रजिस्ट्री घोटाले में सीएम ने की बड़ी कार्रवाई, एक तहसीलदार और पांच नायब तहसीलदार निलंबित
- नगरीय क्षेत्र विकास व विनियमन अधिनियम, 1975 का उल्लंघन कर जमीनों की डीड करने का आरोप
- हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने की कार्रवाई, चार्जशीट किया, एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी
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हरियाणा सरकार ने रजिस्ट्री घोटाले में गुरुग्राम के छह राजस्व अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इनमें एक तहसीलदार व पांच नायब तहसीलदार शामिल हैं। इन पर हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास व विनियमन अधिनियम, 1975 का उल्लंघन कर जमीनों की डीड का पंजीकरण करने का आरोप है। सीएम मनोहर लाल के आदेश पर इन्हें निलंबित किया गया है।
निलंबित राजस्व अधिकारियों में गुरुग्राम जिला के सोहना के तहसीलदार बंसी लाल और नायब तहसीलदार दलबीर सिंह दुग्गल, बादशाहपुर के नायब तहसीलदार हरि कृष्ण, वजीराबाद के नायब तहसीलदार जय प्रकाश, गुरुग्राम के नायब तहसीलदार देश राज कांबोज, मानेसर के नायब तहसीलदार जगदीश शामिल हैं। इन्हें हरियाणा सिविल सेवा ( दंड व अपील) नियम, 2016 के नियम 7 के तहत चार्जशीट भी किया गया है।
कादीपुर के नायब तहसीलदार (सेवानिवृत्त) ओम प्रकाश हरियाणा सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 2016 के नियम 12 (2) (बी) के तहत चार्जशीट किए गए हैं। इन पर कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन कर दस्तावेजों का पंजीकरण करने के लिए 1975 के अधिनियम संख्या 8 की धारा 10 के तहत एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
पटवारियों पर भी गिरेगी गाज, सीएम ने विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी
सीएम मनोहर लाल रजिस्ट्री घोटाले में संलिप्त पटवारियों को भी नहीं बख्शने वाले हैं। गुरुग्राम के मंडलायुक्त को उन पटवारियों की विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपनी होगी, जिन्होंने गलत इरादे के साथ खसरा गिरदावरी में भूमि की प्रविष्टियों को कृषि भूमि से गैर मुमकिन, गैर मुमकिन पहाड़, गैर मुमकिन फार्महाउस आदि’ में बदला है। इससे 1975 के अधिनियम संख्या 8 की धारा 7-ए का उल्लंघन कर डीड की रजिस्ट्री आसान बनाई गई।
टीसीपी, स्थानीय निकाय विभाग से दो सप्ताह में मांगी जांच रिपोर्ट
सीएम ने 1975 के अधिनियम संख्या 8 की धारा 7-ए के दुरुपयोग को रोकने के लिए नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग और शहरी स्थानीय निकाय विभाग को जारी एनओसी के संबंध में आंतरिक जांच करने और रिपोर्ट दो सप्ताह के भीतर राजस्व विभाग को सौंपने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने शहरी स्थानीय निकाय और नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग को 15 दिनों के भीतर जांच कर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है, ताकि कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन कर की गई रजिस्ट्री को लेकर विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जा सके।
तकनीक से रोकें रजिस्ट्रियों में भ्रष्टाचार: सीएम
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने निर्देश दिए हैं कि रजिस्ट्री रोकने की अवधि का उपयोग नगर एवं ग्राम आयोजना, शहरी स्थानीय निकाय, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, एचएसआईआईडीसी, शहरी संपदा, पुलिस, वन विभाग और मुकदमेबाजी मामले विभाग वेब-हेलरिस एप्लीकेशन के साथ इंटरफेस कर एक प्रौद्योगिकी आधारित चेक स्थापित करें। जिससे कानून का उल्लंघन कर की जा रही गलत रजिस्ट्री रोकी जा सकें।