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हरियाणा सरकार ने पलटा फैसला: नियम-134ए किया बहाल, गरीब बच्चों को दूसरी से 12वीं तक निजी स्कूलों में मिलेगा दाखिला

Tue, 12 Apr 2022 09:31 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 12 Apr 2022 09:31 PM IST
सार

1.80 लाख से कम आय वाले परिवारों को ही इसका लाभ मिलेगा। आरटीई के तहत सिर्फ पहली कक्षा में ही दाखिला होंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि नियम-134ए को कक्षा दर कक्षा खत्म करेंगे।

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Haryana government resumed Rule 134A
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)

विस्तार

हरियाणा सरकार ने नियम-134ए को फिर बहाल कर दिया है। इसके तहत वर्तमान शैक्षणिक सत्र में गरीब बच्चों को दूसरी से 12वीं कक्षा तक निजी स्कूलों में दाखिला मिलेगा। सरकार अब इस नियम को चरणबद्ध तरीके से खत्म करेगी। 13 दिन बाद ही सरकार ने 30 मार्च 2022 को नियम-134ए को खत्म करने का अपना फैसला पलट दिया।

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निर्णय का जिलों में अभिभावकों ने विरोध शुरू कर दिया था। यमुनानगर में अभिभावकों ने शिक्षा मंत्री कंवर पाल के समक्ष भी आपत्ति जताई थी। इसके बाद सरकार ने पुनर्विचार करते हुए अभी इस नियम के तहत निजी स्कूलों में खाली सीटों पर दस प्रतिशत दाखिले गरीब बच्चों के लिए जारी रखने का निर्णय लिया है। 
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1.80 लाख से कम आय वाले परिवारों को ही इसका लाभ मिलेगा। आरटीई के तहत सिर्फ पहली कक्षा में ही दाखिला होंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि नियम-134ए को कक्षा दर कक्षा खत्म करेंगे। अगली बार दूसरी कक्षा में आरटीई के तहत 25 प्रतिशत सीटों पर दाखिला करेंगे। इस प्रतिशत वाला नियम लागू नहीं किया जाएगा। इसी तरह हर साल एक-एक कक्षा को आरटीई के दायरे में लाएंगे। नियम-134ए के तहत गरीब बच्चों को पढ़ाने वाले स्कूलों को दूसरी से पांचवीं कक्षा तक प्रति विद्यार्थी 700, छठी से आठवीं तक 900 रुपये, नौवीं से बारहवीं तक 1100 रुपये फीस प्रतिपूर्ति करेंगे। पहले यह राशि 300, 500 व 700 रुपये थी।

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निजी स्कूलों से खाली सीटों का मांगा ब्योरा
प्रदेश सरकार ने निजी स्कूलों से नियम-134ए के तहत खाली सीटों का ब्योरा मांगा है। सभी स्कूलों को जल्द से जल्द शिक्षा निदेशालय को यह बताना होगा कि उनके यहां कितनी सीटें खाली हैं। उसके बाद निदेशालय पूरे प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों से दाखिला के लिए आवेदन मांगेगा। आवेदनों की छंटनी कर मूल्यांकन परीक्षा ली जाएगी। इसमें निर्धारित अंक लेने वाले बच्चों को मनपसंद के निजी स्कूल आवंटित किए जाएंगे।

बीते सत्र में फरवरी तक दौड़ते रहे अभिभावक
बीते शैक्षणिक सत्र में इस नियम के तहत दाखिलों को लेकर भारी अव्यवस्था रही। निजी स्कूलों ने दाखिले को लेकर अभिभावकों को खूब छकाया। 530 से अधिक स्कूलों ने एक भी बच्चे को दाखिला नहीं दिया। निदेशालय ने कारण बताओ नोटिस दिए तो स्कूल संचालक हाईकोर्ट से स्टे ले आए। फरवरी महीने तक अभिभावक दाखिलों के लिए निजी स्कूलों में दौड़ लगाते रहे। दस हजार से अधिक बच्चे फिर भी दाखिले से वंचित रह गए।

ऐसे खत्म किया था नियम-134ए
नियम-134ए को खत्म करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा नियम, 2003 में संशोधन किया था। संशोधित नियम हरियाणा विद्यालय शिक्षा नियम, 2022 प्रतिस्थापित किए गए थे। विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. महावीर सिंह के लंदन दौरे पर होने के कारण अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे एसीएस, उच्च शिक्षा आनंद मोहन शरण ने अधिसूचना जारी की थी। 

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