हरियाणा : सरकार की सख्ती, बच्चों को सड़ा अनाज, खराब दूध वितरित करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे
इस संबंध में निदेशक मौलिक शिक्षा ने सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई से परहेज न करें। अनेक बार बच्चों को सड़ा राशन और खराब दूध बांटा गया है। यह बड़ी लापरवाही है। बीईईओ, डीईईओ भी इस मामले में अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते।
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हरियाणा के स्कूली बच्चों को मिड-डे मील में सड़ा अनाज और एक्सपायरी डेट का दूध वितरित करने वालों पर कड़ी कार्रवाई के आदेश सरकार ने जारी किए हैं। बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने के मामले सामने आने पर सरकार ने यह सख्त रुख अपनाया है। निदेशक मौलिक शिक्षा ने सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के आदेश जारी किए हैं। गौरतलब है कि केंद्र सरकार के निर्देशों पर कोरोना महामारी के बाद मार्च 2020 से स्कूली बच्चों को सूखा राशन और दूध पाउडर स्कूल शिक्षा विभाग घर-घर जाकर वितरित करवा रहा है।
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अफसर हो या कर्मी, जिम्मेदारी से नहीं बच सकते
अब विभाग के संज्ञान में आया है कि अनेक बार बच्चों को सड़ा राशन और खराब दूध बांटा गया है। यह मिड-डे मील प्रभारियों और स्कूल मुखियाओं की बड़ी लापरवाही है। बीईईओ, डीईईओ भी इस मामले में अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। उनके राशन वितरण का निरीक्षण न करने के कारण ही अनेक बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। वे सभी मिड-डे मील प्रभारियों और स्कूल मुखियाओं को निर्देश जारी करें कि राशन वितरण से पहले सूखे अनाज और दूध पाउडर की गुणवत्ता अवश्य जांची जाए। इस मामले में लापरवाही करने पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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