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हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, वेतन में देरी पर देना पड़ेगा ब्याज

Mon, 20 Mar 2017 09:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 20 Mar 2017 09:22 AM IST
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Haryana Government's big decision, haryana news
Haryana CM Manohar lal khattar - फोटो : अमर उजाला
हरियाणा सरकार ने सचिवालय में आउटसोर्सिंग के तहत तैनात कर्मचारियों के हक में बड़ा फैसला लिया है। कर्मचारियों को नियुक्त करने वाली एजेंसियों ने अब अगर प्रत्येक माह समय पर वेतन नहीं दिया तो रोजाना के हिसाब से दो फीसदी अतिरिक्त ब्याज देना पड़ेगा।
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दो प्रतिशत ब्याज वेतन की पूरी राशि पर देय होगा। सरकार ने यह निर्णय बीते कई महीनों से निजी एजेंसियों के मनमाने रवैये को देखते हुए लिया है। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की सचिवालय शाखा में वर्तमान में लगभग दो दर्जन आउटसोर्स कर्मी कार्यरत हैं।
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इन्हें निजी एजेंसियां बीते लगभग एक साल से समय पर वेतन नहीं दे रही हैं। कई कर्मचारियों का दो-तीन महीने का वेतन भी बकाया है। समय पर पगार न मिलने से परेशान कर्मियों ने मसले को विभाग के उच्चाधिकारियों के समक्ष उठाया था। 
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हरियाणा सरकार ने निजी एजेंसियों पर कसा शिकंजा

Haryana Government's big decision, haryana news
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर - फोटो : File Photo
समय पर पगार न मिलने से परेशान कर्मियों ने मसले को विभाग के उच्चाधिकारियों के समक्ष उठाया था।  इसे देखते हुए जांच-पड़ताल के बाद सरकार ने निर्णय लेते हुए भर्ती एजेंसियों को चेताया है कि अगर अप्रैल महीने से वेतन देने में देरी हुई तो तय तारीख के बाद हर दिन के हिसाब से दो फीसदी ब्याज वेतन पर वसूला जाएगा। 

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की सचिवालय शाखा के आउटसोर्स कर्मचारियों में वेटर, चपरासी, कैमरामैन व लिपिकीय स्टाफ शामिल है। इन कर्मियों ने विभाग से ये भी शिकायत की है कि उन्हें सरकार की ओर से तय वेतन भी एजेंसियां नहीं दे रहीं।

वेटर को चौदह-पंद्रह हजार के बजाए मात्र दस से ग्यारह हजार ही दिए जा रहे हैं। चपरासी और अन्य स्टाफ के साथ भी ऐसा ही हो रहा है। इसके साथ ही ईएसआई और अन्य सीपीएफ के नाम पर काटी जा रही राशि की भी कोई जानकारी नहीं है। 
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