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IAS रानी नागर का इस्तीफा नामंजूर, ट्विटर पर किया खुलासा- खाने में लोहे की पिन तक परोसी गई

Thu, 07 May 2020 10:10 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 07 May 2020 10:10 PM IST
सार

  • सीएम मनोहर लाल ने स्वीकार नहीं किया त्यागपत्र, कैडर गृह राज्य में बदलने की सिफारिश
  • केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने ट्वीट कर दी जानकारी, मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया

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Haryana government refused to accept the resignation of IAS officer Rani Nagar
आईएएस रानी नागर

विस्तार

हरियाणा सरकार ने आईएएस रानी नागर का इस्तीफा नामंजूर कर दिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस्तीफे को न केवल अस्वीकार किया, बल्कि रानी का आईएएस कैडर उनके गृह राज्य उत्तर प्रदेश में बदलने की सिफारिश भी केंद्र सरकार से की है। रानी नागर 4 मई को चंडीगढ़ में कर्फ्यू हटते ही आईएएस से इस्तीफा देकर उत्तर प्रदेश में अपने पैतृक निवास गाजियाबाद रवाना हो गई थीं। वहां वह 14 दिन के लिए एकांतवास में हैं। 

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रानी ने सोशल मीडिया के जरिये गुरुवार को बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि चंडीगढ़ के यूटी गेस्ट हाउस में उन्हें खाने में लोहे की पिन तक परोसी गई। रानी का इस्तीफा नामंजूर होने की जानकारी केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने ट्वीट कर साझा की है। उन्होंने लिखा है कि आप सब से खुशी का समाचार साझा कर रहा हूं, हरियाणा कैडर की आईएएस अधिकारी रानी नागर का इस्तीफा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नामंजूर कर दिया है।
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इस्तीफा नामंजूर करने के लिए वह मुख्यमंत्री मनोहर लाल का दिल की गहराइयों से आभार प्रकट करते हैं। रानी के साथ अन्याय नहीं होने दिया दिया जाएगा। न्याय दिलाने के लिए सरकार में शीर्ष स्तर पर बातचीत चल रही है। हरियाणा सरकार वैसे भी बेटियों का बेहद सम्मान करती है। आईएएस के साथ अन्याय नहीं होने देगी।

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रोटी के लिए बहुत सीमित साधन, न्यायपालिका पर पूरा भरोसा

रानी नागर ने अपने फेसबुक पर गुरुवार नया पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा है कि सभी से हाथ जोड़कर सादर विनती है मेरा इस्तीफा स्वीकार न किए जाने को लेकर आग्रह व आंदोलन न करें। मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। अपने केस में न्यायपालिका में जाती रहूंगी। मेरे पास अभी रोटी खाने के लिए भी बहुत सीमित साधन हैं।

सभी से विनती है कि जितनी जल्दी मेरा इस्तीफा स्वीकार होगा, उतनी ही जल्दी तनख्वाह में से कटा हुआ एनपीएस फंड प्राप्त होगा, जिससे अपना रोटी का खर्चा चला पाऊंगी। इस्तीफा स्वीकार न होने से मेरा और अधिक शोषण होगा। आगे सरकारी नौकरी कर पाना मेरे लिए संभव नहीं है। यदि मेरा इस्तीफा रोकने बारे आग्रह व आंदोलन न करें तो सभी की हम पर बड़ी दया होगी।

ट्विटर पर डाली खाने में परोसी पिन की फोटो
रानी ने गुरुवार को ही ट्विटर पर यूटी गेस्ट हाउस में 13 दिसंबर 2019 को लंच में परोसी गई लोहे की पिन व शिकायत की फोटो भी डाली है। रानी ने लिखा है कि यूटी गेस्ट हाउस के कमरे में स्वयं खाना बनाने के लिए गैस व चूल्हा लगाना मना था। रुपये देकर यूटी गेस्ट हाउस से जो खाना खरीदती थी, उसे लोहे के पिन डालकर दिया जाता था।

लॉकडाउन व कर्फ्यू में यूटी गेस्ट हाउस को जनता के लिए बंद कर दिया गया लेकिन उन्हें और बहन रीमा नागर को वहीं रखा। कर्फ्यू में हमें खाना भी नहीं मिला। दोनों ने बड़ी मुश्किल से तरल पदार्थ आदि से अपना गुजारा चलाया।

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