36 हजार छात्रों को हरियाणा सरकार ने दी बड़ी राहत, शिक्षा लोन का तीन महीने तक ब्याज खुद भरेगी
- 36 हजार विद्यार्थियों को 40 करोड़ रुपये का होगा फायदा
- शिशु योजना के कुल ब्याज में से दो फीसदी सरकार करेगी वहन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा सरकार ने शिक्षा लोन लेकर पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है। शिक्षा लोन का तीन महीने का ब्याज माफ कर दिया गया है। इससे 36 हजार विद्यार्थियों को 40 करोड़ रुपये का लाभ होगा। सीएम मनोहर लाल ने आज एक कार्यक्रम में इसकी घोषणा की।
उन्होंने कहा कि ऐसे कई विद्यार्थी हैं, जिन्होंने अपनी शिक्षा के लिए ऋण लिया हुआ है। ऐसे सभी विद्यार्थी, जो इस वर्ष अपनी शिक्षा पूर्ण करने वाले हैं या जिन्होंने पिछले वर्ष अपनी शिक्षा पूर्ण कर ली लेकिन महामारी के कारण नौकरी अथवा व्यवसाय शुरू नहीं कर पाए हैं, उनके शिक्षा ऋण के तीन महीने के ब्याज का भुगतान हरियाणा सरकार करेगी।
इससे लगभग 36 हजार विद्यार्थियों को 40 करोड़ रुपये का लाभ पहुंचेगा। केंद्र सरकार के मुद्रा लोन की ‘शिशु योजना’ के तहत 50 हजार रुपये तक की लोन राशि के कुल ब्याज में से दो प्रतिशत ब्याज हरियाणा सरकार वहन करेगी। इस ऋण के लिए उन्हें किसी भी प्रकार के कोलेटरल देने की आवश्यकता नहीं होगी।
यह भी पढ़ें- अनिल विज बोले- हरियाणा सरकार नहीं शुरू करेगी अंतरराज्यीय बस सेवा, सीएम भी इस पर सहमत
योजना के तहत हरियाणा के पांच लाख लोगों को ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन लाख गरीब लोगों को अपना छोटा-मोटा धंधा शुरू करने के लिए 15 हजार रुपये तक ऋण केवल दो प्रतिशत ब्याज पर हरियाणा सरकार देगी। ये ऋण डीआरआई योजना के तहत दिलवाए जाएंगे, जिसमें बैंक चार प्रतिशत ब्याज लेते हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीने से कोरोना महामारी के कारण आर्थिक गतिविधियां सीमित हो गई हैं। परिणामस्वरूप न केवल परिवारों की आमदनी प्रभावित हुई है, बल्कि सरकार के राजस्व में भी अत्याधिक कमी आई। बावजूद इसके पिछले तीन महीनों में 15 लाख 9 हजार 108 परिवारों को 636 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई है।
यह राशि लाभार्थियों के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी को भी भूखा न सोने देने व अंत्योदय के संकल्प को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 27 लाख से अधिक परिवारों को नि:शुल्क राशन निरंतर उपलब्ध करवाया है। इसके अतिरिक्त तीन लाख 70 हजार 925 परिवार को बिना राशन कार्ड के नि:शुल्क राशन दिया।
अब तक दो करोड़ 62 लाख खाने के पैकेट तथा 12 लाख 22 हजार से अधिक सूखे राशन के पैकेट भी वितरित किए हैं। हरियाणा में लाखों प्रवासी मजदूर कार्य कर रहे हैं, जो लॉकडाउन के कारण अपने मूल प्रदेशों में वापस जाना चाहते हैं। उनके लिए हमने बसों एवं ट्रेनों की नि:शुल्क व्यवस्था की है। अब तक हरियाणा से कुल 53 ट्रेन एवं 4257 बसों से दो लाख से अधिक मजदूर गंतव्य स्थल तक पहुंचाए जा चुके हैं।
पिछले तीन महीने के दौरान मजदूरों के लिए 600 से अधिक शेल्टर होम्स भी चलाए जा रहे हैं, ताकि उन्हें किसी भी तरह की दिक्कत न हो। उन्होंने कहा कि 18 मई से लॉकडाउन में कई प्रकार की रियायत के साथ आर्थिक गतिविधियों की अनुमति दी है। अब एक तरह से अर्थव्यवस्था की गाड़ी को हरी झंडी दिखा दी गई है। हालांकि अनेक व्यावसायियों को अपना काम पुन: शुरू करने के लिए सरकारी सहायता की आवश्यकता है।
कर्ज के लिए पोर्टल बनेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यवसायों को दोबारा शुरू करने के लिए बैंक सर्वोपरि दायित्व निभाएंगे। विभिन्न बैंकों से ऋण लेने के लिए आवेदकों को अक्सर विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए ऋण आदि के आवेदन के लिए पोर्टल बनाने जा रहे हैं। जहां पर किसी भी बैंक से किसी भी तरह के लोन के लिए आवेदन किया जा सकता है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि ऐसे सभी लोन आवेदन बैंक बिना देरी के स्वीकृत करें। हरियाणा सरकार किसान, मजदूरों, गरीब, व्यावसायी और उद्यमियों के लिए केंद्र के पैकेज के अलावा प्रदेश सरकार अपने स्तर पर कुछ अन्य योजनाएं भी चलाएगी।