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जाटों को आरक्षण देने पर सरकार तैयार, विधानसभा में लाएगी बिल

Sat, 20 Feb 2016 12:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 20 Feb 2016 12:13 AM IST
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haryana government ready for jat reservations

हरियाणा में जाटों को आरक्षण देने पर राज्य सरकार सहमत हो गई है। आरक्षण की मांग को लेकर जारी आंदोलन खत्म करने और इसके स्थायी समाधान के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की पहल पर शुक्रवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में सरकार ने अपना रुख साफ कर दिया।

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इस बीच प्रदेश में अमन और भाईचारा कायम रखने के लिए आंदोलकारियों से आंदोलन खत्म करने की सर्वसम्मति से अपील की गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने विधानसभा के आगामी बजट सत्र में आरक्षण के मुद्दे पर बिल लाने का भी आश्वासन दिया।
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सर्वदलीय बैठक में इनेलो की ओर से विधायक जसविंद्र सिंह संधु व पार्टी अध्यक्ष अशोक अरोड़ा, कांग्रेस की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पार्टी अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर और विधायक दल की नेता किरण चौधरी के अलावा बहुजन समाज पार्टी के विधायक टेक चंद शर्मा और निर्दलीय विधायक जय प्रकाश ने भाग लिया।
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बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आरक्षण के मुद्दे के समाधान के लिए नौ फरवरी को सर्वजाट खाप के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में विशेष पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण के सभी पहलुओं का अध्ययन करने और सुझाव देने के लिए एक कमेटी का गठन करने के बाद आंदोलन समाप्त हो जाना चाहिए था।

इसके बाद विभिन्न जाट आरक्षण संघर्ष समितियों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले के लिए आरक्षण कोटा 10 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने और वार्षिक आय सीमा 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 6 लाख रुपये करने की भी घोषणा के बाद आंदोलन स्थगित करने पर सहमति बनी थी, लेकिन किन्हीं कारणों से यह आंदोलन जारी रहा।

उन्होंने कहा कि विधानसभा में बिल लाने के मुद्दे की बात शेष रह गई थी, जिसे आज पूरा कर दिया गया है। बिल का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए विपक्षी दल व आंदोलनकारी भी अपने सुझाव दे सकते हैं। इस ड्राफ्ट बिल में किसी प्रकार की त्रुटियों को दूर करने व सुझावों को शामिल करने के लिए एक बार फिर से सर्वदलीय बैठक बुलाई जाएगी। बाद में इसे विधानसभा में लाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जाट आरक्षण के मुद्दे पर सरकार की ओर से पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के खिलाफ दिए गए स्टे आदेशों पर विशेष याचिका दायर की गई है। आंदोलन के पीछे किसी प्रकार का राजनीतिक हाथ होने की संभावना पर सीएम ने कहा कि इस प्रकार की बयानबाजी ठीक नहीं।

अगर किसी के परिणाम खराब होते हैं तो उसे पहले ठीक किया जाना जरूरी है। सरकार के साथ-साथ राज्य की अन्य विपक्षी पार्टियों के नेताओं की ओर से अपील किए जाने के बाद मुख्यमंत्री ने आशा जताई कि शुक्रवार शाम तक आंदोलन खत्म हो जाना चाहिए।

 
सांसद सैनी वापस लेंगे अपने बयान
सांसद राजकुमार सैनी की ओर से जाट समुदाय के लोगों के विरुद्ध की जा रही भड़काऊ बयानबाजी के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि सांसद सैनी से उनकी बात हुई है। वह लोकसभा की कमेटी के सिलसिले में विशाखापटनम में हैं। उन्होंने कहा कि अगर उनके बयानों से किसी को ठेस पहुंची है तो वे इसे वापस ले लेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांसद सैनी की तरफ से वह इस बयानबाजी को वापस लेने का आश्वासन देते हैं।

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