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हरियाणा: स्कूलों में बच्चों के लिए कक्षावार बनेंगे अलग-अलग रास्ते, एक सेक्शन में नहीं होंगे 30 से ज्यादा विद्यार्थी 

Tue, 13 Jul 2021 01:05 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 13 Jul 2021 01:05 PM IST
सार

स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि बच्चों का तापमान स्कूल के गेट पर ही जांचा जाएगा और कक्षावार सबका रिकॉर्ड कंप्यूटर में दर्ज होगा। स्कूली बच्चों को कोरोना से बचाव के लिए जागरूक किया जाए। हर स्कूल में कोरोना से बचाव की सामग्री बच्चों को वितरित करें।

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SOP for School Reopening: Haryana Govt Has Taken Important Decisions Before Opening Of Schools
स्कूल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा सरकार ने छठी से 12वीं के स्कूल खुलने से पहले कोरोना के मद्देनजर बच्चों की सुरक्षा के लिए अनेक अहम निर्णय लिए हैं। स्कूल बबल-1, बबल-2 के तहत बच्चों की पढ़ाई होगी। बच्चों के आवागमन के लिए कक्षावार अलग-अलग रास्ते बनेंगे। सभी कक्षाओं के बच्चों के लिए आने व जाने का रास्ता अलग-अलग होगा। स्कूल खुलने व बंद होने का सेक्शन अनुसार कार्यक्रम बनेगा। निदेशक सेकेंडरी जे. गणेशन व निदेशक मौलिक शिक्षा अंशज सिंह ने सोमवार को 16 जुलाई से नौवीं से 12वीं और 23 जुलाई से छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों के लिए खुलने जा रहे स्कूलों को लेकर वीडियो कांफ्रेंसिंग की। इसमें बच्चों की सुरक्षा मुख्य एजेंडा रही।

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बैठक में दोनों निदेशकों ने कहा कि स्कूल खुलने पर कोरोना के चलते एक सेक्शन में 30 से अधिक विद्यार्थी नहीं होंगे। हर स्कूल में दो शिक्षकों की ड्यूटी कोरोना मानकों का पालन कराने के लिए लगेगी। बच्चों का तापमान स्कूल के गेट पर ही जांचा जाएगा और कक्षावार सबका रिकॉर्ड कंप्यूटर में दर्ज होगा। स्कूली बच्चों को कोरोना से बचाव के लिए जागरूक किया जाए। हर स्कूल में कोरोना से बचाव की सामग्री बच्चों को वितरित करें। इसके लिए स्कूल स्तरीय कमेटी बनाई जाएं। 22 जुलाई से नौवीं से 12वीं के विद्यार्थियों के लिए आवासीय स्कूल खुल रहे हैं, वहां भी कोविड मानकों का कड़ाई से पालन करवाएं।

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स्कूल स्तरीय कमेटी
- अध्यक्ष, विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष।
- स्कूल मुखिया होंगे सदस्य सचिव।
- पीटीआई, डीपी के साथ दो शिक्षक प्रति सप्ताह सदस्य रहेंगे।
- एनसीसी, एनएसएस, स्कॉउट गाइट के विद्यार्थी भी होंगे सदस्य।
- सक्षम युवा, उसी गांव-कस्बे-वार्ड से सदस्य।
- कंप्यूटर अध्यापक, क्लर्क भी सदस्य।
- स्कूलों के सभी सदनों के अध्यक्ष इसके सदस्य होंगे।

इनका दायित्व
- स्कूल में विद्यार्थियों, अध्यापकों व अन्य आगंतुकों की सुरक्षा जांच (तापमान जांच), प्रवेश, निकास के प्रबंध सुनिश्चित करना।
- स्कूल प्रांगण, शौचालयों, बरामदों व अन्य भवनों को दिन में दो बार सैनिटाइज करवाना।
- प्रत्येक विद्यार्थी के लिए साबुन के साथ हाथ धोने की समुचित व्यवस्था करना, पानी की आपूर्ति करवाना।
- स्कूल में पठन-पाठन समय-सारिणी के अनुसार चलवाना।
- पूरे स्कूल की किसी भी कक्षा से आए कोविड मामलों पर त्वरित कार्रवाई करना, वांछित मेडिकल सहायता, परामर्श दिलाना।
- किसी भी लापरवाही के संज्ञान में आने पर समुचित कार्रवाई करना।
- एक बबल के विद्यार्थी दूसरे बबल के विद्यार्थियों के संपर्क में न आएं।
 
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