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Haryana News: पंचायत प्रतिनिधियों को हरियाणा सरकार का एक और झटका, भुगतान रोकने की शक्तियां भी घटाईं
Fri, 20 Jan 2023 01:17 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 20 Jan 2023 01:17 AM IST
सार
अगर सरपंच सात दिनों में अदायगी नहीं करते हैं तो ग्राम पंचायत के बजाय संबंधित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) द्वारा भुगतान किया जाएगा। इसी प्रकार, अगर पंतायत समिति में डीडीओ द्वारा सात दिनों में भुगतान नहीं किया जाता तो मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद अदायगी करेगा।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : istock
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विस्तार
हरियाणा सरकार ने पंचायती राज प्रतिनिधियों को एक और बड़ा झटका दिया है। अब ग्राम पंचायत सरपंच, ब्लाक समिति और जिला परिषद चेयरमैन सिर्फ एक सप्ताह तक ही ठेकेदारों का भुगतान रोक सकेंगे। अगर एक सप्ताह में ठेकेदारों की राशि का भुगतान नहीं करते हैं तो संबंधित अधिकारियों के पास यह अधिकार चला जाएगा और वह अधिकारी ठेकेदार का भुगतान करेंगे।
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पहले सरपंच, ब्लाक समिति और जिला परिषद चेयरमैन के पास कार्य से संतुष्ट नहीं होने पर लंबी अवधि के लिए भुगतान रोकने की शक्ति थी। अब सरकार ने राशि भुगतान के लिए जन प्रतिनिधियों के लिए समय अवधि तय कर दी है। माना जा रहा है कि इससे पंचायत प्रतिनिधियों का आंदोलन और बढ़ सकता है। इस संबंध में गुरुवार को विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर से अधिसूचना जारी की गई है।
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अधिसूचना के अनुसार, 25 लाख रुपये तक अदायगी के लिए उपमंडल अधिकारी (एसडीओ) बिल बनाकर और वेरिफाई करके संबंधित पंचायती राज संस्था के वितरण अधिकारी को भेजेगा, जो बिल को पास करके ठेकेदार के बिल की अदायगी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सात दिनों में करेगा।
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अगर सरपंच सात दिनों में अदायगी नहीं करते हैं तो ग्राम पंचायत के बजाय संबंधित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) द्वारा भुगतान किया जाएगा। इसी प्रकार, अगर पंतायत समिति में डीडीओ द्वारा सात दिनों में भुगतान नहीं किया जाता तो मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद अदायगी करेगा।
वहीं, जिला परिषद का डीडीओ इसी अवधि में ठेकेदार का भुगतान नहीं करता है तो संबंधित उपायुक्त के पास यह अधिकार चला जाएगा। वहीं, 25 लाख रुपये से अधिक राशि का बिल उपमंडल अधिकारी, पंचायती राज (एसडीओ) द्वारा कार्यकारी अभियंता को भेजा जाएगा, जो इसे सत्यापन करके संबंधित पंचायती राज संस्था के डीडीओ को अदायगी के लिए भेजेगा।