मोदी सरकार की धमकी पर हुड्डा ने दिया ऐसे जवाब
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हरियाणा सरकार ने हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (एचएसजीएमसी) एडहॉक का गठन कर इसके 41 सदस्यों के नामों की घोषणा आनन फानन में बुधवार देर शाम को की है। केंद्र के लगातार बढ़ रहे दबाव को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है।
दूसरी तरफ 26 जुलाई को हरियाणा के राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। चर्चाएं यह थीं कि नए राज्यपाल कहीं बिल को राष्ट्रपति के पास न भेज दें, लेकिन संसदीय कार्य मंत्री रणदीप सुरजेवाला ने सभी संभावनाओं से इनकार किया है।
उन्होंने बताया कि राज्यपाल ने विधेयक पर हस्ताक्षर कर उसे कानून का रूप दे दिया है। अब कमेटी के नामों की घोषणा करना सरकार का काम था, जो सरकार ने पूरा किया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के सिख अब गुरुघरों में सेवा और देखभाल का काम कर सकेंगे।
ये सदस्य अब हरियाणा के गुरुद्वारों की देखरेख और रखरखाव करेंगे। सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट एक्ट 2014 के तहत यह सदस्य अब हरियाणा के गुरुद्वारों का कामकाज संभाल सकते हैं।
कुरुक्षेत्र और पंचकूला में हेड आफिस
हरियाणा सरकार की ओर से एडहॉक कमेटी के नामों की घोषणा के साथ ही कमेटी के लिए संघर्ष कर रहे हरियाणा के सिखों को राहत मिल गई है। सरकार के अधिनियम के तहत जब तक नई कमेटी का चुनाव नहीं हो जाता तब तक यह कमेटी राज्य के गुरुद्वारों का प्रबंधन और कार्यभार देखेगी।
उधर, सिख नेता जगदीश सिंह झींडा ने बताया कि सरकार ने 41 सदस्यों के नामों पर मुहर लगा दी है। इसके बाद सरकार की तरफ से संबंधित डीसी को पत्र भेजा जाएगा।
डीसी सभी सदस्यों की राय लेकर कार्यकारी समिति का गठन करेंगे। अभी तक कुरुक्षेत्र और पंचकूला में हेड आफिस बनाए जाने का प्रावधान किया गया है। जबकि जींद में सब कमेटी का प्रावधान है। हम चाहते हैं कि हेड आफिस कुरुक्षेत्र में हो, बाकी सबकी राय के बाद ही अंतिम निर्णय होगा।
28 तक गुरुद्वारों का कार्यभार मिल जाए
झींडा ने कहा कि डीसी सदस्यों की बैठक कर कार्यकारी समिति की घोषणा करेंगे। कमेटी में 6 कार्यकारी सदस्य होंगे। पांच ओहदेदार प्रधान, वरिष्ठ उप प्रधान, उप प्रधान, महासचिव और संयुक्त सचिव होंगे। बाकी 30 कमेटी के सदस्य होंगे।
उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के अंदर डीसी को बैठक बुलानी होती है, लेकिन हम चाहते हैं कि 28 जुलाई से पहले हमें गुरुद्वारों का कार्यभार दे दिया जाए। यदि तब तक एसजीपीसी नेताओं ने गुरुद्वारों से कब्जा नहीं छोड़ा तो 28 जुलाई की करनाल अधिवेशन में निर्णय लिया जाएगा।
ये हैं इकतालीस सदस्यीय कमेटी में शामिल
इस इकतालीस सदस्यीय सूची में जगदीश सिंह झींडा, दीदार सिंह नलवी, भूपेंद्र सिंह असंध, हरपाल सिंह मछोंडा, बाबा गुरमीत सिंह त्रिलोकीवाला, अवतार सिंह चक्कू, स्वर्ण सिंह रतिया, जोगा सिंह यमुनानगर, भूपेंद्र सिंह जौहर, अमरीक सिंह जनैतपुर, जसबीर सिंह खालसा, निरवैल सिंह, जगदेव सिंह मथाडू़, सरताज सिंह, मनजीत सिंह डाचर, जसविंदर सिंह, अजमेर सिंह सैनी, हरप्रीत सिंह नरुला, सुरजीत सिंह एडवोकेट, सुरिंदर सिंह शाह, मास्टर संपूरन सिंह, जसकीर सिंह भटटी, करनैल सिंह निमनाबाद, अपार सिंह कुरुक्षेत्र, बलदेव सिंह बल्ली गोविंदपुरा, हाकम सिंह, गुरचरन सिंह चीमो, हरचरन सिंह राठौर, चंदीप सिंह खुराना, जीत सिंह खालसा, मोहनजीत सिंह पानीपत, जगजीत सिंह मथारू, बलवंत सिंह फौजी, सतपाल, अमरिंदर सिंह अरोड़ा, मंजीत सिंह,प्रभजीत सिंह, बाबा बलजीत सिंह दादोवाल, सरदारनी राना भटटी, जसवंत सिंह और मछिंदरपाल सिंह का नाम शामिल है।