बड़ी घोषणा: बाजरा भी भावांतर भरपाई योजना में, 600 रुपये प्रति क्विंटल मिलेंगे, 25 प्रतिशत उपज खरीदेगी सरकारी एजेंसी
बाजरे को भावांतर भरपाई योजना में शामिल करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य बन गया है। 25 फीसदी उपज सरकारी एजेंसी खरीदेगी। किसानों को 600 रुपये प्रति क्विंटल भावांतर दिया जाएगा।
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हरियाणा सरकार ने बाजरा को भी भावांतर भरपाई योजना में शामिल कर लिया है। किसानों के हित में इस खरीफ सीजन से यह निर्णय लागू होगा। इसे लागू करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि बाजरे की खरीद के बारे में अनेक निर्णय लिए हैं।
बाजरे के औसत बाजार भाव और एमएसपी के अंतर को भावांतर माना जाएगा। मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकृत किसानों की फसल के सत्यापन बाद सही पाये गये किसानों को औसतन उपज पर 600 रुपये प्रति क्विंटल भावांतर दिया जाएगा। बाजरे के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 2250 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। उपज भाव को बनाए रखने के लिए बाजार भाव पर 25 प्रतिशत उपज सरकारी एजेंसी खरीदेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पड़ोसी राज्यों राजस्थान और पंजाब ने बाजरे का कोई एमएसपी घोषित नहीं किया है। इससे लगता है कि वे पहले की तरह इस बार भी बाजरे की खरीद नहीं करेंगे। ऐसे में इन राज्यों से बाजरा हरियाणा में आने की आशंका है। इसलिए हरियाणा के किसानों का ही बाजरा खरीदने के लिए भावांतर भरपाई योजना लागू की है। जिन्होंने ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा‘ पोर्टल पर पंजीकरण करवाया है, उनकी ही फसल खरीदी जाएगी।
खरीफ-सीजन 2021 में बाजरे के लिए 2 लाख 71 हजार किसानों ने मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाया है। इसमें से लगभग 8 लाख 65 हजार एकड़ भूमि पर बाजरा का सत्यापन हुआ है। खरीद शुरू होते ही किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 600 रुपये प्रति क्विंटल भावांतर औसत उपज के अनुसार भुगतान कर दिया जाएगा। यह भुगतान ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा‘ पोर्टल पर सत्यापित किसानों को ही किया जाएगा।
ये फैसले भी लिए गए
- इस सीजन में सरकार 5 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करेगी
- बाजरे के अतिरिक्त मूंग, मक्का और धान की खरीद 1 अक्तूबर से और मूंगफली की खरीद 1 नवंबर से शुरू होगी।
- पहली बार अरहर, उड़द और तिल की खरीद भी करने जा रही है, ये 1 दिसंबर से शुरू होगी
- किसानों को बाजरे के स्थान पर मूंग, अरहर, अरंडी, मूंगफली जैसी फसलें उगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। बाजरे का उत्पादन कम करने वाले किसानों को 4,000 रुपये प्रति एकड़ अनुदान दिया जाएगा
- प्रदेश में बाजरे की खरीद के लिए 86, मूंग की खरीद के लिए 38, मक्का के लिए 19 तथा मूंगफली की खरीद के लिए 7 खरीद केंद्र बनाए गए हैं। धान की खरीद के लिए भी 199 खरीद केंद्र बनाए गए हैं
- इसके अलावा 72 अतिरिक्त खरीद स्थलों की भी पहचान की गई है। यदि खरीद केंद्रों पर भारी मात्रा में आवक होगी, तो इन स्थलों का उपयोग धान की खरीद के लिए किया जाएगा