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हरियाणा: 2.72 करोड़ रुपये में खरीदी थी रामदेव की एक लाख कोरोनिल किट्स, ठीक होने वालों का रिकॉर्ड नहीं
Tue, 10 Aug 2021 04:50 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 10 Aug 2021 04:50 PM IST
सार
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान हरियाणा सरकार ने पतंजलि की एक लाख कोरोनिल किट्स खरीदी थी। पतंजलि ने सरकार को 50 फीसदी की छूट भी दी थी। अब आरटीआई में खुलासा हुआ है कि सरकार के पास कोरोनिल से ठीक होने वालों का रिकॉर्ड नहीं है।
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कोरोनिल
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
आरटीआई में खुलासा हुआ है कि योग गुरु रामदेव की बहुचर्चित कोरोनिल किट के कोरोना मरीजों के उपचार में प्रभावी होने का कोई रिकॉर्ड हरियाणा सरकार के पास नहीं है। हालांकि कोरोना महामारी को हराने के लिए प्रदेश सरकार ने योग गुरु रामदेव की एक लाख बहुचर्चित कोरोनिल किट खरीदी थी। इन किट्स की खरीद पर कोरोना रिलीफ फंड से 2.72 करोड़ रुपये खर्च किये गए हैं।
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पानीपत के आरटीआई कार्यकर्ता पीपी कपूर ने गत 28 मई को आयुष विभाग निदेशालय में आरटीआई दायर की थी। विभाग के जन सूचना अधिकारी एवं अधीक्षक ने तीन अगस्त के अपने पत्र में राष्ट्रीय आयुष मिशन के राज्य प्रभारी डॉ. गुलाम नासिर के हवाले से सूचनाएं दी हैं।
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इसमें बताया गया कि कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में कोरोनिल किट के उपयोगी होने के बारे कोई टेस्ट व जांच रिपोर्ट आयुष विभाग में नहीं है। कोरोनिल किट्स के उपयोग से कोरोना निगेटिव हुए मरीजों की सूची व संख्या का कोई रिकॉर्ड भी नहीं है। सरकार ने कोरोना रिलीफ फंड से 2,72,50,000 रुपये में एक लाख किट्स खरीदी थी।
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इस खरीद में कंपनी ने मार्केट में 545 रुपये में बिकने वाली प्रति किट पर 50 फीसदी छूट भी सरकार को दी। खरीद के लिए गठित विभागीय तकनीकी कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि कोरोनिल किट में गिलोय ,अश्वगंधा, तुलसी और अन्य बूटियां इम्युनिटी बढ़ाने वाले तत्व मौजूद हैं जो कि कोरोना मरीजों के लिए उपयोगी हो सकते हैं। आरटीआई कार्यकर्ता पीपी कपूर ने कहा कि जब सरकार के पास कोरोनिल किट के कोरोना मरीजों पर प्रभावी होने की कोई रिपोर्ट ही नहीं है तो क्यों मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है।