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पराली और प्रदूषण होगा खत्म: हरियाणा में 50 कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट शुरू करने की योजना, इसी से दौड़ेंगे वाहन
Sat, 03 Jul 2021 01:19 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sat, 03 Jul 2021 01:19 AM IST
सार
2021 में हरियाणा सरकार प्रदेश में 50 कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट शुरू करने की तैयारी में है। इनके चालू होने से सरकार को पराली और प्रदूषण की चुनौतियों से निपटने में सहायता मिलेगी। पराली के प्रबंधन के साथ-साथ किसानों को आमदनी भी होगी।
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फाइल फोटो।
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
हर साल फसल अवशेषों को जलाने से पैदा हो रही दिक्कतों के समाधान को लेकर हरियाणा सरकार एक ऐसी महत्वाकांक्षी योजना पर तेजी से काम कर रही है। सब कुछ सामान्य रहा तो आगामी एक साल में हरियाणा के अलग-अलग स्थानों पर 50 कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट स्थापित किए जाएंगे।
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इन प्लांटों से निकलने वाली 3212 मिलियन मीट्रिक टन गैस को पेट्रोलियम कंपनियां खरीदेंगी और इसका इस्तेमाल वाहनों में पेट्रोल-डीजल के विकल्प के तौर पर किया जाएगा। इससे न केवल पराली का समाधान होगा, बल्कि प्रदूषण भी कम होगा।
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प्रदेश में धान और गेहूं के सीजन में हर बार फसलों के अवशेषों को जलाया जाता है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों से सरकार गंभीर है और किसानों को इसके लिए जागरूक कर रही है। साथ ही फसल अवशेष जलाने पर एफआईआर तक दर्ज की जा रही हैं। इसी बीच हरियाणा सरकार ने प्रदेश को अलग-अलग क्लस्टर में बांटकर कुल 265 कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट स्थापित करने की योजना बनाई है। सरकार की ओर से इन लोगों को रजामंदी का पत्र भी जारी किया जा चुका है।
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पेट्रोलियम अधिकारियों से हो चुकी बैठक
हरियाणा के बिजली विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने बताया कि इसके लिए केंद्रीय पेट्रोलियम अधिकारियों समेत बैंक प्रतिनिधियों के साथ बैठक हो चुकी है। आईओसी पानीपत में एक बड़ा प्लांट लगाया जाएगा।
इसके अलावा, हरियाणा में उपलब्ध बायोमास के हिसाब से क्लस्टर में बांटा गया है ताकि सभी प्लांटों को पर्याप्त इंधन मिल सके। इस समय प्रदेश में केवल एक प्लांट चालू है। हरियाणा सरकार इस योजना पर तेजी से काम कर रही है, संभावना है कि आगामी एक साल में 50 प्लांट शुरू हो जाएंगे। इससे किसानों को पराली जलाने से मुक्ति मिलेगी, बल्कि इसको बेचकर वे पैसा भी कमा सकेंगे।