला है।
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चूंकि, इस बार वित्त विभाग ने सभी विभागों को बजट डिमांड भेजने के लिए प्रफार्मा भेजा था, उसके अनुसार ही बजट की मांग करनी थी। वित्त महकमे के पास तय डेडलाइन में विभागों के मांग पत्र पहुंचना शुरू हो गए हैं। कुछ विभाग लेटलतीफी कर रहे हैं, जिन्हें रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं। राजस्व विभाग को भूमि राजस्व की कुल प्राप्ति, राज्य एक्साइज डयूटी, स्टांप ब्याज, सिंचाई व अन्य प्राप्तियां भेजने के लिए दस जनवरी 2020 की डेडलाइन तय की गई है।
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सरकारी कर्मियों को ही वेतन उद्देश्य हेड से अदायगी
नए बजट में सरकारी कर्मियों को ही वेतन उद्देश्य हेड से अदायगी की जाएगी। वित्त महकमे के देखने में आया है कि विभाग अनुबंध कर्मियों, दैनिक वेतन भोगियों व अन्य कच्चे कर्मियों को भी इसी हेड से मानदेय व वेतन जारी कर देते हैं, जो कि नियमों के विरुद्घ है। अनुबंध कर्मियों को उद्देश्य कोड-69, आईटी पेशेवरों को उद्देश्य कोड-33 व अन्य कच्चे कर्मियों को उद्देश्य कोड-2 से मानदेय की अदायगी होगी। 
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जनकल्याण एवं विकास योजनाओं के लिए यह बताना जरूरी

जनकल्याण एवं विकास योजनाओं के लिए बजट मांगने का तरीका भी इस बार बदला है। आवेदन पत्र में विभागों को यह बताना जरूरी किया गया है कि स्कीम केंद्र प्रायोजित है या राज्य सरकार की। कब शुरू की गई, क्रियान्वयन कैसा चल रहा है और परफार्मेंस कैसी है। लक्ष्य प्राप्त हुआ है या नहीं। 2020-21 के लिए फिजिकल और वित्तीय लक्ष्य क्या निर्धारित किया गया है। स्कीम का फायदा क्या है और इसे जारी क्यों रखा जाए।

बजट के लिए कुल 99 हेड बनाए
वित्त महकमे ने बजट आवंटन के लिए कुल 99 हेड बनाए हैं। इनमें बजट का आवंटन किया जाएगा। बकायदा इसके लिए कोड भी जारी किया गया है। इन हेड में वेतन, मजदूरी, डीए, यात्रा भत्ते, खरीद, कार्यालय खर्च, रेंट, रेट्स और टैक्स, छात्रवृत्ति व भत्ते, मुख्य एवं छोटे कार्य, मरम्मत, निवेश, लोन, पेंशन, ग्रेच्युटी, एडवांस इत्यादि शामिल हैं।

दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों पर विशेष फोकस
पूर्व मनोहर सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में प्रदेश के लिए 20 से अधिक दीर्घकालिक विकास लक्ष्य निर्धारित किए हैं। नए बजट में उन पर भी विशेष फोकस करने के लिए विभागों को निर्देश दिए गए हैं। उनका बजट डिमांड में उल्लेख जरूरी है। महिलाओं संबंधी योजनाओं के लिए जारी राशि और खर्च का पूरा ब्योरा आंकड़ों के साथ देना होगा। नए बजट में भी महिलाओं के लिए नई योजनाएं सुझाने को कहा गया है।
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