‘दिव्य कुरुक्षेत्र’ विकसित करने की तैयारी, हरिद्वार की तर्ज पर बनेगा भारत माता का मंदिर
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हरियाणा सरकार एक बार फिर से गीता जयंती को लेकर भव्य आयोजन करने जा रही है। इसके साथ ही सरकार ने कुरुक्षेत्र के धार्मिक महत्व को देखते हुए जिले को अंतराराष्ट्रीय मानचित्र पर लाने की कवायद शुरू कर दी है। देश के अन्य धार्मिक स्थानों की तरह कुरुक्षेत्र को भी ऐतिहासिक महत्व के हिसाब से तैयार किया जाएगा।
इस कड़ी में कुरुक्षेत्र के साथ जुड़े अन्य धार्मिक महत्व वाले स्थान भी विकसित हो जाएंगे। यह खुलासा यहां पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किया। उनके साथ प्रधान सचिव राजेश खुल्लर भी मौजूद थे।
सीएम ने कहा कि यहां 5 एकड़ क्षेत्र में भारत माता मंदिर बनाया जाएगा। जिससे धर्मनगरी में आने वाले पर्यटकों को भारत दर्शन की झलक स्थायी रूप से देखने को मिल सके। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र को ‘दिव्य कुरुक्षेत्र’ के रूप में विकसित करने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ने की घोषणा भी की।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष उत्तराखंड भागीदार राज्य है। नेपाल को हमने राष्ट्र के तौर पर भागीदारी के लिए आमंत्रित किया है। जिसकी सहमति आनी बाकी है। ऑस्ट्रेलिया में मार्च, 2020 में गीता महोत्सव मनाया जाएगा, कनाडा ने भी गीता जयंती महोत्सव मनाने का प्रस्ताव हरियाणा सरकार को भेजा है। मुख्यमंत्री ने इस बात की भी जानकारी दी कि इस वर्ष गीता जयंती महोत्सव में 15 देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे है। इन देशों के राजदूत या कोई अन्य वरिष्ठ अधिकारी अपने देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
गीता जयंती महोत्सव विधिवत रूप से 23 नवंबर से आरंभ हो चुका है। मुख्य समारोह 3 से 8 दिसम्बर, 2019 तक रहेगा। गत वर्ष लगभग 30 लाख श्रद्धालु कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर पहुंचे थे। ज्योतिसर में पानी की निरंतर निकासी की व्यवस्था की गई है। भारत सरकार ने ब्रह्मसरोवर को स्वच्छ स्थल के रूप में शामिल किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य राज्यों को कुरुक्षेत्र में बह्मसरोवर के आसपास 1500 से 2000 वर्ग फुट का प्लॉट दिया जाएगा ताकि वे अपने राज्य का भवन बना सकें और वहां से आने वाले पर्यटक इन भवनों में ठहर सकें। उन्होंने कहा कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास 1500 वर्ग फुट का प्लॉट लिया है। उन्होंने बताया कि हर वर्ष की भांति इस बार भी गीता के 8 अध्यायों के 18 श्लोकों का 18 हजार विद्यार्थी एक साथ उच्चारण करेंगे। इस वर्ष 3 हजार अन्य व्यक्तियों को भी शामिल किया जाएगा।
केंद्र ने दी बड़ी रकम-
मुख्यमंत्री ने बताया कि केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय की कृष्णा सर्किट फेस-॥ ‘स्वदेश दर्शन योजना’ के तहत कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, जींद, मेवात तथा पानीपत जिलों के महाभारत से जुड़े 12 तीर्थस्थलों का जीर्णोद्धार के लिए 9706 लाख रुपये की राशि उपलब्ध करवाई गई है। इनमें अमीन, पिहोवा, गीता ज्ञान संस्थानम, ज्योतिसर में मूलभूत सुविधाएं, अष्ठ कोसी परिक्रमा, व्यास स्थली, फग्गू तीर्थ, रामहृदय तीर्थ राम राय, सोम तीर्थ पिडारा, सर्पदानम तीर्थ सफीदों तथा पाण्डव मंदिर मेवात व ट्रक्टौक यक्ष सींक शामिल है।