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हरियाणाः जेबीटी, भाषा व मास्टर वर्ग के लिए बदल गया छात्र-शिक्षक अनुपात, खत्म होंगे हजारों पद
Fri, 29 May 2020 10:41 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 29 May 2020 10:41 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा सरकार जेबीटी, भाषा अध्यापकों व मास्टर वर्ग की रेशनलाइजेशन करने जा रही है। रेशनलाइजेशन के लिए बनाए गए नियमों अनुसार शिक्षकों के पदों का वर्गीकरण हुआ तो हजारों पद खत्म हो जाएंगे। रेशनलाइजेशन में नई शिक्षा नीति को भी ताक पर रख दिया गया है। जेबीटी का शिक्षक-छात्र अनुपात 1:25 है, तो रेशनलाइजेशन में इसे 1:30 तय किया गया है। जबकि, बीते तीन साल से 1:25 के नियमानुसार ही रेशनलाइजेशन हो रहा था। इससे अनेक पद खत्म होंगे।
सरकार ने मौलिक स्कूल मुख्याध्यापकों को सप्ताह में 36 पीरियड का वर्कलोड दिया है, इससे भी शिक्षकों के पद खत्म होंगे। हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन व प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन ने रेशनलाइजेशन के मानदंडों पर आपत्ति जताई है। शिक्षा के मौलिक अधिकार के अनुसार दूसरा सेक्शन 36 छात्र विद्यालय में होने पर बनाया जाना है। लेकिन पहला सेक्शन 41 बच्चे होने पर बनाया जा रहा है जिससे लगभग 2000 अध्यापकों के पद कम हो जाएंगे।
शिक्षा के मौलिक अधिकार में मौलिक स्कूल मुख्याध्यापक का पद फुल टाइम है, लेकिन इनके लिए भी 36 पीरियड प्रति सप्ताह निर्धारित किए गए हैं । जिससे टीजीटी और भाषा शिक्षकों के 5500 पद कम हो जाएंगे। बीते वर्ष 8 अगस्त 2019 के पत्र के अनुसार मौलिक स्कूल मुख्याध्यापकों की प्रशासनिक जिम्मेदारी को देखते हुए अधिकतम 24 पीरियड प्रति सप्ताह निर्धारित किए थे।
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हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन के राज्य प्रधान रमेश मलिक ने कहा कि वे जल्दी स्थानांतरण के पक्ष में हैं। रेशनलाइजेशन के बारे में सभी जिला कार्यकारिणी और पदाधिकारियों तथा एसोसिएशन के सदस्यों से सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं। समुचित और सर्वमान्य मांग सरकार के सामने रखेंगे।
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सरकार ने मौलिक स्कूल मुख्याध्यापकों को सप्ताह में 36 पीरियड का वर्कलोड दिया है, इससे भी शिक्षकों के पद खत्म होंगे। हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन व प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन ने रेशनलाइजेशन के मानदंडों पर आपत्ति जताई है। शिक्षा के मौलिक अधिकार के अनुसार दूसरा सेक्शन 36 छात्र विद्यालय में होने पर बनाया जाना है। लेकिन पहला सेक्शन 41 बच्चे होने पर बनाया जा रहा है जिससे लगभग 2000 अध्यापकों के पद कम हो जाएंगे।
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शिक्षा के मौलिक अधिकार में मौलिक स्कूल मुख्याध्यापक का पद फुल टाइम है, लेकिन इनके लिए भी 36 पीरियड प्रति सप्ताह निर्धारित किए गए हैं । जिससे टीजीटी और भाषा शिक्षकों के 5500 पद कम हो जाएंगे। बीते वर्ष 8 अगस्त 2019 के पत्र के अनुसार मौलिक स्कूल मुख्याध्यापकों की प्रशासनिक जिम्मेदारी को देखते हुए अधिकतम 24 पीरियड प्रति सप्ताह निर्धारित किए थे।
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हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन के राज्य प्रधान रमेश मलिक ने कहा कि वे जल्दी स्थानांतरण के पक्ष में हैं। रेशनलाइजेशन के बारे में सभी जिला कार्यकारिणी और पदाधिकारियों तथा एसोसिएशन के सदस्यों से सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं। समुचित और सर्वमान्य मांग सरकार के सामने रखेंगे।
रेशनलाइजेशन नियमों के विपरीत: रोहिल्ला
हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन के प्रेस प्रवक्ता विनोद रोहिल्ला ने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुसार प्राइमरी स्तर पर 25 बच्चों पर एक शिक्षक की अनिवार्यता है, लेकिन मौलिक शिक्षा विभाग 2020 में नई शिक्षा नीति लागू करने के साथ-साथ रेशनलाइजेशन इसके विपरीत कर रहा है।
इससे प्राथमिक अध्यापकों के बहुत से पद सरप्लस हो जाएंगे और छोटे बच्चों के लिए दी जाने वाली शिक्षा काफी कठिन हो जाएगी। राज्य प्रधान हरिओम राठी व राज्य महासचिव बलजीत पुनिया ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।
29 जनवरी 2020 को हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल के सामने मौलिक शिक्षा निदेशक प्रदीप कुमार ने आश्वासन दिया था कि किसी स्कूल को अभी बंद करने का कोई इरादा नहीं है, 25 बच्चों पर एक शिक्षक ही रहेगा।
इससे प्राथमिक अध्यापकों के बहुत से पद सरप्लस हो जाएंगे और छोटे बच्चों के लिए दी जाने वाली शिक्षा काफी कठिन हो जाएगी। राज्य प्रधान हरिओम राठी व राज्य महासचिव बलजीत पुनिया ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।
29 जनवरी 2020 को हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल के सामने मौलिक शिक्षा निदेशक प्रदीप कुमार ने आश्वासन दिया था कि किसी स्कूल को अभी बंद करने का कोई इरादा नहीं है, 25 बच्चों पर एक शिक्षक ही रहेगा।